• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Should Ranikhet Be separate District,क्या रानीखेत को अलग जिला होना चाहिए ?

Started by Devbhoomi,Uttarakhand, February 08, 2011, 09:36:18 PM

रानीखेत को अलग जिल्ले का दर्जा मिलना चाहिए ?

हाँ  
22 (75.9%)
 नहीं  
6 (20.7%)
  मालूम नहीं  
1 (3.4%)
50-50
0 (0%)

Total Members Voted: 29

Devbhoomi,Uttarakhand

किसी भी ब्लोक को जिल्ले का दर्जा मिलने के लिए क्या क्या बातों का ध्यान रखा जाता है,क्या २ सुविधाएं होनी आवश्यक है ! और जिल्ले बनाने के बाद क्या विकास की गति तेज हो जाएगी ?

Devbhoomi,Uttarakhand

एक और जिल्ले को बनाने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा

पृथक द्वाराहाट जिले की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले क्षेत्रवासियों का नपं प्रांगण में आंदोलन जारी है। क्षेत्रवासियों ने मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। बुधवार को धरने में हरीश लाल साह, पुष्कर पांडे, खुशाल सिंह व महेश चंद्र जोशी बैठे। धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जिले के गठन तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा। निर्णय लिया गया कि शीघ्र जिले की घोषणा नहीं होने पर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।


इस अवसर पर अनिल चौधरी, किशोरी लाल साह, परितोष पांडे, उमेश भट्ट, डिगर देव फुलारा, आशीष वर्मा, ठाकुर सिंह, कैलाश आर्या, भूपेंद्र रौतेला, नंदन चौधरी, संतोष तिवारी, हीरा नेगी, भुवन त्रिपाठी, एहसान कुरैशी, हरीश भाकुनी सहित बार एसोसिएशन के हेम रावत, महेंद्र मैनाली, कमलेश पांडे, पूरन कैड़ा, राजकुमार पांडे, मृत्युंजय मैनाली आदि उपस्थित थे।
sours Dainik jagran

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

      People are continuing their agitation for separte District Ranikhet. Almora is one of the biggest Distct of Uttarakhand in population and area-wise. The demand is quite genuine and it should be met.  I am of the view that development activities will take place fast after formation of new state.        जागरण कार्यालय, रानीखेत: अलग जिले की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति का एसडीएम कार्यालय में धरना-प्रदर्शन 46वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को ठंड के बावजूद काफी संख्या में लोगों ने आदोलन स्थल पर आकर धरना दिया और नारेबाजी की।
धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने क्षेत्र के विकास के लिए रानीखेत जिले के गठन को बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि उपेक्षा को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा जिले गठन तक संघर्ष जारी रखा जाएगा। ऐलान किया गया कि जल्द जिले की घोषणा नहीं होने की दशा में संघर्ष को व्यापक रूप दिया जायेगा। धरने के दौरान मांग के पक्ष में जोरदार नारेबाजी हुई। धरने में विभिन्न संगठनों के रवींद्र चंद्र जोशी, मोहन नेगी, डीएन बड़ोला, अगस्त लाल साह, हरी सिंह नेगी, विमल भट्ट, जगदीश अग्रवाल, लक्ष्मी दत्त पांडे सहित अधिवक्ता संघ के शाकिर हुसैन, निकेत जोशी, हरीश मनराल, ललित पपनै, विजय पांडे आदि बैठे।


Devbhoomi,Uttarakhand

अलग किल्ले की लाइन में एक और नाम

रामगंगा जिले को लेकर धरना जारी
========================

भिकियासैंण: रामगंगा जिला बनाओ आन्दोलन जारी है।आज आंदोलन के 17 वां दिन था।आज एक सभा हुई।सभा में सभी लोगों से आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई।

बडियाली बाजार चौराहे पर सोमवार को 17 वें दिन प्रमुख राधा रमण उप्रेती, नरेश चंद्र, देवकी देवी, नवीन चंद्र, प्रेम गिरी गोस्वामी, कमल सिंह,दरवान सिंह बिष्ट,दान सिंह भंडारी, कृपाल सिंह जीना, ध्यान सिंह, राजेन्द्र सिंह, गंगा दत्त जोशी व कमल सिंह धरने में बैठे।

