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Mahakumbh-2010, Haridwar : महाकुम्भ-२०१०, हरिद्वार

Started by हेम पन्त, November 21, 2009, 10:27:04 AM

Devbhoomi,Uttarakhand

महाकुंभ के आगाज की उल्टी गिनती शुरू

हरिद्वार। ठीक एक माह बाद महाकुंभ में मकर संक्रांति का पहला स्नान होगा। यानि महाकुंभ का विधिवत आगाज हो जाएगा। मेला प्रशासन के लिए पल-पल का समय कीमती हो गया है। कुंभ के अधिकांश स्थायी कार्य पूरे होने को हैं, इसलिए अब अस्थायी कार्यो को पूरा करने में मेला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है।

महाकुंभ का आगाज अगले महीने मकर संक्रांति के पहले स्नान से होने वाला है। इसलिए अब केवल एक माह का वक्त देखते हुए मेला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कुंभ के तहत शासन से स्वीकृत 327 करोड़ के स्थायी कार्यो को अंतिम रूप देने को तो लगातार समीक्षा का दौर चल ही रहा था, लेकिन अब मेला प्रशासन का सारा ध्यान करीब 117 करोड़ रुपये की लागत से कराए जाने वाले अस्थायी कार्यो पर जम गया है।

इन कार्यो में मेला क्षेत्र में कैंप स्थापना, अस्थायी वाटर व सीवर लाइन, बड़ी तादाद में अस्थायी शौचालय निर्माण, राशन, बिजली आदि के काम शामिल हैं। इसलिए मेला प्रशासन ने भूमि आवंटन का काम तेज कर दिया है। वैरागी कैंप और महामंडलेश्वर नगर में भूमि का समतलीकरण और चिह्नीकरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। सभी स्थानों पर मेला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों व मेला पुलिस के कैंपों की स्थापना का काम भी तकरीबन अंतिम चरण में है


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6026330.html

Devbhoomi,Uttarakhand

हर की पैड़ी पर मंडरा रहा खतरा

हरिद्वार। महाकुंभ को लेकर सुरक्षा चौकन्नी है। आतंकी गतिविधियों से निपटने की पूरी तैयारी है। हर आम ओ खास पर नजर रखी जाएगी लेकिन खतरा तो सिर पर है, जिसे अब तक मेला सुरक्षा नजरअंदाज कर रही है। यह खतरा है जर्जर भवनों पर लगे विशालकाय होर्डिग्स, जो यदि कुंभ के दौरान भीड़ में किसी भी कारणवश गिर गये तो भगदड़ थामे न थमेगी। करीब दो करोड़ रुपये के इस अवैध कारोबार में अफसरों की मिलीभगत के कारण इन्हें हटाया नहीं जा सका है।

महाकुंभ में सुरक्षा इंतजाम प़ुख्ता करने के लिए केंद्र से लेकर पड़ोसी प्रदेशों से भी सुरक्षा बल आएगा। अत्याधुनिक हथियारों, प्रशिक्षण और साजो सामान से सुरक्षा को लैस किया जा रहा है। आतंकी गतिविधियों पर पूरी निगाह रखी जा रही है। यह सब तैयारी सिर्फ इसलिए ताकि महाकुंभ के दौरान कोई हादसा न हो। किसी प्रकार की अफवाह न फैले और किसी भी दशा से निपटा जा सके, लेकिन एक बड़ा खतरा उस हर की पैड़ी के सिर पर मंडरा रहा है जो कुंभ में सबसे ज्यादा भीड़ और आकर्षण का केंद्र होगी। इस खतरे की वजह बनेंगे जर्जर भवनों पर लगे अवैध होर्डिग्स।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6032621.html

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टिहरी बांध करेगा कुंभ को रोशन

हरिद्वार। महाकुंभ के दौरान 27 मिलियन यूनिट बिजली की जरूरत होगी। इसकी आपूर्ति को ऊर्जा निगम पूरी तरह टिहरी बांध पर निर्भर रहेगा। कुंभ में निर्बाध आपूर्ति को बांध प्रशासन ने फिलहाल उत्पादन स्थिर कर दिया है। यह कवायद बांध के रिजर्व लेवल को बरकरार रखने के लिए की गई है।

