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Nainital - नैनीताल

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 03, 2007, 10:07:50 AM

Devbhoomi,Uttarakhand


Devbhoomi,Uttarakhand

लोगों की जुबान पर बेशक 'तालों में नैनीताल, बाकी स‌ब तलैया' चढ़ा हुआ हो लेकिन उत्तराखंड ‌स्थित अन्य बेहद खुबसूरत ताल हमेशा स‌े पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्रकृति को बेहद करीब और उसकी ही नजर स‌े देखने का जो अनुभव इन तालों में महसूस किया जा स‌कता है, वैसा कहीं और नहीं।
तालों के पानी में बनने वाली हिमालय की छवि देखकर कोई भी मुग्ध हुए बिना नहीं रह स‌कता। ये ताल आपको स‌ौंदर्य के आगोश में लेने के लिए तैयार बैठे हैं, तो लीजिए स‌ाहस‌िक पर्यटन का आनंद और कीजिए प्रकृति स‌े साक्षात्कार । रूपकुंड स‌दियों स‌े लोगों के लिए रहस्य बना रहा, और अब भी है।
आम श्रद्धालुओं व पर्यटकों स‌े लेकर देश-विदेश के वैज्ञानिक हमेशा यहां आना चाहते हैं। रूपकुंड के आसपास कई स‌ालों स‌े बिखरे हुए मानव अस्थि कंकाल अब भी उसी तरह स‌ुरक्षित हैं। इनके विषय में फैली भ्रांतियों की वजह स‌े यह कुंड रहस्यमयी झील के नास‌े भी जाना जाता है। चमोली जिले के पूर्वी भाग में ‌स्थित रूपकुंड स‌मुद्रतल स‌े 5029 मीटर की ऊंचाई पर है। नंदा देवी राजजात यात्रा का मार्ग रूपकुंड होते हुए ही गुजरता है।
लगभग प्रत्येक 12 स‌ाल में होने वाली यह यात्रा स‌ंभावित रूप स‌े २०१२ में होनी है। इस धार्मिक यात्रा का अंतिम पड़ाव भी एक कुंड ही है। ४०६१ मीटर की ऊंचाई पर ‌स्थित होमकुंड में पहुंचने के लिए ५१ किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है।
प्रकृति की गोद में ‌स्थित हेमकुंड स‌ाहिब में प्रत्येक वर्ष लाखों की स‌ंख्या में स‌िख श्रद्धालु आते हैं, लेकिन स‌ामान्य पर्यटकों की स‌ंख्या यहां नाममात्र ही है।
बदरीनाथ यात्रा मार्ग ‌स्थित गोविंदघाट स‌े १९ किलोमीटर पैदल की दूरी पर है हेमकुंड। माना जाता है कि स‌िखों के दसवें गुरू गोविंद स‌िंह ने यहां तप किया था। एक मई को खुलने वाले कपाट के दौरान कई बार हेमकुंड बर्फ का मैदान बना हुआ दिखता है। स‌र्दियों में यहां की ‌स्थिति का अंदाजा आसानी स‌े लगाया जा स‌कता है।
इसी तरह एक स‌ाल में चारधाम आने वाले यात्रियों की स‌ंख्या बेशक लाखों में रहती है लेकिन बहुत कम पर्यटक ही इनके आसपास स्थित तालों को देखने का आनंद उठा पाते हैं। केदारनाथ स‌े आठ किलोमीटर की दर ४१३५ मीटर की ऊंचाई पर है बासुकी ताल। ऊंची चोटियों स‌े घिरे इस ताल स‌े चौखंबा चोटी का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है।
बदरीनाथ स‌े २५ किलोमीटर की दूरी पर ४४०२ मीटर की ऊंचाई पर है स‌तोपंथ झील। हिंदू धर्मशास्त्रों के मुताबिक इस तिकोनी झील के तीनों कोनों पर ब्रह्मा, विष्णु व महेश का वास है। यमुनोत्री स‌े आठ किलोमीटर दूर स‌प्तऋषि कुंड हो या फिर गंगोत्री स‌े १८ किलोमीटर दूर स्थित केदारताल। दोनों ही बेहद आकर्षक है।
यदि आप प्रकृति को और अधिक करीब स‌े देखना चाहते हैं तो उत्तराखंड में इस तरह के कई ताल आपके लिए बाहें फैलाए खड़े हैं। डोडीताल, स‌हस्त्रताल, मासरताल, काकभुसंडी ताल, स‌रूताल, गांधी स‌रोवर, देवरिया ताल, बांधनी ताल जाने के लिए आप टै्किंग का आनंद तो लेंगे ही, स‌मय की कमी होने पर मोटर मार्ग स‌े श्यामलाताल, नौकुचियाताल, टिहरी झील, आसन बैराज, नौकुचियाताल, स‌ातताल आदि का भी लुत्फ उठाया जा स‌कता है। और हां, विश्वप्रसिद्ध नैनीताल तो है ही।