इस दौरान हुई सभा में सभी वक्ताओं ने लोगों से आन्दोलन को सफल बनाने के लिये पूर्ण सहयोग का आह्वान किया। पूर्व प्रमुख पुष्कर पाल बिष्ट, देव गिरी, महिपाल बिष्ट व मदन मेहरा आदि ने सभा को संबोधित किया।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7352314.html

Devbhoomi,Uttarakhand

द्वाराहाट में 39वें रोज भी आंदोलन जारी

==============================
अलग जिला बनाने की मांग को लेकर नगर पंचायत परिसर में चल रहा जिला बनाओ संघर्ष समिति का आंदोलन गुरुवार को 39वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने फिर दोहराया कि जब तक जिला नहीं बनता, तब तक चैन से नहीं बैठा जायेगा।

धरने में गुरुवार को संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद जोशी सहित मुरारी लाल चौधरी, चंदन सिंह रौतेला, तुलसी उपाध्याय, सुधीर साह, किशोरी लाल साह, अनिल चौधरी, संतोष तिवारी, जगदीश सिंह, गिरीश भट्ट, सुरेश साह, पूरन पांडे, गिरीश साह, मनोज भट्ट, सुधाकर पांडे, उमेश भट्ट, वीरेन्द्र रौतेला व गोविन्द अधिकारी आदि लोग शामिल थे। उन्होंने सभा में कहा कि जिले के लिए चला आंदोलन अब मुकाम तक पहुंचकर ही थमेगा। उन्होंने कहा कि अनसुनी बर्दाश्त नहीं होगी।

Devbhoomi,Uttarakhand

रानीखेत में आज चक्का जाम



   रानीखेत: रानीखेत जिले की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय के समक्ष चल रहा आंदोलन के तहत गुरुवार को बड़ी संख्या में लोगों ने धरने में शिरकत की। वहीं पोस्टरों के साथ नारेबाजी की। आज शुक्रवार को रानीखेत में बाजार बंद व चक्काजाम की व्यापक तैयारियां की गई हैं।


प्रतिदिन की भांति गुरुवार को भी रानीखेत में जिले की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन जारी रहा। वहीं धरना स्थल पर आंदोलनकारियों ने जिले की मांग के पक्ष में आज शुक्रवार को आहूत रानीखेत बंद व चक्काजाम को सफल बनाने की तैयारियों पर मंत्रणा की।


इसके लिए समितियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद पूरे नगर व आसपास लाउड स्पीकर से बंद व चक्काजाम को सफल बनाने की अपील की गई। स्कूल समेत सरकारी व अ‌र्द्ध सरकारी दफ्तरों को बंद से मुक्त रखने तथा आवश्यक सेवा से जुड़े वाहनों को चक्काजाम से अलग रखने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा रानीखेत नगर समेत चिलियानौला, गनियाद्योली, पिलखोली, माल रोड व चौबटिया में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने का निर्णय लिया गया है।


गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग धरना स्थल पर जुटे। उनमें अधिवक्ता संघ के प्रमोद पांडे, विजय पांडे, ललित मोहन पपनै, राजेश रौतेला, अर्जुन साह, देवेन्द्र मेहरा, दीपा धपोला, नवीन उपाध्याय, केएस डंगवाल, जीतेन्द्र बिष्ट, एनके जोशी, हरीश मनराल, लक्ष्मी नाथ गोस्वामी, आरएन वैला, महेश पांडे, जगदीश पाठक, चारू पांडे तथा अन्य संगठनों दान सिंह अधिकारी, लक्ष्मी दत्त पांडे,


विमल भट्ट, रवीन्द्र जोशी, मो.अबरार, खीम सिंह, हरी सिंह नेगी, यूडी जोशी, आरके गयाल, यतीश रौतेला, मोहन नेगी, डीएन भंडारी, नवीन बोरा, कविराज, नारायण बोरा, आरएस मेहरा, कै.अर्जुन सिंह व चंद्रशेखर पाठक आदि लोग शामिल थे।
   