हाड़ कंपा देने वाली ठंड आरंभ हो गई है। ऐसे में नदियों में बर्फ जमने का क्रम भी शुरू हो गया है। इसका सीधा असर विद्युत उत्पादन पर पड़ रहा है। हालांकि ऊर्जा निगम विद्युत कटौती कर मांग और वितरण के अंतर के बीच सामंजस्य बैठाने की भी कोशिश कर रहा है।

भले ही लोगों को विद्युत कटौती की मार झेलनी पड़ रही है, लेकिन महाकुंभ के दौरान कुंभ नगर के लोगों को इस तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए निगम अभी से तैयारियों में जुट गया है। बता दें कि महाकुंभ के दौरान 27 मिलियन यूनिट बिजली की जरूरत पड़ेगी।

इस मांग को टिहरी बांध पूरा करेगा। इसके लिए ऊर्जा निगम के अधिकारी बांध प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। टिहरी बांध के परियोजना निदेशक एएल शाह ने बताया कि फिलहाल पानी का रिजर्व लेवल 812 मीटर है। वर्तमान में 6.5 मिलियन विद्युत उत्पादन किया जा रहा है।

Source dainik jagran

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महाकुंभ:1.88 करोड़ से होगा मंदिरों का सौंदर्यीकरण

हरिद्वार। महाकुंभ में आने वाले यात्रियों को शहर के प्रमुख मंदिर सुसज्जित और खूबसूरत नजर आएं, इसके लिए जिला पर्यटन विभाग ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में पर्यटन विभाग ने शहर के 29 प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा है। माना जा रहा है कि जल्द ही कुंभ निधि से इस कार्य के लिए मंजूरी मिल जाएगी।

हरिद्वार शहर धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। मंदिरों की संख्या और उनके महत्व के लिहाज से भी यह बेहद समृद्ध शहर है, लेकिन यहां के अनेक मंदिर सरकारी उपेक्षा के चलते धीरे-धीरे जीर्ण-शीर्ण होते जा रहे हैं। सतीकुंड जैसे पौराणिक स्थल और नारायणी शिला जैसे मंदिर भी सरकारी उपेक्षा के शिकार हैं। हालांकि इनके दर्शन करने को हर साल देश विदेश से लाखों लोग आते हैं।

महाकुंभ के दौरान इन मंदिरों में पहुंचने वालों की संख्या गत वर्षो की तुलना में कई गुना अधिक होगी। इसके मद्देनजर जिला पर्यटन विभाग ने प्रमुख धार्मिक स्थलों व प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण की पहल की है। पर्यटन विभाग ने कुल 19 धार्मिक स्थलों व मंदिरों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इन सभी मंदिरों के सौंदर्यीकरण में करीब 187.79 लाख रुपये के खर्च का आकलन करते हुए प्रस्ताव भेजा है।

इनमें कनखल स्थित सतीकुंड के सौंदर्यीकरण के लिए 60.72 लाख रुपये, मां सुरेश्वरी देवी मंदिर के लिए 52.65 लाख, शिवालिकनगर स्थित शिवमंदिर के लिए 18.32 लाख, भेल परिसर के सेक्टर एक में स्थित सनातन ज्ञान पीठ मांढी में कथा मंडप के निर्माण व सौंदर्यीकरण के लिए दस लाख, कनखल के भैंरों मंदिर के लिए 9.14 लाख रुपये और नारायणी शिला मंदिर के लिए 6.10 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।



http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6056590.html

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कुंभ पर आतंकी साया, खुफिया पहरा बैठाया

मेरठ। जनवरी में शुरू होकर लगातार चार माह तक चलने वाले हरिद्वार कुंभ पर आतंकी गतिविधियों का साया है।उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की एटीएस और केंद्रीय खुफिया विभाग ने तो अभी से पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। जनपद स्तर पर एंटी सेबोटाज चेकिंग टीम होटल व चिह्नित स्थानों को खंगालेगी। मेरठ, सहारनपुर व मुरादाबाद मंडल में 83 चेकपोस्ट, 29 स्थानों पर पार्किंग व आवासीय व्यवस्था तथा 15 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये जाने की तैयारियां चल रही हैं।

