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Words Related to Nature of Human and Skills etc -उत्तराखंडी भाषा के कुछ ये शब्द

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, April 19, 2010, 10:10:35 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



उच्मुचाट
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यह शब्द भी इंसान के प्रवर्ति से जुडा है! किसी चीज को खाने या किसी पल का बेसब्री से इन्तेजार हो तो मन बहुत उतावला हो जाय इसे उच्मुचाट कहते है कुमोअनी बोली में !

Extreme desire to see somebody or take something. That is called Uchmuchaat.

dayal pandey/ दयाल पाण्डे

छित्तरात - ज्यादा क्रियाशील होना
वाक्य प्रयोग - ज्यादा छित्तरात नि देखा

मस्मसात - मन ही मन गुस्सा आना
यु के दी कार्यकर्ता आज कल अपन पार्टी मैं मस्मसी राये

फाड़फडात - उत्सुकता
मेहता ज्यू बाद फाड़ फडात है रो फिल्म फस्तिवल मैं जनोक लिजी

बौयात - पागलपन
तुमार बौयात तुमुकैं ही खाल

राग्बगात - नजर अंदाज़ होना
तो कैब वाल के राग्बगी राये, म्योर स्कूटर लै नि देखनी

कौमव - आराम न होना
धुपरी घाम मैं बाद कौमव लग जानो हो महाराज

बिच्छिगिन - संतृप्त होना
डेल्ही भीड़ -भाड आब बिच्छी गे हो दाज्यू

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



Excellent Dayal ji
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There is word which has even been used in many folk Song. It is called "Bajyooni".

Bajyooni - It means the situation where a man continue to do some work but which he / she does not want to do. Situation is that he /she has to do it anyhow.

Like -  If you have to move in a hill where your house is. You have no other conveyance to go there and you tired.

On the same issue - Late Singer Gopal Babu Goswami ji had made a song using the "Bajyoni Word".

      -   Tilga (some one name)  Teri Lambi Lati Tasara ka Funa
          Uayee "Bajooni" Haige, Tooti Jaani Ghun.

See the usage of Word - "Bajooni" here.


dayal pandey/ दयाल पाण्डे

गजबजी जाना - क्या करू क्या न करू कुछ समझ नहीं आना
इंडिया गेट के गोल चक्कर में मैं अभी भी गजबजी जाता हूँ

हुकी जाना - स्ताभ्द रहना
आजकल फलों के दाम देखकर में हुकी गया

निउज्जी - आलाशी
मेरा बॉस बड़ा निउज्जी है

वाच्छई गो  - अहंकार होना
जब मंत्री बड़ो तो वाच्छी गो 

खीमसिंह रावत

हिलदिलाट : घबराहट
जब से उसको गिरते देखा तबसे मुझे हिलदिलाट है   


खीमसिंह रावत

एक शब्द था किरी यानि की कसम
पहले अक्सर ये सुनते थे किरी खा यानि कसम खा

खीमसिंह रावत

उसैरों = नाराज
आजकल त उ उसैइ य रों हो महाराज   

चिड-चिडाट।
यानी बाड पर आग लागी हय यस चिड-चिडाट पडी हय आब क्ये बतु तुमकै