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Aviation Service - क्या उत्तराखंड के पहाडी क्षेत्रो मे हवाई सेवा शुरू होनी चाहिए

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 20, 2007, 12:51:01 PM

 क्या उत्तराखंड के पहाडी क्षेत्रो मे हवाई सेवा शुरू की जा सकती है ?

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Voting closed: March 04, 2012, 12:51:01 PM

सुधीर चतुर्वेदी

बस तो चलती नहीं ढंग से और हम सोचे की पहाडो मे हवाई सेवा शुरू हो जाये . न्यू डेल्ही से टनकपुर, चम्पावत, खटीमा, लोहाघाट, पिथोरागढ़, गंगोलीहाट,अल्मोडा, बागेश्वर इन जगहों पर एक भी एसी बस तक नहीं चलती .................. टनकपुर से तवाघट तक सड़क भी ठीक नहीं अभी बरसात के टाइम मे सब बंद ............................... खेर सोचने मे क्या सोच लेते है.

पंकज सिंह महर

उत्तराखंड के आसमान को मिली नई पहचान

देहरादून। उत्तराखंड के आकाश को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार हो गया है। देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं हासिल हो गई हैं। बुधवार को नागर विमानन राज्य मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने एयरपोर्ट के अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवन का उद्घाटन किया। उद्घाटन अवसर पर श्री पटेल ने कहा कि यहां से जल्द ही कार्गो सुविधा भी शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही पंतनगर हवाई अड्डे को भी अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप दिया जाएगा।

इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाएगा। हवाई मार्गो के जरिए ही तरक्की का रास्ता प्रशस्त होता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी ने कहा कि सूबे में हेलीकाप्टर बेस्ड टूरिज्म विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए सूबे में 17 स्थानों पर हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पंतनगर के अलावा पिथौरागढ़ और गौचर की हवाई पंिट्टयों के विस्तार के भी संकेत दिए। उन्होंने ऋषिकेश से देहरादून के बीच 137 करोड़ की लागत से चार लेन की सड़क, 11 केवी सब स्टेशन, नाइट लैंडिग सिस्टम, ड्रेनेज और पानी आदि की समस्या को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर एयरपोर्ट के लिए जमीन के बारे में भी जल्द निर्णय ले लिया जाएगा। इससे पूर्व नागर विमानन राज्य मंत्री प्रफुल्ल पटेल व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी का पारंपरिक नंदादेवी राजजात की झांकी के साथ स्वागत किया गया। वंदना के बाद श्री पटेल, श्री खंडूड़ी, एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन वीपी अग्रवाल, क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, एनसीपी प्रभारी डा. सुशील मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

More air services to Uttarakhand



Union Civil Aviation Minister Praful Patel today announced the expansion of air services in Uttarakhand. He also indicated that Jollygrant Airport in Dehra Dun would be expanded.


After inaugurating a new terminal at Jollygrant Airport, which has been modernised and expanded with an investment of Rs 100 crore, Patel also said the government was planning to run helicopter services to tourist destinations in the hill state.

The minister said the government would lend necessary support for expanding airservice to this place. For this, leading airlines would be asked to press air services to Jollygrant, one of the 35 non-metro airports in the country, he added.

The new air terminal has been constructed keeping in view the needs of the airport, he said. "In the coming days, people will benefit from budget airlines also," Patel added.

He said the government would also start cargo airlines to Jollygrant airport, which would benefit the farmers and industries alike.

The city's airport has been upgraded by the Airports Authority of India for operating Boeing-737/Airbus-320 category of aircraft considering traffic potential and requirement projected by airlines.

Night landing facility has also been provided at the airport.

Speaking on the occasion, Chief Minister BC Khanduri said the government is building 25 new helipads for promoting tourism in the hill state. Already, one such helipad has come into operation in Dehra Dun.

http://www.business-standard.com/india/news/more-air-services-to-uttarakhand/00/03/350122/

