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अपील आर्थिक मदद-उत्तराखंड की पहली लोक गायिका ८० वर्षीय कबूतरी देवी बीमार

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, May 17, 2012, 07:53:24 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

जीवन के अंतिम पड़ाव में इलाज को तरसी स्वर कोकिला

Story Update : Sunday, May 20, 2012    12:01 AM

खटीमा। 'पहाड़को ठंडो पानी सुनि किति मिठी बाणी, छोड़नी नी लागनी' जैसे गीतों के मधुर बोल जब कभी आल इंडिया रेडियो स्टेशन पर सुनाई पड़ते थे तो उत्तराखंड के लोग जहां कही भी होते थे उनमें पहाड़ के अपने गांव की याद तरोताजा हो जाती थी, लेकिन जीवन के अंतिम पड़ाव में अब यह मिठास कराहाें में बदल गई है, जिन्हें सुनने वाले अब यहां कोई नहीं हैं। उत्तराखंड की स्वर कोकिला के नाम से मशहूर कबूतरी देवी जीवन के अंतिम पड़ाव में बेहतर इलाज कराने को तरस गई है। कबूतरी देवी ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति और गायकी को देश में एक पहचान दी।
कबूतरी देवी अपनी पुत्री मंजू देवी निवासी श्रीपुर बिचवा के यहां आई हुई हैं। तीन माह पहले सुशीला तिवारी अस्पताल में उनका पथरी का आपरेशन हुआ था, लेकिन इसके बाद से उनके शरीर में सूजन है। कान में परेशानी रहती है, जिसकी वजह से वह बोल नहीं पाती हैं। उनकी दूसरी पुत्री हेमंती देवी ने बताया ग्यारह दिनों से उन्होंने कुछ नहीं खाया है। तंगहाली में अपनी मां की सेवा कर रही हेमंती का कहना है उनकी मां का किसी निजी अस्पताल में इलाज हो जाय तो वह अपनी मां को लेकर अपने गांव चली जाएगी। उन्होंने बताया मां को सांस्कृतिक विभाग से तीन हजार रुपये महीना खर्च के लिए मिलता है, लेकिन इससे किसी अच्छे अस्पताल में इलाज संभव नहीं है।
जीवन के 68 बसंत देख चुकी कबूतरी देवी की मीठी आवाज अब कराहों में बदल गई हैं। उनके परिजनों को अब उनके बेहतर इलाज की दरकार है। उनका कहना है सरकारी अस्पतालों में वह सुविधा नहीं मिल पा रही, जिसकी कबूतरी देवी को जरूरत है। उनके परिवार में वर्तमान में दो पुत्री एवं एक पुत्र है, जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। बड़ी पुत्री विधवा है और वह श्रीपुर बिचवा में सरकारी जमीन में झाला बनाकर रह रही है। एक पुत्र मुंबई में किसी कारखाने में नौकरी कर अपना गुजर-बसर करता है। छोटी पुत्री हेमंती पर ही मां की देखभाल का जिम्मा है। हेमंती का पति भी टेलरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है।


कबूतरी के गीत भारत-नेपाल साझा संस्कृति की मिसाल
खटीमा। जीवन के अंतिम पड़ाव में बेहद तंगहाली में जीवन यापन कर रही कबूतरी देवी का जन्म चंपावत जनपद के लेटी गांव गुमदेश में देव राम के परिवार में हुआ था। इनका विवाह 15 वर्ष की उम्र में क्यूतड़ पट्टी सौन जनपद पिथौरागढ़ के समाजसेवी दीवानी राम से हुआ। घर में काम करते या खाना बनाते समय गुनगुनाने वाली कबूतरी देवी की कला को उनके पति दीवानी राम ने पहचाना और पहली बार उन्हें लखनऊ आकाशवाणी केंद्र लेकर गए, जहां उन्होंने 28 मई 1979 को पहला गाना गाया। जिसके बोल थे 'पहाड़को ठंडों पानी सुनि किति मिठी बाणी, छोड़नी नी लागनी' यह गाना इतना हिट हुआ कि उत्तराखंड के अलावा अन्य प्रदेश में रहने वाले उत्तराखंडियों में भी लोकप्रिय हो गया। उसके बाद 1983 में आकाशवाणी नजीबाबाद से उनके गाने प्रसारित हुए।
वर्ष 1983 में ही उन्होंने आकाशवाणी केंद्र मुंबई में स्वरचित गीत गाए। संगीत में विलक्षण प्रतिभा की धनी कबूतरी देवी स्वयं ही गाने बनाकर गाया करती थी। उनके गाए गीत 'आज पनी जाऊं-जाऊं, भोल पनी जाऊं-जांऊ, परसो त नैई जौला, स्टेशनमां पूजाई दे' जैसे गीतों के बोलों में नेपाल और भारत की साझा संस्कृति की झलक मिलती है। कबूतरी देवी ने नेपाली और कुमाऊंनी दोनों ही भाषाओं में गाने गाए हैं। उनके द्वारा गाए गए रितुरेण (भिटौले के गीत ) सबसे अधिक सुने जाते थे। उस जमाने में रोडियो स्टेशनों में गाए गीतों के लिए उन्हें उचित पारिश्रमिक भी मिलता था।



http://www.amarujala.com/city/Udham%20singh%20nagar/Udham_singh_nagar-31879-118.html

