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मध्य हिमालयी कुमाउनी,गढ़वाळी एवं नेपाली भाषाओं व्याकरण का तुलानाम्त्क अध्ययन

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 15, 2012, 04:14:17 AM

Bhishma Kukreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-50

                          कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -50



                                                            सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                                       Edited by Bhishm Kukreti


                                        कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 11

                                कुमाउंनी और गढ़वाली में क्रायक अंग 


हिंदी -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली

मुख के अन्दर का भाग -----------------खाप ------------------------------गिच्चु , मुख भितर , खबाड़/खब्वड़   

मुख ---------------------------------------मुख ------------------------------मूक

मुख का वह भाग जो होंठों से युक्त है -----थोल --------------------------थुबड़/थोबडु /थोबड

पैर -------------------------------------------खुट्टा /खुट-----------------------खुट्टा /खुट   

पिंडलियाँ -------------------------------------गोद/नल्यो----------------------फिफन

बांह --------------------------------------------पांखुड़   ----------------------बौंळ  /बौंळा  /बौंळु

आंतें -------------------------------------------अनाड़---------------------------अंदड़ 

हड्डियां -----------------------------------------भांटी ------------------------हडक  /हडका

हड्डी ----------------------------------------------हांड़ -------------------------हाड



                             कुमाउंनी और गढ़वाली में अंग क्रियाएं

  हिंदी -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली 

  छींक ------------------------------------छिय्याँ /छीं -----------------------छींक/छिंकण 

स्फुरण --------------------------------------फुरनो/फुरण --------------------कंपण

एक प्रकार की कंपकंपी-----------------------जकुरनो/जकुरण ---------------- कंपण

नासिका स्राव --------------------------------शिकान----------------------------सीम्प /सिंघान

कफ्फ ------------------------------------------खंकार ----------------------------खंकार

कान का मैल  ----------------------------------कनगु ------------------------------कनsगू   

दांतों का खट्टा होना ----------------------------कुणीनो ---------------------------दांत सिल्याण   

                               


सन्दर्भ-

1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....

Bhishma Kukreti


Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-51


                                     कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -51



                                                                  सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                                      Edited by Bhishm Kukreti


                                              कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 12


                                                          कुमाउंनी और गढ़वाली में घरेलु वर्तन





हिंदी -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली
कटोरा ----------------------------------ब्याला -----------------------------कट्वर, कटोरा , कटोरी , कट्वरि 

भदेली-----------------------------------जाम ---------------------------------भदेली

कढाई ------------------------------------कढ़े  (ऐ  पढ़ें )  -----------------------   कढ़े (ऐ पढ़ें )

बड़ा गहरा चम्मच ------------------------------डाडु ----------------------------------डाडु

करछी --------------------------------------पंड्योऊलो (औ ) ---------------------------कड़छुल/कड़छि/करछी   

ताम्बे की गगरी ------------------------------फौन्लो -----------------------------गागर

ताम्बे/धातु की छोटी  गगरी ------------------कुम्भि-----------------------------तमोळी   

लोटा ------------------------------------------किशिणि/घंटि--------------------लुट्या/घंटि

  लोटे के आकार का पात्र ---------------------गडुवा ---------------------------गडुवा  (दोनो में ड़ पढ़ें )

दाल बनाने का कांसे का पात्र ---------------भडडू ---------------------------भडडू



सन्दर्भ-

1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....


Bhishma Kukreti

          Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-52


                              कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -52



                                                       सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                                  Edited by Bhishm Kukreti


                                               कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 13

           

                                                  वस्त्र -नामों में समानता व वैशिष्ठ्य

हिंदी -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली   

अंगरखा ----------------------------------अंगोड़ो/आंगोड़--------------------अंगुड़

लंहगा -------------------------------------घागरि/घागोर ---------------------घगुर/घगरि

वास्कट ----------------------------------भोट्टि/भोटि-------------------------फत्वी

धोती ---------------------------------------धोति ------------------------------धोति/धुतड़ा 

पैजामा --------------------------------------शुरवाल------------------------------सुलार

कंधे से लेकर नीचे तक

पहना जाने वाला लडकों का पहनावा -------------संतराश----------------------संतराज

फ्राक --------------------------------------------झगुलि--------------------------- झगुलि 

जनेऊ ------------------------------------------जने --------------------------------जंद्यौ         

                 


सन्दर्भ-

1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....

