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Report of your Pahad Trip - छुट्टी से आये सदस्य दे पहाड़ की खबरे दे Changes etc

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, December 02, 2009, 11:35:38 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dear Friends,

I have just returned after 12 days leave from my native place.

All is well there.. Weather is quite pleasant. It rains daily in the evening.

Now kafal season has gone. Kafals are not available due to heavy rain.


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


जाखी जी..

वेलकम बैक! ... कैसी रही आपकी यात्रा.... सात समुन्दर पार से घर १ महीने की छुट्टी ?

उम्मीद है आपने छुटिया एन्जॉय किये होंगे !


सुधीर चतुर्वेदी

 मै आज ही घर से आ रहा हु मुझे ये समझ मे नहीं आता की भा. ज. पा ने इतने बडे बडे बैनर क्यों लगा रखे है विकाश के नाम पर जबकि आज भी कुछ नहीं बदला | टनकपुर से पिथोरागढ़ नेशनल  highway  पे सड़क का वही हाल सुखीधांग से अमोरी (अमरु बैंड) तक का रास्ता वही खतरनाक जो खासकर बरसात के मौषम मे हो जाता है यानि सफ़र करते समय एक डर कही मलबा न आ जाये ....................................... कोई भी सरकार क्यों न हो हालात नहीं बदलेंगे ?

सुधीर चतुर्वेदी

पहाड़ो मे बदला क्या है कुछ नहीं क्या इसी राज्य का सपना था यही है हमारा पर्वतीय राज्य एक ढंग का अस्पताल नहीं , हर गाव मे आज भी सड़क नहीं पानी के लिये आज भी लोग दूर - दूर तक जाते है , हैंडपंप पर लोगो की भीड़ और न जाने क्या क्या ........................ कुछ बदला तो वो नेताओ के बडे - बडे बैनर जिसमे अपना बखान एक दुशरी पार्टी पर तोहमत लगाना और जनता को गुमराह करना |
घर से आते समय मैने via  हल्द्वानी रास्ता चुना उसमे मलबे का डर तो नहीं लेकिन लोहाघाट से आगे निकलते ही रास्तो मे ये बडे - बडे गड्ढे , सड़क का हाल बद से  बदतर जबकि उस रास्ते पर सिक्खों का पवित्र धाम रीठा साहिब और माँ वाराही का देवीधुरा धाम .................... ये है हमारा प्रयटन जिसको हमारी सरकार बढावा दे रही है | मैने personally  कुछ लोगो से बात करी जो रीठा साहिब से आ रहे  थे  और लोहाघाट  के पास लंगर डाला हुआ था उन लोगो का यही कहना था की सड़क के हालात बहुत ख़राब है, पानी की व्यस्था नहीं , उनमे जयादातर लोग punjab  के थे वो लोग वहा जाके क्या कहंगे की ................................  क्या  यही हमारा पर्यटन विकाश हो रहा है ................... शायद ?

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


विनोद गाड़िया जी अभी गाव से आये है!

उन्होंने पहाड़ में भारी वारिश का मंजर देखा है.

गाड़िया जी कृपया बताये ..... क्या हाल है वहां के ?


विनोद सिंह गढ़िया

पैलाग दोस्तों ,

कल ही मैं अपनी जन्मभूमि उत्तराखंड से अपनी कर्मभूमि नॉएडा आया हूँ, जैसा कि आपको मालूम हो चुका है कि उत्तराखंड दैवीय आपदाओं से जूझ रहा है | किसी ने अपने लाडले खोएं हैं तो किसी ने अपने जीवन भर की मेहनत से बनाये आसियाने इस त्रासदी को भेंट चड़ा दी हैं |
उत्तराखंड को वर्ष २०१० में काफी क्षति हो चुकी है | जिन सडकों को बनाने के लिए हमारे उत्तराखंड वासियों का अमूल्य योगदान रहा वे सड़कें आज इस तबाही की भेंट चढ़ चुकी हैं | जगह - जगह सड़कें धंस चुकी हैं, पहाड़ टूटकर अपना कहर वरपा रहे हैं |  इस प्रकार की त्रासदी पहले कभी सायद ही हुई हो | वह मंजर को देख कर मुझे तो देवभूमि पर भी शक होने लगा है | मैं देवभूमि के ईष्ट देवताओं से प्रार्थना करता हूँ कि इस प्रकार की आपदा कभी न होने दे |