C.S.Mehta

दोस्तों,
          अभी अभी मैंने कबूतरी देवी जी की बेटी हेमंती देवी से फ़ोन पर बात की और उन्होंने मुझे बताया की कबूतरी देवी जी की हालत में कुछ ज्यादा सुधार नहीं हों पा रहा है  है और उनका कहना है की शरीर में सुजन और शर में जो दर्द है वो अभी भी कम नहीं हुआ है लेकिन जो साँस लेने में  दिक्कत हो रही थी उसमे थोड़ा सुधार है
कबूतरी जी की बेटी हेमंती देवी जी  अपनी मम्मी जी के इलाज में पूर्ण रूप से जुटी हुइ है और उन्होंने बताया की उनका भाई भूपेंदर बम्बई में रहते है और अपनी मम्मी की इलाज के लिए बिलकुल भी सहायता नहीं कर रहे है कबूतरी जी की बीमार की खबर देने के बाद भी भूपेंदर मम्मी के हाल चाल के लिए गांव नहीं लोटे और हेमंती देवी ही उनका इलाज करा रही है है और धन की समस्या भी लोगो के सहयता से कुछ ठीक हो रही है और हेमंती देवी जी लोगो से आशा  कर रही है की  जरुर ही इसी तरह से लोग सहयता करते रहेंगे और उनका कहना है की यदि उनका स्वस्थ खटीमा में सही नहीं हो पाया तो वो कबूतरी देवी जी को  दिल्ली लायेंगी
साथ में मेरापहाड़ फोरम के वरिष्ठ सदस्य श्री ऍम.एस.मेहता जी का आभार ब्यक्त कर रही थी जिन्होंने कबूतरी देवी के इलाज में काफी सहयता की और लोगो तक  सहयता के लिए सूचित किया
मेरापहाड़  फोरम के सदस्यों को तथा सभी पाठक भाई बहिनों को एक बार फिर  सूचित करता हूँ की कबूतरी देवी के इलाज के लिए जरुर सहयता करे !

                                                                                                                                                               धन्यबाद
                                                                                                                                                               चन्दन मेहता

विनोद सिंह गढ़िया

'कुमाऊं कोकिला' की सरकार ने ली सुध


देहरादून। एक जमाने में 'पहाड़ों ठंडो पाणी....' जैसे गीत से पूरे उत्तराखंड में धूम मचा देने वाली कुमाऊं कोकिला कबूतरी देवी की सरकार ने सुध ली है। सीएम विजय बहुगुणा ने कबूतरी देवी को 50 हजार की आर्थिक सहायता दी है। उन्होंने चंपावत के जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं, वह कबूतरी देवी के फ्री इलाज की व्यवस्था करे।
कबूतरी देवी काफी समय से बीमार चल रही हैं। आर्थिक हालत ऐसे हैं, कि उपचार कराने में दिक्कत पेश आ रही है। मीडिया में कबूतरी देवी की बीमारी और उपचार में असमर्थता की खबर आने का असर हुआ है। सीएम ने सोमवार को कबूतरी देवी के लिए आर्थिक सहायता जारी कर दी। सीएम ने कहा है कि राज्य सरकार अपने लोक कलाकारों के प्रति गंभीर है। उनके कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं।

• अमर उजाला ब्यूरो

हेम पन्त

हेमंती देवी जी से मैंने भी कल बात की थी... उन्होंने बताया कि उनके बैंक अकाउंट में सात हजार रुपये जमा हुए हैं.. मुझे लगता है कि यह राशि उनके इलाज के लिए पर्याप्त नहीं है..

हमारे लिए संतोष की बात यह है कि मुख्यमंत्री बहुगुणा जी ने कबूतरी दीदी के इलाज के लिए पचास हजार रुपये की सहायता की घोषणा की है.

