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Lets Play Uttarakhand Antakshari - आओ उत्तराखंडी गानों की अन्ताक्षरी खेलें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 31, 2007, 03:54:49 PM

Devbhoomi,Uttarakhand

Quote from: Devbhoomi,Uttarakhand on December 25, 2010, 05:22:37 PM
राजुली रै तेरी सोना की लटुलुयों मा
,राजुली रै माया लगे अल्जिये गयुं ,राजुली रै तेरी सोना सी लातुलियों मा

अगला मा म-  से

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Devbhoomi,Uttarakhand

मिन समझी लाटि होली,मिन समझी लाटि होली,क्या जाण खेला पार ह्वेगी वा
जकड़ा भितर पट ग्वाड्यीं छई,आखियों बीटी परार ह्वेगी वा
मिन समझी लाटि होली,मिन समझी लाटि होली,काली होली,बिचारी भोली-भाली होली वा

अगला वा बा से

Devbhoomi,Uttarakhand

Quote from: Devbhoomi,Uttarakhand on February 02, 2011, 09:23:22 AM
मिन समझी लाटि होली,मिन समझी लाटि होली,क्या जाण खेला पार ह्वेगी वा
जकड़ा भितर पट ग्वाड्यीं छई,आखियों बीटी परार ह्वेगी वा
मिन समझी लाटि होली,मिन समझी लाटि होली,काली होली,बिचारी भोली-भाली होली वा

अगला वा बा से


sab log so gaye ho kya

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


ब से ...

बाट लागी बारात चेली बैठ डोली में
बाबा की लाडली चेली बैठ डोली में

एक बहुत ही पुराना लोक गीत..


Rajen

म से?

मार झपैका सुर्म्याली कौतीक लागौ मार झपैका
मार झपैका मैं ले कै जै ऊंलो ज्यू हो मार झपैका

'क' से.....


Devbhoomi,Uttarakhand

पैली यानुत कभी नि हवे ,अब हवे ता क्यान हवे,क्यान हवे
मन अफडा बस माँ नि राई, क्वी उपरी मन बसी ग्याई, हो
क्वी उपरी मन बसी ग्याई

अगला या इ  से
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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


इनी होली की
जानी होली...

नरेन्द्र सिह नेगी जी का गीत पूरे बोल याद नहीं आ रहे hai 



धनेश कोठारी

तेरी माया कि छूयूं मा मि घुमदी रौं घुमदी रौं सर्राररा रा
आंखा बुजिन झट्ट रतब्याण मा
ज्यूंरौ तोल्यूं सि प्वोड़ू थक बिसाण मा