पंकज सिंह महर

राज्य बनने के आठ वर्ष बाद उत्तराखंड के आकाश को विस्तार के साथ ही नई पहचान भी मिल गई है। जौलीग्रांट हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप मिलने से देवभूमि ने एक ऊंची छलांग लगाई है। एयरपोर्ट के नए टर्मिनल में लंबा रनवे, कन्वेयर बेल्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं। केंद्रीय उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने जल्द ही कार्गो सुविधा शुरू करने की उम्मीद जताई है। ऐसा नहीं है कि पहली बार इस प्रकार के प्रयास हुए हैं, उत्तराखंड गठन के बाद से ही यहां हवाई सेवाओं के विस्तार की बात चल रही थी। जैसे, सरकार ने तमाम पहाड़ी क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने की पहल करते हुए हेलीपैड निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया है। इसे भी सकारात्मक रूप में लिया जाना चाहिए। राज्य की राजधानी और प्रमुख शिक्षण और राष्ट्रीय संस्थान होने की वजह से यहां हवाई यात्रियों का अच्छी खासी संख्या है। इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले सालों में कुछ विमानन कंपनियों ने इस ओर रुख भी किया, लेकिन बुनियादी सुविधाएं न मिलने से उन्हें अपना बोरिया-बिस्तर समेटना पड़ा। कुछ कंपनियों ने तो इस कारण कदम उठाने से ही परहेज किया। इस लिहाज से केंद्र सरकार का हालिया कदम उत्तराखंड के लिए बेहद सुकून की बात है। उत्तराखंड को पर्यटन के लिहाज से काफी धनी राज्यों में शुमार किया जाता है। आकाश मार्ग के विस्तार से निश्चित तौर पर यहां के पर्यटन को नया मुकाम हासिल होगा। हां इतना जरूर है कि अकेले केंद्र की यह पहल रंग नहीं लाएगी। पर्यटन को असली स्वरूप में लाना है तो राज्य सरकार को भी उन तमाम बुनियादी जरूरतों पर गंभीरता दिखानी होगी, जिनसे सैलानी फील गुड महसूस करें। मसलन यात्रा मार्गो की स्थिति, चिकित्सा और आवासीय सुविधा के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध के बगैर पर्यटन प्रदेश की कल्पना बेमानी ही है। औद्योगिक विकास की दृष्टि से अभी निचले पायदान पर खड़े सूबे को ताजा परिस्थितियों में आक्सीजन भी मिलेगी। दरअसल उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां ऐसी हैं कि दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचने के लिए यहां सड़क ही एकमात्र जरिया है। ऐसे में उद्यमियों में भी यहां कदम रखने को लेकर अभी तक हिचक थी, अब शायद यह टूट जाए।

पंकज सिंह महर

देहरादून, जागरण संवाददाता: इस महीने के अंत तक जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर एयर बस के आ जाने की पूरी उम्मीद है। एयर डेक्कन ने इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया के समक्ष आवेदन कर दिया है। एयर बस शुरू होने से दून से दिल्ली हवाई यात्रा करने करने की इच्छा रखने वालों के लिए बेहतर विकल्प खुलेंगे। दूसरी तरफ, लोड फैक्टर कम होने से एयर टिकट मिलना आसान हो जाएगा। जौलीग्रांट एयरपोर्ट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो चुका है। यहां बड़े विमानों के उतरने और खड़े होने की क्षमता है। फिलहाल इस एयरपोर्ट से किंगफिशर (एयर डेक्कन) की दो फ्लाइट नियमित तौर पर दून से दिल्ली व दिल्ली से दून के लिए हैं, लेकिन 48-48 सीटों वाले इन विमानों में जगह मिलना आमतौर पर समस्या बनी रहती है, क्योंकि दून में स्थित केन्द्रीय संस्थानों, आसपास स्थित पर्यटक स्थलों आदि के कारण यहां से दिल्ली के लिए हवाई यात्रा करने वालों की संख्या काफी ज्यादा होती है। राजनेताओं और अधिकारियों आदि भी विमान यात्रा करते हैं। इसके चलते दोनों सेवाओं के लिए टिकटों की मारामारी रहती है। यहां तक कि टिकट के लिए सोर्स लगाने वालों की भी कमी नहीं है। हाल ही में जौलीग्रांट में अत्याधुनिक सुविधाओं वाले नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया गया है। इस पर्यटन सीजन में हवाई सेवाओं के जरिए दून की खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाने वाले पर्यटकों की संख्या काफी ज्यादा होने की संभावना है। इस उम्मीद में किंगफिशर ने अपनी एयर बस सेवा शुरू करने के लिए आवेदन किया है। किंगफिशर के सूत्रों के मुताबिक एयरबस 145 सीटर होगी। योजना यह है कि एयर बस सेवा चालू होने के बाद एक एटीआर सेवा बंद की जाए। किंगफिशर के स्थानीय प्रतिनिधि पंकज शाह के मुताबिक कंपनी ने एयर बस सेवा शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है। वहीं, जौलीग्रांट एयरपोर्ट अधिकारी रमेश कुमार के मुताबिक कंपनी ने एयर बस सेवा शुरू करने से संबंधित पत्र दिल्ली कार्यालय में दिया है। उनके मुताबिक जौलीग्रांट एयरपोर्ट तकनीकी रूप से एयर बस के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसलिए सेवा शुरू हो जाने की पूरी संभावना है।