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7366646.html

Devbhoomi,Uttarakhand

जिले को लेकर रानीखेत बंद सफल

   जागरण कार्यालय, रानीखेत: जिले की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे आंदोलन के तहत शुक्रवार को रानीखेत बंद और चक्काजाम सफल रहा। शहर और आसपास के इलाकों में बंद का व्यापक असर रहा। नगर समेत करीब के कस्बों में व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। वहीं चक्काजाम के कारण कई घंटों तक वाहनों के पहिये नहीं घूम सके।
रानीखेत जिले की मांग को लेकर करीब डेढ़ माह पहले से चल रहे आंदोलन के तहत पूर्व तय कार्यक्रम के मुताबिक शुक्रवार को तीखे तेवरों के साथ आंदोलनकारी नगर में बंद और चक्काजाम को सफल बनाने में जुटे रहे। नगर के पूरे बाजार समेत आसपास माल रोड, चौबटिया, गनियाद्योली, चिलियानौला, पिलखोली, घिंघारीखाल व मजखाली आदि कस्बों के बाजार भी बंद रहें। बार एसोसिएशन, संघर्ष समिति, व्यापार मंडल, छात्रसंघ के पदाधिकारी, सदस्य और पूर्व सैनिक टोलियों में जगह-जगह घूमते रहे और उन्होंने वाहन नहीं चलने दिये।बंद और  चक्काजाम को सफल बनाने के लिए घंटों तक निगरानी होती रही। सुबह 8 बजे से पहले-पहले कुछ वाहन गुजरे लेकिन बाद में बाद मे वाहन नहीं जा सके।
पिलखोली में चक्काजाम में बड़ी संख्या में फंसे वाहनों के यात्री चक्काजाम करने वालों से जाने देने को दबाव बनाते रहे। एक बारगी स्थिति बिगड़ने की नौबत आने लगी थी। आंदोलन से जुड़े नेताओं ने पिलखोली में जाकर लोगों की परेशानी को देखा और अपराह्न वाहनों को जाने की इजाजत दी और धीरे-धीरेचक्काजाम खोल दिया गया। इसके बाद संघर्षरत लोगों ने गांधी चौक तिराहे पर सभा कर दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक जिले का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
बंद व चक्काजाम को सफल बनाने में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रमोद पांडे, उपाध्यक्ष विजय पांडे, सचिव ललित मोहन पपनै, अर्जुन साह, हरीश मनराल, ललित आर्या, राजेश रौतेला, व्यापार मंडल अध्यक्ष मोहन नेगी, अगस्त लाल साह, जगदीश अग्रवाल, यतीश रौतेला, साहिब खान समेत कई लोग लगे थे। चिलियानौला में कमल सिंह कुवार्बी, राजेन्द्र सिंह बिष्ट, बचे सिंह कुवार्बी, कवीन्द्र कुवार्बी व सुरेश सिंह, पिलखोली में हरी सिंह नेगी के नेतृत्व में बंद और चक्काजाम को सफल बनाया गया।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7371236.html

   

Devbhoomi,Uttarakhand

जिला बनाओ: बाजार बंद, 5 घंटे का जाम
================================

भिकियासैंण/चौखुटिया: रामगंगा जिले की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। जिला बनाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर शुक्रवार को भिकियासैंण बाजार पूर्णत: बंद रहा। इस दौरान महिला समूह से जुड़ी महिलाओं और व्यापारियों ने जुलूस भी निकाला। साथ ही आंदोलनकारियों ने बडियाली चौराहे पर पांच घंटे का जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन भी किया।

पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक आज सभी व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। इस दौरान होटल और चाय की दुकानें भी नहीं खुली। सुबह से ही समिति के लोग बडियाली चौराहे पर जमा होने शुरू हो गये। बाद में साढ़े नौ बजे से बडियाली बाजार के मुख्य चौराहे पर जाम लगा कर प्रदर्शन किया। जाम के चलते करीब पांच घंटे तक यातायात बाधित रहा। इससे आम लोगों के साथ ही यात्रियों को भी खासी परेशानी उठानी पड़ी।

इस दौरान कुन्हील, गंगा नगर, किनारी बाजार, खड़ी बाजार, गांधी नगर व भिकियासैंण गांव के महिला समूहों ने बाजार में जुलूस निकाल कर नारेबाजी की। बाद में धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने शीघ्र ही रामगंगा जिले की घोषणा न होने पर सामूहिक गिरफ्तारी देने के साथ ही आन्दोलन को तेज करने का ऐलान किया। 21वें दिन धरने में शोबन सिंह, गंगा दत्त, ललित कड़ाकाटी, मीना बिष्ट, कमला देवी, बसंती व विश्वबंर दत्त सहित अन्य लोग शामिल हुए। जुलूस व सभा में जिपंस लीला बिष्ट, प्रभा बिष्ट, माया देवी, बसंती, पुष्कर पाल, जीएस चौहान, खुशाल सिंह, मदन मेहरा, मोहन सिंह, ध्यान सिंह, व नारायण सिंह व भोले शंकर सहित अन्य ने भागीदारी की।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7371218.html

