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Rajendra Bisht an Emerging- राजेंद्र बिष्ट एक उभरता गायक merapahad portal member

Started by राजेंद्र बिष्ट, February 23, 2010, 07:06:34 PM


राजेंद्र बिष्ट

Quote from: हेम पन्त on March 25, 2010, 12:02:21 PM
राजेन्द्र जी में एक अच्छे कलाकार के गुण मौजूद हैं. हम आशा करते है कि आप "हिट मेरा दगाड़ा" या "याद ऊंछी तेरि" टाइप गानों से हटकर कुछ मौलिक गाने रचेंगे जिसमें पहाड़ की संस्कृति और सभ्यता के दर्शन होंगे. साथ ही आपसे निवेदन है कि आप पहाड़ में रह रहे सच्चे लोककलाकारों से मिलकर पारम्परिक गीत-संगीत और वाद्ययन्त्र भी सीखते रहिये.

आशा है आप मेरे सुझावों पर गौर करेंगे.
हेम पन्त जी नमस्कार आप ने मुझे एक बहुत अच्छी बात बताई की ऐसा गाना लिखो जिसमे हमारी संस्कृति और सभ्यता के दर्शन हो! तो पन्त जी में जरुर लिखूंगा मुझे एक ऐसा टोपिक बता दीजिये की मुझे आसानी हो लिखने में

धन्यवाद


हेम पन्त

राजेन्द्र भाई,
वैसे तो मुझे संगीत का कोई अधिक ज्ञान नहीं है, लेकिन एक श्रोता के तौर पर मैं चाहूंगा कि आप पहाड़ों में रहने वाले लोगों के दुखदर्द (पानी की समस्या, महिलाओं की स्थिति), पर्यावरण संरक्षण, राजनीतिक हलचलों और पौराणिक कथाओं और व्यक्तियों पर आधारित सुन्दर गाने बनायें.


Quote from: राजेंद्र बिष्ट on March 26, 2010, 11:44:31 AM
Quote from: हेम पन्त on March 25, 2010, 12:02:21 PM
राजेन्द्र जी में एक अच्छे कलाकार के गुण मौजूद हैं. हम आशा करते है कि आप "हिट मेरा दगाड़ा" या "याद ऊंछी तेरि" टाइप गानों से हटकर कुछ मौलिक गाने रचेंगे जिसमें पहाड़ की संस्कृति और सभ्यता के दर्शन होंगे. साथ ही आपसे निवेदन है कि आप पहाड़ में रह रहे सच्चे लोककलाकारों से मिलकर पारम्परिक गीत-संगीत और वाद्ययन्त्र भी सीखते रहिये.

आशा है आप मेरे सुझावों पर गौर करेंगे.
हेम पन्त जी नमस्कार आप ने मुझे एक बहुत अच्छी बात बताई की ऐसा गाना लिखो जिसमे हमारी संस्कृति और सभ्यता के दर्शन हो! तो पन्त जी में जरुर लिखूंगा मुझे एक ऐसा टोपिक बता दीजिये की मुझे आसानी हो लिखने में

धन्यवाद

Risky Pathak

बिष्ट जी
हेम दा के विचारो में एक लाइन अपनी ओर से  जोड़ना चाहता हूँ क़ि गानों में ठेठ पहाड़ी शब्दों का इस्तेमाल भी किया जाए| एसे शब्द जिसे सुनके लोग पहाड़ के करीब आ सकें| पहाड़ को करीब से जान सकें|
Quote from: हेम पन्त on March 29, 2010, 07:09:39 PM
राजेन्द्र भाई,
वैसे तो मुझे संगीत का कोई अधिक ज्ञान नहीं है, लेकिन एक श्रोता के तौर पर मैं चाहूंगा कि आप पहाड़ों में रहने वाले लोगों के दुखदर्द (पानी की समस्या, महिलाओं की स्थिति), पर्यावरण संरक्षण, राजनीतिक हलचलों और पौराणिक कथाओं और व्यक्तियों पर आधारित सुन्दर गाने बनायें.


Quote from: राजेंद्र बिष्ट on March 26, 2010, 11:44:31 AM
Quote from: हेम पन्त on March 25, 2010, 12:02:21 PM
राजेन्द्र जी में एक अच्छे कलाकार के गुण मौजूद हैं. हम आशा करते है कि आप "हिट मेरा दगाड़ा" या "याद ऊंछी तेरि" टाइप गानों से हटकर कुछ मौलिक गाने रचेंगे जिसमें पहाड़ की संस्कृति और सभ्यता के दर्शन होंगे. साथ ही आपसे निवेदन है कि आप पहाड़ में रह रहे सच्चे लोककलाकारों से मिलकर पारम्परिक गीत-संगीत और वाद्ययन्त्र भी सीखते रहिये.

आशा है आप मेरे सुझावों पर गौर करेंगे.
हेम पन्त जी नमस्कार आप ने मुझे एक बहुत अच्छी बात बताई की ऐसा गाना लिखो जिसमे हमारी संस्कृति और सभ्यता के दर्शन हो! तो पन्त जी में जरुर लिखूंगा मुझे एक ऐसा टोपिक बता दीजिये की मुझे आसानी हो लिखने में

धन्यवाद





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