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Exit Poll Uttarakhand Assembly Election 2012- Your vote for which Party?

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 10, 2012, 03:46:57 PM

उत्तराखंड के विधान सभा चुनाव में आप किस पार्टी को वोट देना चाहोगे और किस आधार पर?

BJP - Bhartheey Janta Party - भारतीय जनता पार्टी
13 (41.9%)
Congress - कांग्रेस
5 (16.1%)
Uttarakhand Kranti Dal - उत्तराखंड क्रांति दल
13 (41.9%)
BSP - बहुजन समाज पार्टी
0 (0%)
Others - अन्य
0 (0%)

Total Members Voted: 31

Voting closed: October 06, 2014, 03:46:57 PM

Himalayan Warrior /पहाड़ी योद्धा

जय भारत जय उत्तराखंड - उत्तराखंड क्रांति दल ! को मेरा समर्थन! लेकिन दुःख .. यह पार्टी हासिये पर खड़ी है!

सबसे पहले में एक बात को स्पष्ट करना चाहूँगा- उत्तराखंड राज्य के निमार्ण के पीछे केवल एक ही उद्देश्य था ! वह है पहाड़ी क्षेत्रो के विकास जो कि अभी तक नहीं हुवा! हमारे उत्तराखंड के ४२ लोगो ने अपने प्राणों की आहुति दी थे उत्तराखंड रकया के निर्माण के लिए! आज ये नेता हमारे अमर शहीदों के वलिदान को भूल गये है और शहीदों के सपनों के साथ गन्दी राजनीती का खेल खेल रहे है!   शर्म आणी चाहिए इन नेताओ को!

आज पहाड़ के kaafi नेताओ ने अपने niwarchan क्षेत्र भी badal daale!

1)  Mr Ramesh Pokhariyal Nishak-  निशंक भाई जी ने भी अपना निर्वाचन क्षेत्र रुद्रप्रयाग से देहरादून ड़ोदिवाला वाला आ गए है.. अब डर लगता होगा इनको पहाड़ से चुनाव लड़ने में

२)  खंडूरी जी -धुमाकोट से -  कोटद्वार
३)   बीना महाराणा - रामनगर के तराई क्षेत्र

४)   हराक सिह रावत भाई - देहरादून के ड़ोदिवाला से जिद्द कर रहे थे सुना .. लेकिन निशंक की वहां मज्दूकी देखर .. पहाड़ जाना पड़ा!

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बलवंत कोरंगा
बागेश्वर - उत्तराखंड.
राज्य आन्दोलन में सक्रिय था में.. 

खीमसिंह रावत

 8)      8)      8)

नमस्कार / पैलाग
मौसम बरसात का हो घास न उगे ये कैसे हो सकता है  ऐसा ही हाल चुनाव आने पर नेताओं का हो जाता है |
आज का नेता सेवा भाव से नेतागिरी नहीं करता है बल्कि आज राजनीती एक व्यवसाय हो गया है जहां व्यसाय होगा वहां पहले अपना हीत होगा | क्या आप बता सकते  है कि जिस काम को करने से घाटा होगा उसे आप करने के लिए तैयार होगें | उत्तर होगा कदापि नहीं |
मेरा अपना मानना है कि राज्यों में चुनाव क्षेत्रीय पार्टियों के द्वारा ही हो भले ही उन्हें राष्टीय पार्टी अपना समर्थन दे | जब संसद का चुनाव हो तब क्षेत्रीय पार्टियों को नहीं लड़ना चाहिए |
जहां तक अच्छे उमीदवार कि बात करें तो ये कितने होंगे जितने होंगे उतनों से सरकार नहीं बनाने वाली है लोगों कि मज़बूरी है कि वे अपने मत का प्रयोग कहीं ना कंही करना पड़ता है \  यूकेडी को मत देना चाहता हूँ  यह जानते हुए भी कि यह सत्ता में नहीं आएगी |

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उत्तरैणी पर्व कि हार्दिक बधाई |

:)     :)        :)


