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Should Gairsain Be Capital? - क्या उत्तराखंड की राजधानी गैरसैण होनी चाहिए?

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 05, 2007, 12:23:04 PM

Do you feel that the Capital of Uttarakhand should be shifted Gairsain ?

Yes
97 (71.3%)
No
26 (19.1%)
Yes But at later stage
9 (6.6%)
Can't say
5 (3.7%)

Total Members Voted: 136

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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

गैरसैंण राजधानी को लेकर दिया धरनाOct 03, 12:02 am

बागेश्वर। राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित किए जाने समेत मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा दिए जाने की मांग को लेकर परिवर्तन अभियान के सदस्यों ने तहसील मुख्यालय में धरना दिया व उप जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। परिवर्तन अभियान के बैनर तले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने तहसील परिसर में धरना दिया। इस दौरान आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा राज्य की स्थायी राजधानी के मुद्दे में गम्भीर नहीं है। सरकार राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा कर रही है अब तक राज्य आंदोलनकारियों को चिह्नित तक नहीं कर सकी है। आयोग की रिपोर्ट सरकार को मिलने के बाद भी वह उसे सार्वजनिक नहीं कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों के दमन करने वाले अधिकारियों को सजा नहीं मिली है। कहा कि सरकार राज्य वासियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। इसके बाद आंदोलनकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This group has annouced Bandh in Uttarakhand in connection with shifting of Capital.

It seems that we need one more agitation to shift the capital.

Quote from: एम् एस मेहता /M S Mehta on September 29, 2008, 12:20:44 PM
The Uttarakhand Sayunkt Sangharsh Samiti President Mr. Dhirendra Pratap EX Minister ,Uttarakhand Govt. addersing a rally at Uttarakhand Shaheed smarak Dehradoon on  Thursday, in which the USSS demanded immediately shifting of  the temporary capital of Uttarakhand from Dehradun to Gairsain, which was the Dream capital of Uttarakhand martyrs during Uttarakhand formation movement.

dhirendra pratap <dhirendrapratap100@yahoo.co.in> 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

पहाड़ी राज्य की अवधारणा गैरसैण राजधानी से ही सार्थकOct 05, 12:03 am

रानीखेत (अल्मोड़ा)। पहाड़ी राज्य की अवधारणा तभी सार्थक हो सकती है जब उत्तराखण्ड की राजधानी गैरसैण होगी। आज राज्य का दुबारा पुनर्गठन करने की आवश्यकता है और राजधानी देहरादून से हटाकर गैरसैण बनाई जाए।

यह बात राजनीतिक विश्लेषक प्रो. पुष्पेश पंत ने जागरण से विशेष वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि गैरसैण को प्रदेश की राजधानी बनाने के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति बिल्कुल नहीं है। यही कारण है कि राजधानी को लेकर कभी आयोग कभी समिति बैठाकर मामला टाल दिया जाता है। उन्होंने बताया कि गैरसैण को राजधानी न बनाने के पीछे जो तर्क दिए जाते है वह तर्कसंगत नहीं है। भूकम्पीय क्षेत्र व धन की कमी के कारण गैरसैण को राजधानी न बनाना उचित नहीं लगता। श्री पंत ने बताया कि आयोग या समिति यह बताए की भूकम्प का खतरा कहां नही है दिल्ली में तक भूकम्प का खतरा है। धन के अभाव का रोना जो नेता रटते है उन्हे एक बात ध्यान रखनी चाहिए कि केवल पक्के मकानों से ही राजधानी नहीं बनती। इसके लिए समाज व प्रदेश का विकास जज्बा होना चाहिए। आज नेता इतने सुविधाभोगी हो गये है कि वह गैरसैण को राजधानी बनाना ही नही चाहते। गैरसैण राजधानी के मुद्दे को लेकर जो पार्टी आवाज भी उठा रही है वह भी सिर्फ राजनीतिक है। गैरसैण को राजधानी बनाने के लिए बहस की जरूरत है। राज्य की आम जनता को एक मंच में आकर गैरसैण राजधानी के लिए संघर्ष करना चाहिए। तभी पहाड़ी राज्य की अवधारणा सफल हो सकती है।

प्रो. पंत ने कहा कि राज्य बनते ही राज्य को बनाने की अवधारणा की खत्म हो गयी थी। राज्य का दुबारा पुनर्गठन की आवश्यकता है। जिसमें हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर को शामिल न किया जाए। वैसे भी नये परिसीमन के बाद आम पहाड़ियों की ताकत कम हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य के आम लोगों का विकास तभी हो सकता है जब विकेन्द्रीकरण का मॉडल तैयार किया जा सके

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

राज्य आंदोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलिOct 05, 12:02 am

सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। राज्य आंदोलनकारी संगठन बौरारौ ने यहां आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों पर 14 वर्षो बाद भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने पर रोष व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को शीघ्र सजा देने की मांग की। इसके अतिरिक्त गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, आंदोलनकारियों को नौकरी व आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

स्थायी राजधानी के लिए 4 को चौखुटिया में होगा प्रदर्शनOct 28, 12:32 am

अल्मोड़ा। गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग को लेकर उत्तराखंड परिवर्तन अभियान ने 4 नवम्बर को चौखुटिया में प्रदर्शन आयोजित किया है। यह जानकारी देते हुए अभियान के संयोजक पीसी तिवारी ने कहा है कि चौखुटिया चांदीखेत में पूर्वाह्न 11 बजे कार्यक्रम शुरू होगा। खिरचौरा से शुरू होकर जुलूस क्रांतिवीर चौराहे तक जाएगा। जहां पर वृहद सभा का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व प्रदेश की सरकारें स्थायी राजधानी के सवाल पर शहीदों के सपनों के साथ न्याय नहीं कर रही है। श्री तिवारी ने कहा कि लंबे जनसंघर्षो व शहादतों से प्राप्त राज्य में बेरोजगारी, पुलिस दमन, भ्रष्टाचार, प्राकृतिक संसाधनों पर माफिया पूंजीपतियों का कब्जा हो रहा है। औद्योगीकरण के नाम पर भूमि की लूट जल विद्युत परियोजनाओं के नाम पर विस्थापन, जनता को उनके हकों से वंचित करना उत्तराखंड की तस्वीर का सच है।

अभियान के संयोजक ने कहा कि अब स्थायी राजधानी के सवाल पर चुप रहने का समय नहीं है। सभी राज्य समर्थक शक्तियों को एकजुट होकर आरपार की लड़ाई के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा व कांग्रेस की सरकार ने 8 वर्षो तक दीक्षित आयोग की आड़ में जनभावनाओं से खिलवाड़ किया। उन्होंने कहा कि देहरादून में करोड़ों रुपया खर्च हो चुका है। ऐसे में राष्ट्रीय राजनीतिक दलों का चरित्र सभी के सामने खुलकर आ गया है। उन्होंने इस आंदोलन में सभी से शिरकत करने की बात कही है।


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

गैरसैण को राजधानी बनाने की मांगOct 30, 02:06 am

देहरादून। उत्तराखंड संघर्ष समिति ने गैरसैण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग उठाते हुए इसके लिए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

समिति के अध्यक्ष जितेंन्द्र चौहान ने बुधवार को यहां कहा कि राज्य में भाजपा सरकार गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग को लेकर पूरी तरह से शांत है जबकि राज्य के लोग इस मुद्दे पर पूरी तरह से उद्वेलित हैं।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जल्द ही समिति के सदस्य कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी से मिलकर उन्हें यहां की जनता की भावनाओं से अवगत कराएंगे। समिति ने गत सोमवार को देहरादून में इस मांग के साथ एक मशाल जुलूस निकाला था जिसमें सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया था।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


The capital issue of Uttarakhand has been triggered once again. It said that each time, we need a movement.

It has over 8 yrs to this issue pending.

Quote from: एम् एस मेहता /M S Mehta on October 30, 2008, 09:58:35 AM
गैरसैण को राजधानी बनाने की मांगOct 30, 02:06 am

देहरादून। उत्तराखंड संघर्ष समिति ने गैरसैण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग उठाते हुए इसके लिए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

समिति के अध्यक्ष जितेंन्द्र चौहान ने बुधवार को यहां कहा कि राज्य में भाजपा सरकार गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग को लेकर पूरी तरह से शांत है जबकि राज्य के लोग इस मुद्दे पर पूरी तरह से उद्वेलित हैं।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जल्द ही समिति के सदस्य कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी से मिलकर उन्हें यहां की जनता की भावनाओं से अवगत कराएंगे। समिति ने गत सोमवार को देहरादून में इस मांग के साथ एक मशाल जुलूस निकाला था जिसमें सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया था।


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Distance of Gairsain & Dehradoon from various District of Uttarakhand.


Distt         Gaisain      Dehradoon

Uttarkashi       266 Km      208 Km
Pauri          150 Km      182 Km
Nayi Tehri       202 Km      115 Km
Rudraprayag        46 Km       186 Km
Chamoli (Gopeshwar)         95 Km       259 Km
Haridwar                   255 Km      259 Km
Champawat      261 Km      503 Km
Pithoragarh      280 Km      578 Km
Bageshwar       156 Km      503 Km
Almora                   135 Km      409 Km
Nainital                   155 Km       357 Km
Udhyam Singh Nagar   213 Km      279 Km
Gairsain       -                                     272 Km   



The above details shows that distance of Dehradoon is far from all the places except for Uttarkashi and Haridwar.


Rajen