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Kumaun Regiment & Garhwal Rifle - कुमाऊँ रेजिमेंट एवं गढ़वाल राइफल

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 06, 2007, 11:18:15 AM

Devbhoomi,Uttarakhand

गढ़वाल राइफल्स फुटबाल प्रतियोगिता का बना सिरमौर
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शहीद मुकेश बिष्ट स्मृति संस्था के तत्वावधान में आयोजित राज्यस्तरीय फुटबाल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में गढ़वाल राइफल्स ने कंबाइंड हास्टल को 2-1 से हरा खिताब अपने नाम किया।

यहां बीईएल खेल मैदान में प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में गढ़वाल राइफल्स व कंबाइंड हास्टल देहरादून की टीमें आपस में भिड़ी। पहले हाफ के 27वें मिनट में गढ़वाल राइफल्स के अरूण नेगी ने शानदार गोल दाग टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। 42वें मिनट में एक बार फिर गढ़वाल राइफल्स ने हमला किया व मनोज भंडारी के शानदार गोल की बदौलत स्कोर 2-0 कर दिया। टीम में वापसी के लिए कंबाइंड हास्टल ने पूरा जोर लगा दिया। टीम ने मनोज मांजिला की ओर से दागे गए गोल की बदौलत स्कोर 2-1 तो कर दिया, लेकिन मैच को बराबरी पर नहीं ला सके। गढ़वाल राइफल्स ने मुकाबला 2-1 से जीत लिया।

मैच में मुकेश पंत (गढ़वाल राइफल्स) को बेस्ट गोलकीपर, राजा रावत (कंबाइंड हास्टल) को बेस्ट डिफेंडर, राकेश को बेस्ट स्ट्राइकर चुना गया। इसके अलावा गढ़वाल राइफल्स के अरूण नेगी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे, जबकि हिमांशु को उदीयमान खिलाड़ी चुना गया। तिब्बतियन नेहरू क्लब देहरादून को फेयर प्ले ट्राफी मिली।



Source Dainik Jagran

Devbhoomi,Uttarakhand

उत्तराखंड के 9 वीरों को सेना पदक, 11 गढ़वाल और 7 कुमाऊं को प्रशस्ति पत्रहमारे वीरों ने फिर मारा मैदान

देहरादून। उत्तराखंड के 9 वीरों को उनके अदम्य साहस के लिए सेना मेडल से नवाजा गया। इसमें सेना के 5 मेजर रैंक के अधिकारी, एक कैप्टन, एक जेसीओ और दो अन्य रैंक के नाम शामिल हैं।  इतना ही नहीं राज्य की गढ़वाल रेजिमेंट की 11 वीं बटालियन और कुमाऊं की 7 वीं बटालियन गढ़वाल को जीओसी इन सी नार्दन कमान के प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है। सेना दिवस (15 जनवरी) पर जारी गैलेंट्री अवार्ड सूची में उत्तराखंड के 9 उन शूरवीरों के नाम शामिल हैं जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेने में अदम्य साहस का परिचय दिया।  जम्मू-कश्मीर में सितंबर माह में हुए आतंकियों से मुठभेड़ में देहरादून के सपूत राष्ट्रीय रायफल के मेजर सौरभ सुयाल ने 5 आतंकियों को ढेर कर दिया। उनके इस बहादुरी के लिए सेना की उत्तरी कमांड ने उन्हें सेना मेडल से नवाजा। इसी तरह राष्ट्रीय रायफल के मेजर राजीव भंडारी निवासी पौड़ी, मेजर सुनील नौटियाल निवासी देहरादून आदि ने भी अलग-अलग स्थानों पर हुए मुठभेड़ में आतंकियों को मार गिराया।   विभिन्न सैन्य आपरेशनों में अदम्य साहस दिखाने वाले अफसरों, जेसीओ और अन्य रैंक को सेना दिवस पर सेना मेडल सहित अन्य वीरता पदकों से सम्मानित किया जाता है। सीमाओं पर शूरवीरता के लिए उत्तराखंड सर्वोच्च पायदान पर है। उत्तराखंड के शूरवीरों ने अब तक लगभग 1350 पदक हासिल किए हैं।* सूची में सेना मेडल (विशेष सेवाएं) शामिल नहीं है

Pooran Chandra Kandpal

हिंद के सैनिक तुझे प्रणाम,
सारी महीं में तेरा नाम,
दुश्मन के गलियारे में भी
होती तेरी चर्चा आम.

गुरखा सिख बिहारी कहीं तू
कहीं तू जाट पंजाबी
कहीं कुमाउनी कहीं गढ़वाली
कहीं मराठा मद्रासी.

