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क्या टिहरी बांध से बनने वाली बिजली मै उत्तराखंड का मौलिक हक़ है?

Yes
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Voting closed: August 02, 2010, 10:29:11 AM

Author Topic: टिहरी बांध से बनने वाली 25 फीसदी बिजली पर उत्तराखंड का मौलिक अधिकार  (Read 3683 times)

Lalit Mohan Pandey

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  उत्तराखंडी साथियों,  हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी ने केंद्र सरकार के सामने माग रही है की टिहरी   बांध से बनाने वाली बिजली मै उत्तराखंड का मौलिक हक़ है और उसे इसमें २५% का हिस्सा   मिलना चाहिए.   आप इस माग से कितने सहमत है, किर्पया अपने विचार यहाँ रखे.     धन्यवाद  ललित मोहन पाण्डेय 

Lalit Mohan Pandey

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News from जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली/देहरादून
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने हक की बिजली   मांगकर उत्तर प्रदेश के साथ विवाद की नींव रख दी है। टिहरी बांध से बनने   वाली 25 फीसदी बिजली पर उत्तराखंड का मौलिक अधिकार बताते हुए उन्होंने   बुधवार को ऊर्जा मंत्री सुशील शिंदे से मिलकर उत्तराखंड का हक दिलाने की   जोरदारी से मांग की। बिजली संकट से कराह रहे राज्य की जरूरतें पूरी करने के   लिए निशंक ने न सिर्फ बिजली मांगी, बल्कि पिछले चार साल में उत्तर प्रदेश   को हुए मुनाफे को भी वापस उत्तराखंड को दिलाने की मांग भी की।    निशंक के आक्रामक तेवर इस बात को बयान करने के  लिए काफी थे कि उत्तराखंड   बिजली संकट से किस कदर त्रस्त है। शिंदे से उन्होंने सबसे पहले तो चारधाम   यात्रा के लिए 256 मेगावाट बिजली तत्काल उपलब्ध कराने का आग्रह किया।   फिलहाल चारधाम यात्रा के लिए केंद्र 63 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध करा पा रहा   है। उन्होंने पाला मनेरी व भैरोंघाटी पावर प्रोजेक्ट पर्यावरणीय कारणों से   रोकने पर उत्तराखंड को दो हजार मेगावाट बिजली निशुल्क उपलब्ध कराने का भी   अनुरोध किया है। सीएम ने गैस आधारित विद्युत परियोजनाओं के लिए आवश्यक छह   एमएमएससीएमडी गैस का आवंटन करने की बात भी कही। निशंक का सबसे ज्यादा जोर   टिहरी बांध से बनने वाली बिजली पर था, जिसका 25 फीसदी हिस्सा उत्तर प्रदेश   को मिल रहा है। उन्होंने इस हिस्से पर उत्तराखंड का हक जताते हुए इसे   उत्तराखंड को दिलाने की मांग रखी। निशंक ने ऊर्जा मंत्री को उत्तर प्रदेश   पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 47 (3) का हवाला दिया। इसमें व्यवस्था है कि   नया राज्य बनने से पहले उत्तर प्रदेश ने जो भी निवेश किया है, यदि उस   उपक्रम या कंपनी का मुख्यालय उत्तराखंड में पडे़गा तो उस पर हक वहीं का   होगा। इस लिहाज से उत्तर प्रदेश को टिहरी परियोजना उत्तराखंड को हस्तांतरित करनी चाहिए। 2006 में इस बांध से 1000   मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हुआ था, लेकिन पुराने करार के लिहाज से   उत्तर प्रदेश को इसकी 25 फीसदी बिजली मिल रही है। निशंक ने कहा कि इस बिजली   पर उत्तराखंड का हक है। ऊर्जा मंत्री ने गृह मंत्रालय के समक्ष यह मुद्दा   ले जाने की बात कही तो निशंक ने कहा कि गृह मंत्रालय की भूमिका तब शुरू   होती है जब दोनों राज्यों के बीच कोई विवाद हो। हमें टिहरी बांध से 250   मेगावाट बिजली मिले, क्योंकि हर साल बिजली की खपत 14 फीसदी बढ़ रही है।   इसके अलावा 2008-09 तक इस परियोजना से उत्तर प्रदेश को लाभ के रूप में मिले   करीब 72 करोड़ रुपये पर भी निशंक ने उत्तराखंड का दावा ठोका। मुख्यमंत्री   ने कहा कि वह भी हमें दिलाया जाना चाहिए। यह पूछने पर कि इस पुराने हक की   याद अब क्यों आई? उनका जवाब था कि पहले इस बारे में ध्यान नहीं गया होगा,   लेकिन जो हमारा हक है, उसे तो हम लेंगे ही। नई टिहरी में अवस्थापना   सुविधाओं में खर्च हुए 73 करोड़ रुपये में से बचे 58 करोड़ रुपये भी   उन्होंने दिलाने की मांग की।

dayal pandey/ दयाल पाण्डे

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Jai ho urja pradesh ki urja ke haalat ko dekhate hua mukhya mantri main urja aaye,