खीमसिंह रावत

         8)      8)
२०१२ के चुनाव में पहाड़ी क्षेत्र से ५ या ६ सीट कम कर दी गयी हैं मैदानी या शहरी क्षेत्रों में बढ़ा दी गई हैं आखिर क्यों ? क्या उत्तराखंड को इसी लिए बनाया गया है कि पहाड़ से विधायकों का भी पलायन हो | जो नेता पहाड़ को नहीं समझ रहे हैं उन्हें वोट किस आधार पर दें | मैदानी या शहरी क्षेत्रों में आवादी बढ़ी है तो म ल ए कि सीट वहां बढ़ा  दी जाय पहाड़ कि सीटों को काट कर नहीं | ये हमारी राष्ट्रीय पार्टी हैं इन्हें पता है कि पहाड़ में क्षेत्रीय पार्टी का जोर हो सकता है और उन्हेंने काम कर दिया अगर क्षेत्रीय पार्टी का शासन होता शायद ऐसा नहीं होता |

मैं एक ऐसे व्यक्ति को जानता हूँ जो एक पार्टी के नेता को सपोर्ट करता है और वह व्यक्ति शिक्षा मित्र है
विडम्बना देखिये नेता ने उसे क्या कभी ये पूछा होगा श्रीमान जी आप अपने काम को छोड़ कर क्यों आये | नहीं बल्कि अगर उसकी किसी ने शिकायत कि होगी तो नेता जी ने शिकायत को  दबा जरुर दिया होगा |  हम ऐसे नेताओं को विधान सभा में भेजते हैं |


;)      ;)

Devbhoomi,Uttarakhand

दोस्तों एक और मोका मिला हैं हमें सही और गलत का फैसला लेने का,विकास और विनास मैं फ़र्क महसूस कर वाने का कसीने क्या किया हैं किसने क्या खाया है और कितना खाया है, ये नेता और इनकी पार्टियाँ वो भिखारी हैं जो वोट की भीख मांगकर भूल जाते है !

की कौनसे गाँव वालों ने उन्हें कितनी  भीख दी है, और उस वोट नामक भीख को देने के लिए उत्तराखंड के पहाड़ों में रहें वाली जनता ने कितना नुक्सान उठाया और कितनी मुश्किलों का सामना किया है ! सो दोस्तों अपना अमूल्य वोट सोच समझ कर देना और इन तस्वीरों को ध्यान मैं रखकर देना !



ये पाठशाला पड़ने के लिए थी लेकिन अब ये मोत की पाठशाला बन गयी है


चम्बा,: बाइस साल पहले स्थापित किया गया हाइस्कूल का यह भवन आज साक्षात मौत की पाठशाला नजर आता है। हाईस्कूल के इस भवन में इंटर तक की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। भवन को देखकर इंटर कक्षाओं की तक की सभी सुविधाएं होने का अंदाजा स्वत: ही लगाया जा सकता है। चम्बा प्रखंड के अंतर्गत राइंका नागणी पिछले 22 वर्षो से जूनियर हाईस्कूल के भवन पर चल









जय हिंद, जय देवभूमि उत्तराखंड

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This is the views of Mr Dev Singh Rawat from facebook. He is editor of pyara Uttarahkand magizine. 


Dev Singh Rawat


पहाड़ू से बैर किले,गैरसैण गैर किले...!
पहाड़ू से बैर किले,
गैरसैण गैर किले...!
पहाड़ मांगी राजधानी ,
देह्रादूने सैर किले !
... किले भै किले, सोचा धौं किले ,
पूछा तों किले ...
पहाड़ू राज हर्ज किले,
कुछ भयुं मर्च किले..!
गैरसैणा बांठों पैंसा,
देहरादून खर्च किले ..!
किले भै किले ,
पूछा तों किले.

