अनिल सिंह मेहरा कुमाऊंनी with Mahendra Thakurathi and 20 others
September 3 at 7:10pm
आऔ दगडियो जरा आपु दूधबोली भाषा रंगत लिनु ,,,,,,
हम स्याण नैतन हम नानतिन छन
हम बस हंसण जाननु हम खेलण जाननु
हम सबो दगोड जाननु हम प्यार प्रेम झगोड़ जाननु
हम उभत्ती डाढ़ उभत्ती प्यार जाननु किले की
हम स्याण नैतन हम नानतिन छन ,,,,
हम भेद भाव नी पछ्याणन हम नान ठुल नी जाणन
हम म्योस जाणनु हम दगोड़ में लक्ष्मण रेखा नी जाणन
हम नारंगी दाणी ले बार फिस बनूनो किले की
हम स्याण नैतन हम नानतिन छन ,,,
हम सबो लिजी सोचनु सबो के आपन खेल में धरनु
कगै घ्वड़ बनूनो कगै शेर कगैजी बाघ बनूनो
हम आपु खेलडी़ चीज आपस में बाट दिनु किले की
हम स्याण नैतन हम नानतिन छन
हमोर खेल में च्यैली लै रूनी हम राज वू रानी बननी
वूनको ले बरोबरी सम्मान मिलु वू ले हमो पे राज करनी
हम तो रात्ती दोफरी ब्याव हसनें में रूनो किले की
हम स्याण नैतन हम नानतिन छन ,,,
हम कैके लिजी गलत नी सोचन
हमोर दगडि कै चोट लागे हम पीड़ जस चितुनो
हमोर ऐक दगडि खेलहु नी आलो हम वी घर जै उनो
हम आपस में ऐक बन बैर खूब प्यार बाटन छन किले की
हम स्याण नैतन हम नानतिन छन
हम कभी झूठ नि बुलान हम कभी चोरी नी करन
हम कभी ध्वाख नी दिन कभी दिल नी दुखोन
हम कभी शराब पी बैर मैसो मैं आपु स्याणो नौ नी बिगोन
हमोर तन मैल कुचैल रू पर हमोर मन गंगा जल जै साफ रू किले की
हम स्याण नैतन हम नानतिन छन
हम आई ले आपु ईजै काखी में सितनु
हम आई ले आपु बाज्यु कानी मैं बैठनु
हम आई ले आपु दीदी दगै उछ्यात करनु
हम आई ले उणी जाणी मैसो हैं बुले जानु किले की
हम स्याण नैतन हम नानतिन छन ,,,,
हम कभी कैके नोक नी चान ये लिजी मैस हमहो कुनी नान भगवान ,,,
हम आज ऐक बात सबो कै बतुनो कभै ले स्याण नी बणो ,,,
आपु रिस्तो में दगोड में परिवार में नानतिनो रंग भरो किले की
हम स्याण नैतन हम नानतिन छन,,,,,,,
कुंमाऊनी ,,,,,