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पंकज सिंह महर


Devbhoomi,Uttarakhand

अपने आसपास झीलों के समूह (भीम ताल, सात ताल, नौकुचिया ताल और वस्तुत:, नैनी) के कारण झीलों के शहर नैनीताल को एक उत्कृष्ट नगीना कहा जाता है।

अन्य रूप में भारत का पहला राष्ट्रीय पार्क-कॉर्बेट, टिम्बर व्यापार के लिए प्रसिद्ध और कुमाऊं क्षेत्र का संपर्क रेलवे स्टेशन काठगोदाम, प्रमुख फल-मार्किट भोवाली और उपजाऊ गेहूं क्षेत्र तथा जिम कार्बेट का घर कालाडूंगी इस जिले की अन्य पहचान हैं।

भगवान शिव की पत्नी देवी सती की बाईं आंख से निकली नैनी झील का पानी पवित्र माना जाता है। झील के किनारे स्थित नैना देवी मंदिर में प्रति वर्ष शरद ऋतु में बड़ा भारी मेला भरता है।

विभिन्न गतिविधियों का आनंद लेने वाले पर्यटकों के लिए यहां बहुत कुछ है : बोटिंग या भिन्न-भिन्न रंगों वाली नौकाएं चलाना, घुड़सवारी; छायादार पेड़ों से घिरे मार्गों की सैर; रोप-वे की सैर; और लकड़ी की बनी वस्तुओं, विभिन्न आकार की मोमबत्तियों बांस की टोकरियों की खरीदारी।

नैनी झील के चारों ओर हिमालय का शानदार दृश्य दिखाई देता है : नालना चोटी (2611 मी.) 5.6 कि.मी. - सबसे ऊंची है; लारिया कांटा (2481 मी.) 5.6 कि.मी.- दूसरी सबसे ऊंची चोटी है; स्नो-व्यू (2270 मी.) 2.4 कि.मी. - यहां तक घोड़े पर या केबल कार द्वारा पहुंचा जा सकता है ;

डोरोथी सीट (2292 मी.) 4.3 कि.मी.- शहर का और इसके आसपास के क्षेत्रों का दृश्य यहां से दिखाई देता है; और लैंड्स इंग. (2118 मी.) 4.8 कि.मी.- यहां से खुर्पा ताल, एक धार्मिक केंद्र हनुमानगढ़ी (1951 मी.) 3 कि.मी. - के सुंदर दृश्य दिखाई देते हैं; स्टेट ऑब्जर्वेटरी (1951 मी.) 4 कि.मी. - एस्ट्रोनॉमिकल स्टडी का केंद्र और किलबरी (2194 मी.) 11 कि.मी. - ट्रेकिंग के लिए एक आदर्श स्थान है, इनके अलावा भी आपपास कई दर्शनीय स्थान हैं।
स्मारक एवं दर्शनीय स्थल

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Bhim Taal, Nainital, Uttarakhand, India


हेम पन्त

नैनीताल में रोप-वै