(अग्रणी लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी का उत्तराखण्ड के सत्तांध हुक्मरानों से एकदो टूक सवाल। यही एक सवाल आज उत्तराखण्ड के तमाम जागरूक जनता को अपने विधानसभा क्षेत्र के हर प्रत्याशी से करना चाहिए)

Devbhoomi,Uttarakhand

"जो गैरसैण राजधानी बनाने की बात करेगा वो ही उत्तराखंड पर राज करेगा "



ये वाक्य कुछ जाना पहचाना लग रहा है,क्योंकि हर चुनाव में यही तो  बातें होती हैं,गैरसैण को उत्तराखंड की राजधानी बनायेंगे, पहाड़ों में जो लोग कच्चे मकानों में रहते हैं उन्हें पक्के मकान देंगे

, बिजली देंग ,पानी देंगे,सड़क देंगें,  यही सब चोर नेता राजनेता बकवास करतें हैं, क्योंकि इनको वोट की भीख चाहिए और उस वोट की भीख के लिए ये कुछ बातें कर सकते हैं  चाहे  वो,------"जो गैरसैण राजधानी बनाने की बात करेगा वो ही उत्तराखंड पर राज करेगा

" ये भी बोलेंगें वोट के लिए ,"जो गैरसैण राजधानी बनाने की बात करेगा वो ही उत्तराखंड पर राज करेगा " गैसें राजधानी की बात करेंगे जरूर करेंगे लेकिन चुनाव होने तक,बाद में सब भूल जायेंगे की क्या बाते और वादे किये थे इन्होने !

"जो गैरसैण राजधानी बनाने की बात करेगा वो ही उत्तराखंड पर राज करेगा " गैरसैण राजधानी बनाने की बातें सभी करेंगे लेकिन क्या गैरसैण को ये भ्रष्टाचारी,राजधानी का ताज पहनाएंगे, ये तो सिर्फ अपना ताज ढूंडने निकल पड़ते हैं !


जय हिंद,जय उत्तराखंड


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Since I am in Delhi right now. Will try to be in Uttarakhand at the time of voting. Yet not fully prepared to whom should i vote. I am highly disappointed with the development so far. Do do you trust.... ?  who is fullfilling last time promises made. ???

In the mean time go through this interesting news.

Please you don't start weeping . My request.. lol

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Harak Singh Rawat ji started weeping.






रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में कांग्रेसी दिग्गज हरक सिंह रावत अब वोट के लिए आंसू बहा रहे हैं। दरअसल पार्टी ने उन्हें रुद्रप्रयाग से चुनाव लड़ने को कहा है, जहां पहले से ही उनके दो साढ़ू डटे हुए हैं। यही नहीं इस सीट से बड़े साढ़ू छह बार से विधायक हैं। माना जा रहा है कि राज्य में मुख्यमंत्री पद के दावेदार कांग्रेसी सांसदों के कहने पर ही आलाकमान ने उन्हें रुद्रप्रयाग भेजा है।
उत्तराखंड में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष हरक सिंह रावत रुद्रप्रयाग की सीट पर बीजेपी की तरफ से प्रत्याशी मातबर सिंह कंडारी यानी अपने बड़े साढ़ू के खिलाफ खड़े हैं। कंडारी यहां से पिछली छह बार से लगातार जीत हासिल करते रहे हैं। दूसरी बड़ी चुनौती उनके छोटे साढ़ू डॉक्टर राकेश कुंवर से मिल रही है। राकेश उत्तराखंड रक्षा मोर्चा के उम्मीदवार हैं। अब रावत को आंसुओं और रुद्रप्रयाग के लिए किए गए अपने काम की दुहाई देकर वोट मांगना पड़ रहा है।
http://khabar.ibnlive.com/politics/politicsnews/

Devbhoomi,Uttarakhand

हाहाहा देखा दोस्तों कैसी राजनीति,कैसी होती वोट की ये भूख  वोट की भूख मिटाने के लिए कैसे ये नेता लोक अपने आंसू बहते है !वोट की भूख के लिए ये लोक कुच्छ भी कर सकते हैं,वोट के लिए इन भ्रष्टाचारियों  को अगर सड़क में नगा  दौडने के लिए कहोगे तो ये तैयार है ,क्योकि इनको वोट की भूख लगी हुई है !

और ये  भूख इनको कुच्छ भी कर सकते हैं ! इस लिए  अपना उमीदवार सोच समझकर  चुनिए और अपने अमूल्य वोट का सही उपयोग करें !




जय हिंद,जय उत्तराखंड

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


I would be happy if a regional party rules in Uttarakhand now.