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Lets Play Uttarakhand Antakshari - आओ उत्तराखंडी गानों की अन्ताक्षरी खेलें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 31, 2007, 03:54:49 PM

Mukesh Joshi

 ये लो प्रताप दा
शेरदा अनपढ़ जी की एक कविता
मत मरो मोहना पिचकारी
कंट्रोल धोती रे दयुरा चिर गे सारी
==========र==================

रंगीलो गेवाढ़

क्या बात है मुकेश जी तुम तो शेर दा अनपढ़ के कविता
भेजने लग गए गाने ख़तम हो गए है क्या ?

रंगीलो गेवाढ़

रुकमा- रुक्मणी तु मेरी पराणी
मेरा तरफ़ तिल किले  मुख  मोणी रुकमा
दिल तोडी रुकमा
================मा==============     

Mukesh Joshi

Quote from: PRATAP SINGH on October 18, 2008, 02:28:31 PM
क्या बात है मुकेश जी तुम तो शेर दा अनपढ़ के कविता
भेजने लग गए गाने ख़तम हो गए है क्या ?


अरे नही दादा
वो दो लाइन याद आगई
तो सोचा आप के सामने पेश कर दू


Mukesh Joshi

मेरी बेटुली मेरी लाड़ी लडयाली
मेरी चखुली मेरी फूलो की डाली ..२
आज स्य देखदे -द्खदा ,बिराणी हवे गे सैति-पाली..२
                बाबा जी यकुली -यखुली कनु के की जोलु
                हे माजी बीरण मुलुक कनु के की रोलु
=============ल================

Mukesh Joshi


रंगीलो गेवाढ़

लुक्की - छुप्पी  डरी- डरी की
मन मा शाहस  भरी की ,
त्वे मिलुणु आयु छो , गाड़ गदिनिया  तरी की .

Mukesh Joshi

कख लगाणी छुई, कैमां लगाणी छुई, ये पहाङ की कुमौं गढवाल की
रीता कूङों की, तीसा भाङों की, बगदा मनख्यों की, रङदा डांडो की....
===============k========================

Meena Rawat

बिजी नही हु ,,आज तबियत ठीक नही है मेरी :(