Author Topic: Poem & Article written by Himansu Purohit-हिमाँशु पुरोहित की लिखी कविताये एव ले  (Read 120739 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
कन ह्वलु जब ................?

जब पितरों कि बसायूँ मुल्क हम छ्वॊड़ी , बिरड़ी जाला
जब गौं बोडी क द्वार-म्वोर बंद दिख्याला
जख खोलों कु छिबराट , सूणु घाट ह्वै जालू
जख पन्देरों कु छछराट , रीतू धारू ह्वै जालू

जरा स्यां स्वौचा भै-बंधों ,कन ह्वलु ?

जब पठालीदार कूड़ों मा खोड़ बिजी जालौ
जब सगोडु मा का माटा मा भंगुलु जमीं जालौ
जख धार मा कु बथौं यकुली पड़ी जालौ
जख उफरें मा कु मंदिर भि सुनसाण रयि जालौ

जरा स्यां स्वौचा दीदी -भुलियों ,कन ह्वलु ?

जब पैता परे ब्योली गि सजी ड्वोलि णि ह्वोलि
जब मैत कि धियाण मैत बोड़ी णि आली
जख बाळपणै समलौण अधबाटा मा बिरडी जालि
जख स्कूलिया दिनौ कि खुद रीता स्कूलों मा हर्ची जालि

जरा स्यां स्वौचा हे चुचों ,कन ह्वलु ?

: हिमांशु पुरोहित " सुमाईयां "

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

  • Core Team
  • Hero Member
  • *******
  • Posts: 40,912
  • Karma: +76/-0
ढोल -दमो गि  छुई क्या लाण ,अब बैंड -बाजा बजौणा दिन ऐग्यां ,
 मंडाण लगाणा दिन छ्या कभि , अब डिस्को लगौणा दिन ऐग्यां ,
 
 घौर -कुड़ी सल्योणा दिन छ्या कभि , अब घौर -खुटियौणा दिन ऐग्यां
 गौं -गौलियों मा राष्याँण छई कभि , ताख समसाण दिख्याणा दिन ऐग्यां
 
 सारी -पुंगड़ी मा मौल्यार छई कभि जख ,अब भंगुलु जमणा क दिन ऐग्यां
 कुलें -बाँझ का बूण छ्या जख , ताख क्वीला जगौणा दिन ऐग्यां
 
 गौला मा गुलबंद छ्यो जख, अब नेक्लेश ब्वणा दिन ऐग्यां
 हातों मा धगुली छई जख अब ब्रेसलेट ब्वणा दिन  ऐग्यां
 
 ऊँची -निसि डांडी -कांठी छे जख , तौं अब माउंटेन ब्वणा  दिन ऐग्यां
 नौला -धारा कु पाणी छयो जख , तौं भि अब फाउंटेन ब्वणा दिन ऐग्यां
 
 रात डांडी -कांठी जख गैणा जन चमकदि छई , तख अब रांकु बुझौणा दिन ऐग्यां
 कनि रैणी पोड़ी म्यर पहाड़ पर , कनु इकुलाँस  ह्वे ह्वलू म्येरु पहाड़ झर। …।
 
                                   :हिमांशु पुरोहित "सुमांईया "3Like ·  · Share

 

Sitemap 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22