गढ़वाली कुण्डलियाँ {गढ़वलिम}
{On : भाबिन बोली भैजी मा }
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भाबिन बोली भैजी मा
तुम थैं म्यारा सौं ।
तुम पच्छिन्डि कै द्या अब
तै दारू का नौ ॥
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तै दारू का नौ
ठ्यक्का भी बंद हूंणाना ।
किस्तू मा ही सही
शराब अब बंद कनाना ॥
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ब्वल्द कृष्ण ममगाईं
पूरा ह्वाला कै दिन ।
सरकरि वादा जांकु
भोट दे छै वीं भाबिन ॥ {*१५*}
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Of and By : कृष्ण कुमार ममगांई
ग्राम मोल्ठी, पट्टी पैडुल स्यूं, पौड़ी गढ़वाल
[फिलहाल दिल्लि म] :: {जै भैरव नाथ जी की}