Devbhoomi,Uttarakhand

रानीखेत में धरने पर डटे हैंलोग
=========================

रानीखेत:पृथक रानीखेत जिले की मांग को लेकर जिला बनाओ संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर शुक्रवार को भी लोग धरने पर डटे रहे। यहां एसडीएम कार्यालय परिसर में चल रहे आंदोलन के तहत जमकर नारेबाजी की गई। आज शनिवार को पिलखोली में बुद्धि शुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया है।

रानीखेत में धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने लंबे समय से चल रहे आंदोलन की उपेक्षा पर सरकार के खिलाफ जमकर गुबार निकाला। रानीखेत जिले के लिए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए वृहद आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दोहराई। सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए पिलखोली में यज्ञ आयोजित करने का निर्णय लिया गया। धरने में अलग-अलग संगठनों के हरी सिंह नेगी, डीएन बड़ोला, रवींद्र चंद्र जोशी, कैलाश पांडे, मोहन नेगी, यूडी जोशी, खीम सिंह खर्कवाल, गिरीश भगत, लक्ष्मी दत्त पांडे, मनोज पाल सहित अधिवक्ता संघ के ललित पपनै, हरीश मनराल, आरएन वैला, महेंद्र बिष्ट, जितेंद्र बिष्ट आदि थे।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7435594.html

Devbhoomi,Uttarakhand

तेज हुई जिले की आवाज
=====================

रानीखेत को जिले का दर्जा देने की मांग को लेकर एसडीएम दफ्तर के समक्ष चल रहा आंदोलन सोमवार को 81वें दिन भी जारी रहा। सरकार की अनसुनी से खिन्न होकर सोमवार को आंदोलनकारियों ने बैनरों व जोरदार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।

रोज की भांति पूर्वाह्न संयुक्त संघर्ष समिति एवं अधिवक्ता संघ के लोग आंदोलन स्थल एसडीएम कार्यालय प्रांगण में एकत्रित हुए। उन्होंने सभा कर कहा कि ढाई माह से आंदोलन चल रहा है, लेकिन सरकार के कान में जूं नहीं रेंग रही।

उन्होंने सरकार को चेताया कि वह आंदोलनकारियों के धैर्य की परीक्षा न ले अन्यथा उग्र रूप में लड़ाई लड़ी जायेगी। प्रदर्शन में प्रमोद पांडे, ललित पपनै, विजय पांडे, दीपा धपोला, सीपी पांडे, आरएन वैला, बीपी गोयल, डीएस मेहरा, यूडी जोशी, नवीन पंत, जगत मोहन, ललित आर्या, केएस डंगवाल, विजय वर्मा, राजेन्द्र अग्रवाल, सीकेएस बिष्ट, रवीन्द्र जोशी, लक्ष्मी दत्त पांडे, नवीन उपाध्याय, एमएम तिवारी, जीतेन्द्र बिष्ट, शाकिर हुसैन आदि दर्जनों लोग मौजूद थे।


द्वाराहाट: जिले की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति का धरना यहां नगर पंचायत परिसर में जारी है। सोमवार को 71वें दिन पूर्व सैनिक संगठन के नेतृत्व में नंदाबल्लभ मठपाल, दीवान सिंह, शेर सिंह, सुधीर साह धरने में बैठे। सभा में वक्ताओं ने कहा कि द्वाराहाट जिला बनने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया और चेतावनी दी कि अब आंदोलन को उग्र रूप दिया जायेगा।


समिति ने इस संबंध में हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा। सभा मे विनोद जोशी, किशोरी लाल साह, उमेश भट्ट, अनिल चौधरी, सुरेश साह, मुन्ना साह, चंद्रशेखर भट्ट, जीवन लाल साह, देवेंद्र लाल साह, मोहन सिंह बिष्ट, भुवन चंद्र त्रिपाठी, वीरेंद्र सिंह रौतेला, गिरीश भट्ट, ईश्वर मठपाल केडी जोशी, हरीश चंद्र, भवागन चौधरी, संजय साह आदि उपस्थित थे।

Source dainik jagran