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Narendra Singh Negi: Legend Singer Of Uttarakhand - नरेन्द्र सिंह नेगी

Started by Anubhav / अनुभव उपाध्याय, October 05, 2007, 03:13:40 PM





Devbhoomi,Uttarakhand


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Mera Dandi Kanthiyoon ka Muluk Jailyu

Mera dandi kanthiyoon ka muluk jailyu, Basant ritu ma jaiyi -2

Haira ban ma buraans ka phool, jab banaag lagana hola
Beeta pakhon tein fyolin ka phool, pingla rang ma rangyana hola
Laiyan paiyaan gweeraal phoolu na, holi dharti saji dekhi aai...
Basant ritu ma jaiyi...
Mera dandi....

Rangeela phagun holyeroon ki toli, dandi kanthiyo rangyani holi,
Kaika rang ma rangyun holu kwiyi, kwi mani-man ma rangshyani holi
Kirmichi kesari rang ki baar, prem ka rangon ma bheeji ayee
Basant ritu ma jaiyi....
Mera dandi....

Binsiri deylion ma khilda phool, raati gaon-gaon giterun ka geet,
Chaita ka bol, aujiyon ka dhol, mera rountela mulukey ki reet,
Mast bigraila baikhun ka thumka, -2
Bandhoon ka lasaka dekhi aiyee,
Basant ritu ma jaiyi...
Mera dandi....

Saina damala ar chaitai bayar, ghasyari geeton na gunjdi daandi
Khelyun ma rang-mat gwer chhora, atkada gor ghamdandi ghandi,
Ukhi phundey holu khatyun meru bhi bachpan, -2
Ukri sakli te ukri ki laiyi
Basant ritu ma jaiyi
Mera dandi kanthiyon ka muluk jailyu, Basant ritu ma jaiyi



From : Sudarshan Chamoli

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Narendra Singh Negi ji on capital issue.
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तुम भि सूणा मिन सुण्यांळि
गढवाल ना कुमौ जालि
उत्तराखंडै राजधानि बल देहरादूणि मा रालि
दिक्षित साबन बोल्यालि
उन बोलण छौ बोल्यालि, हमन सुण्न छौ सुण्यालि
लड़ै हमरि लगीं राली।
राज्य से पैलि राजधानि तय छै पर आयोग नि मानी
गढ़वाल कुमौ का बीच गैरसैंण जनतान ठानि
ठाण्यालि त ठाण्यालि, दीक्षित साबन बोल्यालि।
नौ वर्ष देख्यालि दीक्षित जी पैल्यालि
पैसा त लाख खर्चकरि देहरादूणि खोज साकि
जतघा खाण छौ खयालि दीक्षित साबन बोल्यालि

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

A Very Sad Song of Narendra Singh Negi ji
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कनु  लाडिक  बिगड़ी  मयारू  ब्वारी  कैरी   की
केम  लगनीं  छुई  अपनी  खेरी  की
कनु  लाडिक  बिगड़ी  मयारू  ब्वारी  कैरी   की
केम  लगनीं  छुई  अपनी  खेरी  की
छुई  अपनी  खेरी  की

नथुली  बेचीं पढाई  लिखाई  -2
पुन्ग्दी  बेचीं  की  मिल  ब्वारी  कयी
सोची  चौ  ब्वारी  को  सुख  दयेखुलु
डोला  बाटी  ब्वारी  भवे  भी  नि  आई
नौना दगडी  चल  गी  देस  बौगा  मारी  की
केम  लगनीं  छुई  अपनी  खेरी  की
छुई  अपनी  खेरी  की

ब्वारी  बिचारिल  इन  जाप  कयी  -2
सैन्त्युं  नौनु  भी  बस  मा  नि  राहि
अब  ता  हमते  पह्चंदु  बी  नि  च
अपणु ही  सोनू  खोटू  हवे  ग्यायी
क्या  पायी  एका  बहना  मिल  ज्यूँ  मरी  की
कैम  लगनीं  चुई  अपनी खैर की 
कनु  लाडिक  बिगड़ी  मयारू  ब्वारी  कैरी  की
कैम  लगनीं  चुई  अपनी  खैर की