मदन मोहन भट्ट

दोस्तों,
इसी ६ मार्च को हमारा एक भाई जो गाँव मैं मकान बना रहा था, गाँव मैं बीमार हो गया और डॉक्टर को दिखाने जब उसे अल्मोडा ले जाया जा रहा था, उसने रास्ते मैं ही आंखरी सांस ले ली. 

इसलिए सैर सपाटे के लिए नहीं तो कम से कम बीमार व्यक्ति को बचाने की नीयत से ही सही, उत्तराखंड की सरकार को मेडिकल हवाई सेवा तो शुरू करनी ही चाहिए.  अब सरकार यह नहीं कह सकती कि उत्तराखंड गरीब राज्य है.

कई लोगों ने हवाई पट्टी का जिक्र किया है.  भाईयो, हेलीकॉप्टर के लिए तो आजकल हवाई पट्टी की भी जरूरत नहीं है. वह तो कही भी उतर सकता है. हर गाँव के किसी खेत मैं ही सही, एक हल्का हेलीपेड ही काफी है.  यह निश्चित हैं कि यदि मेडिकल हवाई सेवा शुरू हो गयी तो सैर सपाटा भी हेलीकॉप्टर से शुरू हो जायेगा.

मदन मोहन भट्ट

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Madan ji aapne is vritaant se Uttarakhand ki katu sachai ko vyakt kiya hai. Jo kabhi bhi kisi ke saath bhi ghatit ho sakti hai. Hope Government learns from these incidents and start aerial medical facility.

Quote from: Madan Mohan Bhatt on March 19, 2009, 02:29:29 PM
दोस्तों,
इसी ६ मार्च को हमारा एक भाई जो गाँव मैं मकान बना रहा था, गाँव मैं बीमार हो गया और डॉक्टर को दिखाने जब उसे अल्मोडा ले जाया जा रहा था, उसने रास्ते मैं ही आंखरी सांस ले ली. 

इसलिए सैर सपाटे के लिए नहीं तो कम से कम बीमार व्यक्ति को बचाने की नीयत से ही सही, उत्तराखंड की सरकार को मेडिकल हवाई सेवा तो शुरू करनी ही चाहिए.  अब सरकार यह नहीं कह सकती कि उत्तराखंड गरीब राज्य है.

कई लोगों ने हवाई पट्टी का जिक्र किया है.  भाईयो, हेलीकॉप्टर के लिए तो आजकल हवाई पट्टी की भी जरूरत नहीं है. वह तो कही भी उतर सकता है. हर गाँव के किसी खेत मैं ही सही, एक हल्का हेलीपेड ही काफी है.  यह निश्चित हैं कि यदि मेडिकल हवाई सेवा शुरू हो गयी तो सैर सपाटा भी हेलीकॉप्टर से शुरू हो जायेगा.

मदन मोहन भट्ट

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Bhat ji,

Apke vichar se bilkul sahmat hoan. But Govt is not taking any interest towards this.


Quote from: Madan Mohan Bhatt on March 19, 2009, 02:29:29 PM
दोस्तों,
इसी ६ मार्च को हमारा एक भाई जो गाँव मैं मकान बना रहा था, गाँव मैं बीमार हो गया और डॉक्टर को दिखाने जब उसे अल्मोडा ले जाया जा रहा था, उसने रास्ते मैं ही आंखरी सांस ले ली. 

इसलिए सैर सपाटे के लिए नहीं तो कम से कम बीमार व्यक्ति को बचाने की नीयत से ही सही, उत्तराखंड की सरकार को मेडिकल हवाई सेवा तो शुरू करनी ही चाहिए.  अब सरकार यह नहीं कह सकती कि उत्तराखंड गरीब राज्य है.

