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Report of your Pahad Trip - छुट्टी से आये सदस्य दे पहाड़ की खबरे दे Changes etc

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, December 02, 2009, 11:35:38 AM

Ajay Pandey

आदरणीय मेरा पहाड़ फोरम के सभी सदस्य
मेरी देहरादून की ट्रिप बढ़िया रही पर वहां पर एक असुविधा है राजपुर रोड की तरफ वहां नजदीक में कोई दवा की दूकान नहीं है वहां पर जब किसी का पेट चल जाए और तबियत ख़राब हो जाए तो नजदीक में दवा की दुकान होनी चाहिए माना वो विशिष्ट इलाका है पर वहां दवा की दूकान तो होनी चाहिए नेता तो अपने डॉक्टर रखते हैं पर आम आदमी का क्या एक दवा की दूकान तो जरुर होनी चाहिए ताकि आदमी की तबियत सही हो सके वहां न दवा की उपलब्धता न तोलिये की उपलब्धता अगर है तो सब दूर दूर नजदीक में दवा की दूकान होनी चाहिए वहां पर में होटल पंचवटी में रहा वहां किसी की शादी थी तब मेरा देहरादून जाना हुआ में mussourie  गया और ऋषिकेश भी घूम आया मेरी ट्रिप बढ़िया रही और आराम से छुट्टी बीती
धन्यवाद

विनोद सिंह गढ़िया

सज्जनों कुछ निजी कार्यों से जन्मभूमि जाने का मौका मिला, 3 दिन रहा जन्मभूमि में। वर्षा का मौसम है, दिन में तेज धूप खिली थी और सायंकाल बारिश की तेज फुहारें पड़ रही थी। ककड़ी, कद्दू , लौकी इत्यादि की बेलें काफी लम्बी हो चुकी हैं, 10 से 15 दिनों के बीच ककड़ी, कद्दू , लौकी इत्यादि की भरमार होगी।

प्राकृतिक आपदा की दृष्टि से इस बार कुमांऊ में कुछ शान्ति है, सड़कें ठीक हैं। कुल मिला के पहाड़ का सफ़र सुहाना है।


Raje Singh Karakoti


HOPE TO SEE SOME BEAUTIFUL SNAPS OF OUR BELOVED UTTRAKHAND FROM YOUR CAMERA GADIYA JI.



Quote from: विनोद सिंह गढ़िया on August 28, 2012, 04:25:10 AM
सज्जनों कुछ निजी कार्यों से जन्मभूमि जाने का मौका मिला, 3 दिन रहा जन्मभूमि में। वर्षा का मौसम है, दिन में तेज धूप खिली थी और सायंकाल बारिश की तेज फुहारें पड़ रही थी। ककड़ी, कद्दू , लौकी इत्यादि की बेलें काफी लम्बी हो चुकी हैं, 10 से 15 दिनों के बीच ककड़ी, कद्दू , लौकी इत्यादि की भरमार होगी।

प्राकृतिक आपदा की दृष्टि से इस बार कुमांऊ में कुछ शान्ति है, सड़कें ठीक हैं। कुल मिला के पहाड़ का सफ़र सुहाना है।



विनोद सिंह गढ़िया

Quote from: Raje Singh Karakoti on August 28, 2012, 08:34:10 AM

HOPE TO SEE SOME BEAUTIFUL SNAPS OF OUR BELOVED UTTRAKHAND FROM YOUR CAMERA GADIYA JI.



Quote from: विनोद सिंह गढ़िया on August 28, 2012, 04:25:10 AM
सज्जनों कुछ निजी कार्यों से जन्मभूमि जाने का मौका मिला, 3 दिन रहा जन्मभूमि में। वर्षा का मौसम है, दिन में तेज धूप खिली थी और सायंकाल बारिश की तेज फुहारें पड़ रही थी। ककड़ी, कद्दू , लौकी इत्यादि की बेलें काफी लम्बी हो चुकी हैं, 10 से 15 दिनों के बीच ककड़ी, कद्दू , लौकी इत्यादि की भरमार होगी।

प्राकृतिक आपदा की दृष्टि से इस बार कुमांऊ में कुछ शान्ति है, सड़कें ठीक हैं। कुल मिला के पहाड़ का सफ़र सुहाना है।



कुछ व्यस्तता के कारण आपके लिए ज्यादा और नए चित्र नहीं ला पाया, फिर भी कुछ चित्र हैं मेरे पास, समय मिलते ही आपके सम्मुख प्रस्तुत होंगे।

धन्यवाद

विनोद सिंह गढ़िया

विनोद सिंह गढ़िया

मित्रो, उत्तराखण्ड की पवित्र भूमि से आज ही लौटा हूँ। उत्तराखण्ड में फसल कटाई का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। जौ, मसूर इत्यादि की कटाई अपने चरम में है। मौसम भी सुहावना बना हुआ है।

प्रस्तुत है आपके लिए उत्तराखण्ड के बागेश्वर जनपद स्थित पोथिंग गाँव की एक तस्वीर, जिसमें यहाँ की महिलाएं अपने काम में व्यस्त हैं।


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Thank you gariya ji...

Pahado me... mausam aajkal swarg sa hoga.

Quote from: विनोद सिंह गढ़िया on April 16, 2013, 12:25:51 PM
मित्रो, उत्तराखण्ड की पवित्र भूमि से आज ही लौटा हूँ। उत्तराखण्ड में फसल कटाई का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। जौ, मसूर इत्यादि की कटाई अपने चरम में है। मौसम भी सुहावना बना हुआ है।

प्रस्तुत है आपके लिए उत्तराखण्ड के बागेश्वर जनपद स्थित पोथिंग गाँव की एक तस्वीर, जिसमें यहाँ की महिलाएं अपने काम में व्यस्त हैं।


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