Vinod Jethuri

नमस्कार दोस्तो,
         यदि कोई दोस्त रिशिकेश से बदरीनाथ रास्ट्रीय राजमार्ग ५६ की और से आया है तो किर्पया करके बताये कि ईस रोड के क्या हाल है.
बहुत दिनो से घर मे फोन करने की कोशिस कर रहा हू पर सम्पर्क नही हो पा रहा है..

Devbhoomi,Uttarakhand

दोस्तों बहुत दुःख की बात है की उत्तराखंड में आज से पहले कभी इतनी बारिस और दैवीय आपदाओं से इतना नुक्सान हवा लेकिन इस साल बहुत कुछ बदल दिया है उत्तराखंड को दैवीय आपदाओं ने , केवल बदरीनाथ वाली ही रोड नहीं बल्कि आप लोग कोई भी रोड से सफ़र करोगे तो कहीं भी आपको रास्ता नहीं मिलेगा
लेकिन जो लोग उत्तराखंड में हैं या जो छुट्टी से आये हैं आप लोग अपने गांवों गलियों के बारे में जरूर जानकारी उपलब्ध करवाएं !

Rajen

 
बिल्कुल सही कहा आपने.  इस रोड पर तो जान आफत में रहती है.  हर बार इस उम्मीद के साथ जाते हैं कि इस बार शायद हालत सुधर गये होंगे किंतु ढाक के वही तीन पात. 

Quote from: सुधीर चतुर्वेदी on June 25, 2010, 04:25:08 PM
मै आज ही घर से आ रहा हु मुझे ये समझ मे नहीं आता की भा. ज. पा ने इतने बडे बडे बैनर क्यों लगा रखे है विकाश के नाम पर जबकि आज भी कुछ नहीं बदला | टनकपुर से पिथोरागढ़ नेशनल  highway  पे सड़क का वही हाल सुखीधांग से अमोरी (अमरु बैंड) तक का रास्ता वही खतरनाक जो खासकर बरसात के मौषम मे हो जाता है यानि सफ़र करते समय एक डर कही मलबा न आ जाये ....................................... कोई भी सरकार क्यों न हो हालात नहीं बदलेंगे ?

हेम पन्त

टनकपुर-तवाघाट नेशनल हाइवे की दुखद स्थिति सुधरने के बदले बिगड़ती ही जा रही है... इस रोड की दुर्गति के कारण पिथौरागढ और चम्पावत जिलों के निवासियों और पर्यटकों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ती है. हल्द्वानी- अल्मोड़ा से होकर पिथौरागढ जाने वाली रोड भी पिछली बरसात में लगभग बर्बाद हो चुकी है...

Quote from: Rajen on November 29, 2010, 11:06:38 PM
 
बिल्कुल सही कहा आपने.  इस रोड पर तो जान आफत में रहती है.  हर बार इस उम्मीद के साथ जाते हैं कि इस बार शायद हालत सुधर गये होंगे किंतु ढाक के वही तीन पात. 

Quote from: सुधीर चतुर्वेदी on June 25, 2010, 04:25:08 PM
मै आज ही घर से आ रहा हु मुझे ये समझ मे नहीं आता की भा. ज. पा ने इतने बडे बडे बैनर क्यों लगा रखे है विकाश के नाम पर जबकि आज भी कुछ नहीं बदला | टनकपुर से पिथोरागढ़ नेशनल  highway  पे सड़क का वही हाल सुखीधांग से अमोरी (अमरु बैंड) तक का रास्ता वही खतरनाक जो खासकर बरसात के मौषम मे हो जाता है यानि सफ़र करते समय एक डर कही मलबा न आ जाये ....................................... कोई भी सरकार क्यों न हो हालात नहीं बदलेंगे ?