Bhishma Kukreti

   Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-53


                       कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -53



                                                                        सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                                         Edited by Bhishm Kukreti


                                   कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 14

                   

                                        आभूषण नामों में   समानता और वैशिष्ठ्य           




हिंदी -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली

हंसुली ------------------------------------सुत्ती /सुत-----------------------खग्वळि 

पैरो का चांदी  का बजने वाला आभूषण -- झांवर --------------------------झंवरि

हाथ का कड़ा जैसा आभूषण ----------------धागुलो -----------------------धगुल/धगुलि /धागुलो

हाथ का एक आभूषण -------------------------पौंछि ------------------------पौंछि

करघनी -----------------------------------------कमर-ज्योडि

नथ ---------------------------------------------नत्थ /नथ -------------------नथुलि

नासिका  का आभूषण ------------------------बुलाक -------------------------बुलाक

अंगूठी ----------------------------------------अंगूठी ---------------------------अंगूठी



सन्दर्भ-

1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....

Bhishma Kukreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-54


                                        कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -54



                                                                                                    सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                                                      Edited by Bhishm Kukreti





                                                                   कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 15









                                                                                         

                                          कुमाउंनी और गढ़वाळी में संस्कृत तत्सम रूप 

दोनों भाषाओँ में कुछ संस्कृत शब्द तत्सम रूप  में ही मिलते हैं - जैसे

अन्न, अति, अर्थ , इति, इष्ट , इश्वर, उद्धार, उत्पात, उदय, एकांत, क्रम, कंठ, काल, कुल, गीत,

गोत्र, गति, जन, तप, दुष्ट, दैव, धार, नाग, नाम, प्रबध, प्रेम, पाल, मौन, मृत्यु, ज्ञान आड़.



                                    कुमाउंनी और गढ़वाळी में संस्कृत तद्भव रूप



संस्कृत  -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली   

अक्षोट ---------------------------------------अखरोट ----------------------------अखरोट

अर्गला ---------------------------------------आगोलो

अंकमाल --------------------------------------अंग्वाल ---------------------------अंग्वाळ

कल्यवर्त----------------------------------------कल्यौ ---------------------------कल्यौ

कुक्षि----------------------------------------------कोख --------------------------कोख

गोष्ठ-----------------------------------------------गोठ --------------------------गोठ

गोमूत्र ---------------------------------------------गौंत ---------------------------गौंत

गोस्वामी ------------------------------------------गुशें ------------------------------गुशें  (आई की मात्रा)

ग्राहक ----------------------------------------------गहाक  --------------------------गाक /गाहक

तुम्ब ------------------------------------------------तुमोड़ो----------------------------तुमुड़ 

तप्त -----------------------------------------------तातो -------------------------------तातो

तिथि ------------------------------------------------तीथ -------------------------------तिथि

तृषा --------------------------------------------------तीश --------------------------------तीस

दर्भ --------------------------------------------------दाबो

देहली ----------------------------------------------देलि --------------------------------देळि 

नतहिं---------------------------------------------नंतर

पक्ष -----------------------------------------------पाखो ---------------------------------पाखो

मुद्गरी -------------------------------------------मुंगोरो--------------------------------मुंगुर 

नाल --------------------------------------------------नलौ-----------------------------नळौ   

लिक्षा ---------------------------------------------लिखा -----------------------------लिखल

वलिवर्द-------------------------------------------बल्द ----------------------------------बल्द

     



सन्दर्भ-
1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....

