पहाड़ में होली की धूम मची छो.
होलियार गैनी होली और लोग बीच-२ में लोग करनी थेटर (स्वांग)!
एक बार हमर गौ में एक सूबेदार साब क थेटर बनाई गे ! क्यों की सूबेदार साहब ले एक बार अपुन द्वि बल्दो के मोटा होल के भे, यूरिया खाद खिला दी! द्वि बलद मी बाटी एक एक तो बच गयी, पर दुसर बलद यूरिया खा भे, मर गयी और मोट हो गयी उसा भे!
यह हास्य नाटक सूबेदार साब पर बांयी गयी! द्वि नानतिन के पारद में चीनी खिलाई गयी फिर देखो हास्य स्वांग