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Lets Play Uttarakhand Antakshari - आओ उत्तराखंडी गानों की अन्ताक्षरी खेलें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 31, 2007, 03:54:49 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


नारगी की दाणी हो.
कयाले, सुखी गैयेला होला,
मुखडी का रंग ... हो..

h...se

सन्दीप काला

heji kai bai na kara mathu mathu jaula, nayu nayu byo cha meethi meethi chhuin lagaula

"La" se

हेम पन्त

नरेन्द्र सिंह नेगी जी हमारे दिलों की तरह इस अन्ताक्षरी पर भी राज कर रहे हैं. लगातार उन्ही के गाने चल रहे हैं, लो मैं भी उनका गाना ही लिखता हूं फिर...

लुकि-छुपि डरि-डरि की, मन मां सांस भरि की
त्वै मिलन आयुं छु, गाङ-गधेरा तरी की....

अगला शब्द "क"

Mukesh Joshi

क्वी सुणदो मेरी खैरी .......
क्वी गणदो मेरा .......दुःख
=====ख ===============

सन्दीप काला

खोज्याली खोज्याली सारी मुंथा खोज्याली छाण्याली छाण्याली सारी सिंधु छाण्याली
नि मिली निमिली मेरी  तीलु बाखरी, दुनिया से न्यारी मेरी तीलु बाखरी ।

'र'

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Runuk Junuk Ritu Basanti
Geet Laanadi Aaye
Basant Aage Hamar Pahad ma.

Next m se.

Quote from: सन्दीप काला on February 11, 2009, 04:14:16 PM
खोज्याली खोज्याली सारी मुंथा खोज्याली छाण्याली छाण्याली सारी सिंधु छाण्याली
नि मिली निमिली मेरी  तीलु बाखरी, दुनिया से न्यारी मेरी तीलु बाखरी ।

'र'

सन्दीप काला

मेरा प्रेम की डोर अब तेरे हाथ मा, मेरू जिकड़ी कु सोर अब तेरे हाथ मा ।

'म'

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Sandeep Ji,

M Se .. Goswami JI yah gaana.

meri suwa bhali Hai raiye
meri suwa daad na maaru

Gareeb hai bajiyoni
Ghar meeke roon na dini.

next n.se

Quote from: सन्दीप काला on February 11, 2009, 04:20:18 PM
मेरा प्रेम की डोर अब तेरे हाथ मा, मेरू जिकड़ी कु सोर अब तेरे हाथ मा ।

'म'

सन्दीप काला

मेहता जी न से ये नेगी जी का गीत

ना उकाल ना उंदार , सिंदु सैणु धार धार गौं कु बाटु मेरा गौं कु बाटु
ए जाण कभी मठु माठु मठु माठु ..

'ठ'

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Th..se.


Thando re Thando mero
Pahad ki hawa thandi Pani thando.

d se next.

Quote from: सन्दीप काला on February 11, 2009, 04:32:00 PM
मेहता जी न से ये नेगी जी का गीत

ना उकाल ना उंदार , सिंदु सैणु धार धार गौं कु बाटु मेरा गौं कु बाटु
ए जाण कभी मठु माठु मठु माठु ..

'ठ'