Lalit Mohan Pandey

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साथियों,  इस विषय मै मेरा अपना मानना बिलकुल साफ है की ये एक बहुत ही जायज माग है जो की   उत्तराखंड बनते ही उठानी चाहिए थी, लेकिन हमारे आज तक की जितने भी मुख्यमंत्री हुए   वो न तो केंद्र सरकार से टकराव लेने की हिम्मत दिखा सके न ही उत्तर प्रदेश  सरकार   से.  इस लिहाज से हमें, हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी को शाबाशी देनी होगी की   उन्होंने इस मुद्दे को उठाया है और इसके लिए पर्यास कर रहे है. मै आशा करता हु की   हमारे माननीय सभी सांसद भी इस मुद्दे पर राजनीती से उप्पर उठ कर मुख्यमंत्री जी का   साथ देंगे और केंद्र मै दबाव बनायेंगे.     ललित

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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See the news below.

Even CM of Uttarakhand has also requested Cetnre for the same.

Nishank seeks 2000 MW additional power from Centre

Dehradun, June 3 -- In a bid to protest against the recent decision of the Union Government decision, in which they have scrapped two hydro power projects of the Uttarakhand Government, Chief Minister Ramesh Pokhriyal Nishank has demanded 2000 MW additional power from the Centre.

To expedite his claim he met Union Power Minister Sushil Kumar Shinde at his office in Delhi on Wednesday. In which he also demanded 25 per cent power share in Tehri Hydro Power Corporation, which is currently being shared between Uttar Pradesh and Uttarakhand.

During meeting he also demanded that Union Government should allocate them additional energy, which they had allocated to the State Government during Kumbha Mela-2010, to the State to cope up with energy demand on Char-Dham Yatra route.

Talking about recent order of Union Government to scrap State's two power projects, Pala Maneri and Bhaironghati, Chief Minister said that if Union Government takes it in view of environment then they should give 2000 MW additional energy free of cost to the State. You also sanctioned six MMSCMD gas to set up energy based power plant in the State and also sanctioned coal block on the pattern of other states.

During meeting Dr Nishank strongly talked about 1000 MW Tehri Hydro power projects and 25 per cent power was allocated to then UP government. As per the UP Reorganization Act-2000 Section 4 (3) whatever commitments were made by the government before inception of Uttarakhand will be transferred to the state wherever the company's head office would be situated. In view of this 25 per cent power allocation should be made to the Uttarakhand. Till 2008-09 UP government has taken benefit of Rs 71.90 crore as royalty from Tehri so the money should be reallocated to Uttarakhand immediately.

For the development of New Tehri infrastructure Rs 78 crore were spent and Rs 58 crore yet to receive by the state so he requested to make arrangement of the money on union government level. State power demand is increasing by 14 per cent annually. At present state gets 43 per cent energy from state, union government and private enterprises and making arrangement from buying energy, overdrawing and banking.

State is getting mere 83 million unit power from all sources including state, union and private power projects and also buying energy & overdrawing from central pool and banking with other states. Later Shinde assured that he would do something concrete to sort our state grievances. Published by HT Syndication with permission from Pioneer. For more information on news feed please contact Sarabjit Jagirdar at htsyndication@hindustantimes.com
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The Pioneer (India)

http://www.hydroworld.com/index/display/news_display.1197865666.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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There is power sharing issue wit the Centre also. Once I was watching in ETV. All these facts were shown by them. They also mentioned that UK some parts of electricity goes to Himanchal for which UK Govt never put any claim.

Lalit Mohan Pandey

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Mujhe lagta hai hamari sarkar ye bhool jati hai ki "Jab tak bachcha rota nahi, ma bhi dhoodh nahi pilati"... We need to put our foot strongly and demand for our dues... Jab hamare yaha pe hi light ki itni problems ho rahi hai to how can we quietly allow other states to take our share... This is not only the question of light... there are other issues also like water, forest etc... UP has been illegally and unethically keeping his hold on all these things.. I strongly feel that our government and all the of our representative should demand this in one voice and force center to intervene in  it. In the same time I request all forums, NGO's and other social activists.. please spread awareness regarding this and lend full support to government on this demand.

 

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