Bhishma Kukreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-55


                                     कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -55



                                                              सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                                         Edited by Bhishm Kukreti






                                             कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 16


                                                        कुमाउंनी व गढ़वाली में कारक भेद

कारक ----------------------------------गढ़वाली ---------------------कुमाउंनी -----------------------हिंदी

कर्ता -------------------------------- न, ल-----------------------------ले -------------------------------ने

कर्म------------------------------  सणि, कु, को, कुणि ---------------कणि,कन, कैं , श -------------को

करण ------------------------------तै, न , से  ,   ----------------------ले, पिति, कयल, कयां---------से, द्वारा

सम्प्रदान ----------------------खुण, कुण, सणि, कू -----------हीं, हिन, हूँ , हुणि, खीं , खिन, लिज्या -------------के लिए

अपादान --------------------------ते, बिटेन , बटि----------------------हैं,बटि , बटे, बै ------------------ से

सम्बन्ध -------------------------को, क, का, कि------------------------को, का, कि -------------------का, के, की

अधिकरण -------------------------मां , पर, तलक ----------------------में, माझ ----------------------में, पर   

सन्दर्भ-


1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....

Bhishma Kukreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-56


                                       कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -56



                                         सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                                          Edited by Bhishm Kukreti

                   हिंदी, कुमाउंनी और गढ़वाली भाषाओँ में   वाक्य भेद


१-हिंदी - तुम पुस्तक पढ़ रहे थे

कुमाउंनी -तुम किताब पड़णौ छिया 

गढ़वाली - तू किताब पढ़णु छौ /छयो 

तुम किताब पढ़णा छ्या

२- हिंदी - मै फल खा रहा था    .

कुमाउंनी -मै फल खाणौ छियुं 

गढ़वाली - मि फल  खाणु   छौ 

३- हिंदी - मैं पढ़ने जा रहा हूं

कुमाउंनी - मै पड़णहूं जाणयूँ

गढ़वाली -मी पढ़णो जाणु छौं

४- हिंदी -  तुम घर  जा रहे  हो 

कुमाउंनी -तुम घर जाणौ छा 

गढ़वाली -तू घौर /ड़्यार जाणु छे /तुम ड़्यार जाणा छ्न्वां

५- हिंदी - वह बाजार   जा रहा है

कुमाउंनी - ऊ बजार जाणौ छ 

गढ़वाली -वु बजार जाणु च

६- हिंदी - वे मनुष्य पढ़ रहे हैं

कुमाउंनी -ऊँ मैश पड़णाईं 

गढ़वाली - वो/वु मनिख पढ़ना छन



सन्दर्भ-


1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....

Bhishma Kukreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-57


                            कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -57



                                                                          सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                                          Edited by Bhishm कुकरेती



                                          हिंदी, कुमाउंनी और गढ़वाली भाषाओँ में वाक्य भेद



७- हिंदी - हम लोग प्रार्थना कार रहे हैं

कुमाउंनी -हम पराथना करणयाँ 

गढ़वाली- हम परार्थना करणा छंवां 

८-हिंदी - तुम लोग क्या कर रहे हो?
कुमाउंनी -तुम के करणौ छा ?

गढ़वाली- तुम क्या करणा छंवां ?

९-हिंदी - कुछ व्यक्ति गाना गा रहे थे
कुमाउंनी -क्वे जणी गीत गाणई

गढ़वाली-कुछ लोक गीत गाणा छया / कुछ लोक गाणा गाणा छया

१०-हिंदी - मै जाता हूं . वह जाता है
कुमाउंनी -मै जां . ऊ जां

गढ़वाली- मि जाणु छौं . वु जाणु छ/ वु जाणु च / वु जाणु छौ (विछ्ला ढाञगु  में - मि जाणु ह )

११-हिंदी - तुम जाते हो . वे जाते  हैं .
कुमाउंनी -तुम जांछा. ऊ जानी 

गढ़वाली- तुम जाणा छंवां (आदर सूचक) , तू जाणि छे (प्रेम सूचक ) . वु/वो  जाणा छन 

१२- हिंदी - वह जाती है
कुमाउंनी -ऊ जैञ 

गढ़वाली- वा जाणि च /छ

१३-हिंदी - वे स्त्रियाँ जाती हैं
कुमाउंनी -ऊन श्यैणी जानी

गढ़वाली- वु /वो जनानी जाणा छन

१४-हिंदी - लड़की घर से आई है
कुमाउंनी - चेली घर बे ऐ

गढ़वाली- नौनि /लौडि ड्यार बिटेन ऐ

१५-हिंदी - लडकियाँ पढनी गयी हैं
कुमाउंनी -चेलीं पड़णहूँ गेईं   

गढ़वाली-नौनि /लौडि पड़ना जयां छन








सन्दर्भ-


1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....