हेम पन्त

Dehradun, May 21 (PTI) Uttarakhand Chief Minister Vijay Bahuguna today sanctioned a financial assistance of Rs 50,000 to renowned folk singer Kabutari Devi. He also directed the district administration to provide free medical treatment to the ailing singer, who is admitted in a hospital in Kumaon region, said an official release here. Devi, known as the Teejan Bai of Uttarakhand hills, was living in penury and used to sing in marriage ceremonies to eak out living before being admitted in hospital because of old-age related problems. She lives in a remote village of Pithoragarh district. Devi, 75, was a rage in Kumaon region of the state. Stating that the state government is serious towards the welfare of folk artists of the state, the chief minister said the all possible help would be provided for the treatment of Devi.
Source - http://ibnlive.in.com/generalnewsfeed/news/uttarakhand-cm-offers-financial-help-to-ailing-folk-singer/1001552.html

CA. Saroj A. Joshi

मेरी भी बात हुए थी उनसे .हल्द्वानी आने की लिए अब वो राज़ी नहीं वो यहाँ के हॉस्पिटल के हाल जान चुके है ये सच है की  ..माही जी की सहयोग से  कोई सज्जन उन्हे मेरठ मै इलाज़ की  बात कर रहे है बस उनको उन्ही का इंतज़ार है !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Mahi Singh Mehta
गरीब, मरणासन हालत में लोक गायिका के साथ उत्तराखंड सरकार का भद्दा मजाक!
दोस्तों.. जैसे की आपको ज्ञात होगा उत्तराखंड के पहली लोक गायिका कबूतरी देवी मरणासन हालत में खटीमा में है! और आर्थिक तंगी होने के कारण अपना इलाज करवाने में असमर्थ है! कबूतरी देवी के बेटी ने जब पहली बार मेरापहाड़ टीम को यह खबर दी उसके बाद इन्टरनेट नेट के माध्यम से लोगो से कबूतरी देवी के इलाज के लिए सहयोग की अपील की थी! फलस्वरूप यह खबर उत्तराखंड सरकार तक भी पहुची और शायद मुख्यमंत्री साहब ने तुरुंत ५० हज़ार देने की घोषणा कर डाली! इस घोषणा के पांच दिन बीतने के बाद भी न ही यह सहयोग घोषणा की धनराशी कबूतरी देवी तक पहुची और न ही उनके पास प्रशाशन के अधिकारी का कोई फ़ोन तक नहीं आया! आज कबूतरी देवी को बिना अन्न खाए हुए ११ दिन हो गये और अभी तक उनको अस्पताल तक नहीं ले जाया गया है! हमने खुद जिला मजिस्ट्रेट ऑफिस और मुख्य मंत्री ऑफिस में इस खबर को पुष्टि करने के लिए फोन किया था! मुख्य मंत्री ऑफिस से पता चला साब ने घोषणा की है, लेकिन अच्छी तरह खबर की पुष्टि नहीं हुयी है जब की बहुत सारे समाचार पत्रों में इसकी खबर छप चुकी है !

दोस्तों - इसे सरकार का भद्दा मजाक न कहा जाय तो क्या कहे!

हेम पन्त

हल्द्वानी के हमारे मित्र चन्द्रशेखर करगेती जी ने व्यापार संघ, हल्द्वानी के सहयोग से कबूतरी जी  को सुशीला तिवारी अस्पताल में दिखाने का प्रबंध किया है.. संभवतः सोमवार को हेमंती जी उन्हें हल्द्वानी लाएंगी..

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Some small amount has been transferred to Kabrootri devi's account (about 8000/-) by various people.

Thanks to those who have come forward for this noble cause.


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

चन्द्रशेखर करगेतीposted toHem Pant

धन्यवाद पन्त जी, आपसे आज पहली मुलाक़ात मेरे मन मष्तिष्क पर एक अमिट छाप छोड़ कर गयी है, एक बात जो मैंने शिद्दत से महसूस की वह यह कि आप उन जैसे तो कतई नहीं है जो अपने आपको "मी छों उत्तराखंडी" कहते नहीं अघाते, लेकिन जब उत्तराखंडी बनने की बात आती है तो गिनती में सबसे पीछे खड़े नजर आते..या गायब हो जाते है.....आप जो कहते हैं वो करते भी हैं........

सभी साथियों श्री महिसिंह श्री मेहता जी, उना के सचिव श्री अमित पाण्डे जी, शैलनट के श्री देवकी नंदन भट्ट जी, सीए श्री सरोज जोशी जी, हिन्दुस्तान के पत्रकार श्री मोहन भट्ट जी, श्री आनन्द पटवाल जी, श्री कुम्मी घिल्धियाल जी , संजय पन्त जी एवं डॉक्टर गौरव सिंघल जी व जाने अनजाने उन सभी मित्र सहयोगियों के आर्थिक एवं मानसिक सहयोग से हमारे उत्तराखण्ड की वयोवृद्ध लोकगायिका श्रीमती कबूतरी देवी को हल्द्वानी में स्वास्थ लाभ हेतु अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है.......

श्रीमती कबूतरी देवी को लेकर पिछले १२ दिनों में बहुत कड़वे अनुभवों से २-४ होना पड़ा है,,,,,,,,राज्य मशीनरी जहाँ केवल मात्र अपना आर्थिक हित साधने में व्यस्त है, इसके इतर उत्तराखण्ड की संस्कृति के तथाकथित ध्वजवाहकों के मौन पर भी आश्चर्य होता है...