ये है तैयारी

मेरठ, सहारनपुर व मुरादाबाद मंडल से पुलिस के अलावा 25 कंपनी पीएसी जनवरी के प्रथम सप्ताह में हरिद्वार जाना शुरू हो जायेगी। मेरठ पुलिस ने 95 एसआई, 28 हेड कांस्टेबिल, 268 आरक्षी, 14 यातायात एसआई, 28 यातायात कांस्टेबल की डिमांड की है पर आईजी स्तर से अभी तक 75 एसआई, 14 हेड कांस्टेबल, 120 कांस्टेबल, 2 यातायात एसआई व 10 कांस्टेबल यातायात, 15 जीप मय चालक, 8 स्टेटिक सेट, 65 हैंड होल्ड वायरलेस सेट व दो एएस चेक टीम उपलब्ध करा दिये गये हैं। करीब तीन करोड़ यात्री मेरठ मार्ग से निकलेंगे।

ऐसे में धार्मिक स्थल हस्तिनापुर, शुक्रताल, बरनावा, सरधना आदि में विशेष सतर्कता को वहां दो जनवरी से चौकसी शुरू हो जायेगी। यातायात व परिवहन विभाग के साथ मिलकर हेल्पलाइन भी शुरू होगी। विगत दिनों हरिद्वार में हुई बैठक की कार्यवृत्त में इन तथ्यों का खुलासा हुआ है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_6062543.html

deepen

dear jakhi ji  iam from haridwar and i was not aware of all these news, thanks for such information

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कुंभ में मोबाइल स्नान में बाधा

हरिद्वार। कुंभ के दौरान यदि आप हरकी पैड़ी से अपने मोबाइल से स्नान पर्वो के बारे में अपने परिजनों या किसी और को लाइव जानकारी देना चाहते हैं तो आपकी यह हसरत पूरी नहीं हो सकती। गठरी या कोई और सामान लेकर हरकी पैड़ी तक पहुंचना चाहते हैं तो आपको स्नान या गठरी में से किसी एक को चुनना होगा।

सुरक्षा के लिहाजा से मेला प्रशासन स्नान पर्वो पर केवल उन्हें ही स्नान की इजाजत देगा, जो खाली हाथ हरकी पैड़ी पर पहुंचेंगे। हां प्रशासन ने इतनी सुविधा दी है कि जिस जगह पर श्रद्धालु निजी या सार्वजनिक वाहन से उतरेंगे, वहां पर क्लाक रूम की व्यवस्था होगी।

दहशतगर्दो से महाकुंभ को बचाने को लेकर सुरक्षा कड़ी रखने की बात की जा रही है। इसके चलते स्नान पर्वो पर तीर्थनगरी आने वाले श्रद्धालुओं को कुछ तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है। मसलन हरकी पैड़ी पर स्नान की तमन्ना है तो आपको सामान छोड़कर आना होगा। सामान को गाड़ी या बस की पार्किंग की जगह पर या फिर तीर्थनगरी में किसी नाते-रिश्तेदार के यहां रखकर आना होगा।

इतना ही नहीं नारियल का गोला और पूजा सामग्री ले जाने पर भी प्रतिबंध होगा। हालांकि मेला प्रशासन श्रद्धालुओं की इस परेशानी को कम करने के लिए रेलवे स्टेशन, रोडवेज पार्किंग, निजी पार्किंग स्थल सहित कुछ अन्य जगहों पर क्लाक रूम की व्यवस्था करने जा रहा है। कुछ जगहों पर हरिद्वार विकास प्राधिकरण को क्लाक रूम बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जितनी भीड़ की उम्मीद मेला प्रशासन कर रहा है, उसके अनुकूल श्रद्धालुओं की आमद हुई तो क्लाक रूम में सामान रखने की जगह कम पड़ सकती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। मेलाधिकारी आनंद ब‌र्द्धन ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से हरकी पैड़ी पर कोई भी सामान ले जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि भीड़ कम हुई तो यह छूट दी जा सकती है, लेकिन भीड़ बढ़ने पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र के होटल, धर्मशालाओं, रोडवेज, रेलवे सहित सभी संभावित जगहों पर इस बाबत अभी से पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं। होटल और धर्मशालाओं में ठहरने वालों को इसकी जानकारी देने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।


Sourec Dainik jagran