चौन्दी  ब्वारी  स्यु  चुन  दान्दियुं  जानू  -2
डोखरी पुन्ग्दियुं  मा  हद्गियुं   तुदाणु
लैंदा  कीदन  ये  घोरें  जन्दीना
में  स्यु  चौ  बंझा  भैंसों  चरनु
सैतियुं सम्भाल्युन  ली  जन्दिना  झाडी काटी  की
कैम  लगनीं  चुई  अपनी  खैर की

भली  बुरी  चीज  लोगुन  की  एइनी  -2
मिल द्वे  दानी  चनो  की  नि  पैनी
मकुनी सेवा  सुनली  भी  हर्ची
सम्धानियुं  तेने  मनी आर्डर  गिनी
क्या पायी  एका  बहना  मिल  ज्यूँ  मरी  की
कैम  लगनीं  चुई  अपनी  खारी  की
केम  लगनीं  छुई  अपनी  खेरी  की
छुई  अपनी  खेरी  की

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This is a very good Song of Nanrendra Singh Negi JI where a man lose his goat in forest
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मेरा  ढेबरा  हर्च  गीनी -

हे  भुलियुं  हे  घसेनियुं
हे  दिदियुं  हे  पंदेनियुं
हे  काका  तिन  देखियिनी
हे  चुच्यों  कख  फुकनी
मेरा ढेबरा हर्च  गीनी  मेरा  बखरा  हर्च  गीनी  -2
मेरा  ढेबरा  हर्च  गीनी ..

खाडू  नरसिंघा  का  नौ  कु , चौ  सिरायु  धर्मं  कौन -कु  -2
नागराजा खुजाऊ  तुई , तिरु लागोथिया ले  गी  कुई  -2
पटवारी  जी  की  पूजे  भोज -2
बुग्थिया दिखो हवे  गी  गोल
खुप्री  फूटी  कानी , मेरा  ढेबरा  हर्च  गीनी
मेरा ढेबरा  हर्च  गीनी  मेरा  बखरा  हर्च  गीनी
मेरा  ढेबरा  हर्च  गीनी

जुडी घंडी  घंदुली  याच , पर  पध्वनुई  ढिबरी  काच
मन  दुंदु  बखरू  भागी , पर  जू  बंधियों  चो  स्यु  काजी
खाडू  चौसिंघिया  चो  भरी , चाल  कानी  ली  गी  मारी
चुई  न  लगा  इनी , मेरा बखरा  हर्च  गीनी
मेरा ढेबरा  हर्च  गीनी  मेरा  बखरा  हर्च  गीनी
मेरा ...

हे  भुलियुं  हे  घसेनियुं
हे  दिदियुं  हे  पंदेनियुं
हे  काका तिन  देखियिनी
हे  चुच्यों  कख  फुकनी
ढेबरा हर्च गीनी मेरा  बखरा  हर्च  गीनी  -2
मेरा ....

दियू  बली  गे , धुपनु  हुए  गे , पुजारी  थमाली  लेकी  आए  गे
घुर  जून  की  बोना  जून , अक्ल  चकली , क्या  जी  कहूँ
ऐ भगवती  तू  ख्याल  राखी , भगवती  तू  ख्याल  राखी
मं  लुदगी  तक   नि  चखी
कु  जनि  कु  खाए  गैनी , मेरा  ढेबरा  हर्च  गीनी
मेरा ढेबरा  हर्च  गीनी  मेरा  बखरा  हर्च  गीनी
मेरा ..

हे  भुलियुं  हे  घसेनियुं
हे  दिदियुं  हे  पंदेनियुं
हे  काका  तिन  देखियिनी
हे  चुच्यों  कख  फुकनी
मेरा  ढेबरा  हर्च  गीनी  मेरा  बखरा  हर्च  गीनी
मेरा  ढेबरा  हर्च  गीनी  मेरा  बखरा  हर्च  गीनी