कई लोगों ने हवाई पट्टी का जिक्र किया है.  भाईयो, हेलीकॉप्टर के लिए तो आजकल हवाई पट्टी की भी जरूरत नहीं है. वह तो कही भी उतर सकता है. हर गाँव के किसी खेत मैं ही सही, एक हल्का हेलीपेड ही काफी है.  यह निश्चित हैं कि यदि मेडिकल हवाई सेवा शुरू हो गयी तो सैर सपाटा भी हेलीकॉप्टर से शुरू हो जायेगा.

मदन मोहन भट्ट

मदन मोहन भट्ट

Its shame on the leaders of Uttarakhand.  Because they dream of flying in the choppers for enjoyment in the name of governance.  We all should put pressure on these leaders (government) through whatever social or political organization we belong to, so that the immediate requirement of Pahad is met.  These leaders may be happy that they have started 108 service in Pahad but can an ambulance reach the far flung area to save a life - no, never because most of the villages are even not connected with roads.  So, chopper is the only option to save the prestigious life in Pahad.  We must raise our hands in support of the demand through all the organizations.

Madan Mohan Bhatt

पंकज सिंह महर

देहरादून (एसएनबी)। पंतनगर से भी अब हवाई यात्रा का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। हवाई यातायात की प्रमुख कंपनी किंगफिशर आगामी माह की 15 तारीख से दिल्ली के लिए उड़ान शुरू करने जा रही है। हालांकि, कंपनी की योजना 29 मार्च को ही यह सेवा शुरू करने की थी लेकिन, कुछ कारणों से उसे योजना में बदलाव करना पड़ा।
किंगफिशर कंपनी के उत्तराखंड सहयोगी पंकज शाह ने बताया कि पंतनगर से दिल्ली की हवाई सेवा का आस-पास के लोगों को बड़ी ही बेसब्री से इंतजार है। यात्रियों की मांग को देखते हुए कंपनी ने हवाई सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। हवाई अड्डे पर काम चलने की वजह से उड़ान की तिथि को बदल दिया गया है। पंतनगर से दिल्ली के लिए हर रोज एटीआर एयर बस की एक उड़ान जाएगी। दिल्ली से पंतनगर के लिए जहाज 3 बजे उड़ेगा और 4 बजे पहुंचेगा। जबकि, दिल्ली के लिए वापसी में यह शाम करीब 4 बजकर 25 मिनट पर पंतनगर से उड़ेगा। शुरू-शुरू में एटीआर विमान शुरू की जा रही है बाद में, यात्रियों की मांग को देखते हुए और भी सेवाएं शुरू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पंतनगर से शुरू हो रही हवाई सेवा का लाभ प्रदेश के कुमाऊं मंडल समेत पड़ोसी राज्य के भी यात्री उठा सकेंगे।
उनका कहना था कि पंतनगर में ही सिडकुल की करीब तीन सौ कंपनियां काम कर रही हैं। आए दिन उघमियों को जरूरत के चलते दिल्ली की यात्रा करनी पड़ती है। हवाई सेवा की सुविधा न होने के चलते उन्हें कार से यात्रा करनी पड़ती है। जबकि, हवाई सेवा शुरू होने से वह समय व धन दोनों की बचत कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के उघमियों को भी इस सेवा का भरपूर लाभ मिलेगा, क्योंकि उन्हें दिल्ली तक की यात्रा करने में कम से कम 7 घंटे का समय जाया करना पड़ रहा है। पंतनगर से हवाई यात्रा करके वह आधा समय बचा सकेंगे।
उनका कहना था कि सीजन होने की वजह से भारी संख्या में यहां आने वाले पर्यटक भी इसका लाभ उठा सकेंगे। इससे प्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि हवाई यात्रा के लिए लोगों ने अपनी सीटें बुक कराना शुरू कर दिया है। वैसे भी सीजन के चलते उन्हें शुरूआत में ही लाभ की काफी संभावना नजर आ रही है। श्री शाह ने बताया कि पंतनगर को कार्गों हब बनाए जाने की भी योजना पर विचार चल रहा है। ऊधमसिंह नगर के कई किसान अपने माल को बाहर के बाजार में बेचने के लिए हवाई सेवा की मांग कर रहे हैं। उनका कहना था कि भविष्य में यहां प्रदेश का सबसे बड़ा कार्गो हब बनने की संभावना है।