कहीं राजपूत डोगरा है तू
कहीं महार कहीं नागा
शौर्य से तेरे कापे दुश्मन
पीठ दिखाकर भागा.

कई युद्ध लड़े हैं तुने
स्वतंत्रता के बाद में
सैंतालिस बासठ पैंसठ इकहत्तर
निनानबे के साल में ,

दुश्मन परास्त हर बार हुआ
मुह की उसने खाई
युद्ध विराम की हाथ जोड़
फ़रियाद उसने है लगाई
.
दम निकला तुने आह न की
सीने में गुली खाई
रखा बुलंद तिरंगा प्यारा
अपनी कसम निभाई.

मृत्यु तो एक दिन सब को आती
रजा रंक हो या योगी
मातृभूमि पर लहू तिलक हो
यह तो मौत की हार होगी.

तेरे कुर्बानी के चर्चे
मन में लिए समाये
प्रज्ज्वल अमर जवान ज्योति पर
मस्तक राष्ट्र झुकाए.

पूरन चन्द्र कांडपाल
(कविता संग्रह 'स्मृति लहर' की 'हिंद के सैनिक' से
लिए गए कविता के अंश).

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गढ़वाल की संस्कृति से रूबरू होगा दल
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लैंसडौन: थल सेना के नव प्रशिक्षित अधिकारियों का दस दिवसीय दल गढ़वाल दर्शन के लिए रवाना हो गया है। अभियान दल गढ़वाल के चारों धामों की यात्रा के दौरान पूर्व सैनिकों से मिलकर उन्हें रेजीमेंट से चलाई जा रही कल्याण कारी योजनाओं की जानकारी भी देगा।


शनिवार को गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट सेंटर के मुख्यालय में आयोजित समारोह में कार्यवाहक कमांडेंट कर्नल अजय नेगी ने अभियान दल को झंडा दिखाकर रवाना किया। अभियान दल सैनिक आश्रितों को उनकी समस्याओं को सूचीबद्ध कर वापस लौटने पर रेजीमेंट को अवगत करवाएगा।

अभियान दल में लेफ्टनेंट नीरज रामराव जाधव सेकेंड गढ़वाल, लेफ्टनेंट अर्मिनार्थान जे थर्ड गढ़वाल, लेफ्टनेंट विक्रांत विश्वासाराव चौथी गढ़वाल, लेफ्टनेंट मनोज ढौढि़याल पांचवी गढ़वाल, पंकज छठी के राहुल मेहता नौ गढ़वाल, आदित्य कुमार दस गढ़वाल, रोबिन कुमार बारह, आनंद एमएस तेरह गढ़वाल के हरजिंदर सिंह तोमर गढ़वाल स्काउट, मुख्य रूप से शामिल है।


Sabhar Dainik Jagran


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गढ़वाल रायफल ने शहीद गब्बर सिंह को दी सलामी


चंबा : शहीद गब्बर सिंह मेले में गढ़वाल राइफल के जवानों की सैन्य परेड व सलामी आकर्षण का केंद्र रही। सैनिकों ने शहीद के स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें गार्ड आफ ऑनर दिया। इस अवसर पर आस-पास के गांवों से पहुंचे लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देकर उनकी वीरगाथा को याद किया।

रविवार को मेले का शुभारंभ सुबह साढ़े दस बजे गबर सिंह स्मारक पर परेड व श्रद्धांजलि कार्यक्रम के साथ हुआ। गढ़वाल राइफल की पांचवीं व दूसरी बटालियन के जवानों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। सेना मैडल से सम्मानित ब्रिगेडियर विनोद रायजादा ने स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किया। इसके बाद स्थानीय जनता व पूर्व सैनिकों ने भी उनके स्मारक पर श्रद्धांजलि दी।


कार्यक्रम में गढ़वाल राइफल के सूबेदार रमेश सिंह कैंतुरा, नायक पुरुषोत्तम सिंह, राइफलमैन अर्जुन सिंह, सूबेदार मेजर पूरण सिंह सहित 32 जवान व पांच जेसीओ शामिल थे। शहीद गबर सिंह के नाती कमल सिंह ने भी स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किया। इस दौरान सैनिकों की विधवाओं को भी सम्मानित किया गया।


इस मौके ब्रिगेडियर विनोद रायजादा ने कहा कि गढ़वाल राइफल व पूरी भारतीय सेना के लिए वीर गबर सिंह प्रेरणासा्रेत है और भविष्य में प्रयास किया जाएगा कि पहले की भांति पुन: गबर सिंह के नाम पर भर्तियां चम्बा क्षेत्र में आयोजित हों। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने मेले का लुत्फ उठाकर खरीददारी की।


Source Dainik jagran

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