Bhishma Kukreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-58


                                    कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -58



                                    सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                               Edited by Bhishm कुकरेती



                        हिंदी, कुमाउंनी और गढ़वाली भाषाओँ में वाक्य भेद -३

१६- हिंदी- छात्रा गा रही थी

कुमाउंनी - चेली गाणै छि

गढ़वाली- नौनि /लौडि गाणि च /छ

१७-हिंदी- छात्राएं पढ़ रही थीं
कुमाउंनी - चेलीं पड़णौ  छीं

गढ़वाली- नौनि पड़णा छन

१८-हिंदी- लडकी ने खाना खाया

कुमाउंनी - चेलिल खाणु खा

गढ़वाली- नौनि न खाणा खाइ/ खै //नौनि ल खाणा खै   

१९-हिंदी- लडकियों ने पानी पीया
कुमाउंनी - चेलीनैल पाणि पी 

गढ़वाली- नौन्युं /लौडियूँ न पाणि पे  //नौन्युं /लौडियूँ ल पाणि पे

२०- हिंदी- वहां एक आदमी है
कुमाउंनी - वां एक मैश  छु

गढ़वाली- उख एक मनिख च /छ

२१-हिंदी- घर पर दो व्यक्ति हैं
कुमाउंनी - घर द्वि मैश छन

गढ़वाली- घरम/ड्यारम द्वि ' झण /मनिख/आदिम ' छन

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सूचना - गढ़वाली में मैश पति को कहा जाता है  . 


सन्दर्भ-


1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....



Bhishma Kukreti

             Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-59


                      कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -59



                                                    सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                               Edited by Bhishm Kukreti




                                          हिंदी, कुमाउंनी और गढ़वाली भाषाओँ में वाक्य भेद -4          



२२-हिंदी- घर पर चार व्यक्ति हैं

कुमाउंनी -घर चार मैश छन

गढ़वाली - घरम चार मनिख /आदिम/झण  छन


२३-हिंदी-घर पर तीन स्त्रियाँ हैं

कुमाउंनी -घर में तीन  श्यैणी छन 

गढ़वाली - घरम तीन जनानी छन 


२४-हिंदी-स्कूल में एक अध्यापिका हैं

कुमाउंनी -इस्कूल में एक मास्टरनि छु

गढ़वाली - इस्कूलम एक मास्टनि  च


२५-हिंदी- दूकान में केवल एक वस्तु है

कुमाउंनी -दुकान में एक्कै चीज छु

गढ़वाली - दुकानम एकी चीज च 


२६-हिंदी-होटल में खाने की चीजें हैं

कुमाउंनी - होटल में खाणी चीज छन

गढ़वाली - होटलम खाणै चीज छन


२७-हिंदी-काम कि वस्तुएं कहाँ थीं?

कुमाउंनी -कामैं चीज काँ छीं ?

गढ़वाली - कामै चीज कख छ्या ?


२८-हिंदी-वह कलम अच्छी थी

कुमाउंनी - ऊ कलम भलि छि 

गढ़वाली - वा कलम भलि छे


२९-हिंदी-स्याही अच्छी  नही थी

कुमाउंनी - श्यैइ  भलि नि छि

गढ़वाली - स्यै/स्याई  ठीक नि छे 


३०-हिंदी-उसका काम अच्छा है

कुमाउंनी - वीक काम भलु छु

गढ़वाली - वैक काम भलु च


३१-हिंदी-वे मनुष्य क्या करेंगे ?

कुमाउंनी -ऊ मैश के कराल ?

गढ़वाली - ऊ आदिम क्या कारल ?


३२-हिंदी-छात्र कब खेलेंगे ?

कुमाउंनी -च्याल कभत खेलाल ? 

गढ़वाली- पढंदेर/पढ़नेर  कब ख्यालल

  अथवा

नौन्याळ /लौड़ कब ख्यालल ?   


३३- हिंदी-तुम पढने जाओगे

कुमाउंनी -तुम पड़ण हूँ जाला

गढ़वाली - तुम पड़णो जैल्या / तू पड़णो  जैल 




सन्दर्भ-


1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....