• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Kumaoni-Garwali Words Getting Extinct-कुमाउनी एव गढ़वाली के विलुप्त होते शब्द

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 27, 2011, 03:56:06 AM

Anil Arya / अनिल आर्य


Devbhoomi,Uttarakhand

गिंवाडा ------------गेंहूँ के खेतों का समूह
स्युं--------------खेतों की जुताई के समय बनती हुई अस्थायी नालियां
त्यूँखी -----------भांग के रेशे से बना हवा वस्त्र

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


हड - शरीर का हिस्सा! वह इस हड (तरफ) सोया है!

धुर -  धुर पहले जंगल को भी कहते थे!


Devbhoomi,Uttarakhand

ज्वान ----चन्द्रमा को भी गढ़वाली में ज्वान कहते हैं और,जवान को भी ज्वान कहते हैं,भली ज्वान ह्वेगी तू
घाम --- सूर्य ,सूर्य की रौशनी को भी घाम कहते हैं

Devbhoomi,Uttarakhand

आंगडी ------ऊन से बना हुवा कपड़ा जो उत्तराखंड में महिलाएं पहनती हैं आंगडी को श्र्दियो में पहना जाता है और ये पुराने जमाने में उत्तराखंड की पारम्परिक पोषक में आंगडी की गिनती होती है और आज भी उत्तराखंड के पहाड़ों में महिलाएं इस ऊन वस्त्र का प्रयोग करती हैं,लेकिन धीरे-धीरे ये आंगडी भी गायब होती जा रही है !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


सैतू - सैतना मतलब होता है . पालन करने वाला. सैतू - पालक

मिजात - शान सौकत


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


सिराव -  पुराने ज़माने में नाड़े को बोलते थे!

उखाव-बिखाव - उलटी दस्त


Devbhoomi,Uttarakhand

पाखुली-----इसे पंखी भी खा जाता है और पाखुली को भी ठण्ड के समय में पहना जाता है यह ऊन से ही बुनी हुई होती हैं दोसरे सब्दों में पाखुली को ऊनी चादर भी कह सकते है !

विनोद सिंह गढ़िया

अड़मोड़ी : टेड़े किस्म का व्यक्ति / ख़राब स्वभाव का व्यक्ति

उदाहरनार्थ : य बूढ़ भौत अड़मोड़ी छू     ( ये बुड्ढा बड़ा टेड़े किस्म का है )

Devbhoomi,Uttarakhand

कैमा लगाण छुईं---------------किसको सुनाऊं या किसके साथ गप लगाऊं
अबारी दां -------------------इस समय