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Mobile Phone Side Effect In Pahad - पहाडो मे मोबाइल फ़ोन के साइड एफ्फेक्ट

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 06, 2008, 11:01:59 AM

क्या मोबाइल फ़ोन से पहाड़ की संस्कृति मे बदलाव आया है ?

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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

पहाडो मे मोबाइल फ़ोन के साइड एफ्फेक्ट


दोस्तो,

जैसे की आप जानते है की मोबाइल होने आधुनिक समय मे संचार का एव महत्वपूण यन्त्र है. लेकिन अभी आप ने सोचा है की मोबाइल फ़ोन आजकल पहाडो मे कई परिवारों मे झगडा कराने मे महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.

मैंने कई घटनाये देखे है. जहाँ छोटी -२ बातो पर तुरुंत संचार होंने से झगडे हुए है..

क्या आप उक्त बात से सहमत है.

एम् एस मेहता  


हलिया

महाराज मेहता ज्यू, टोपिक त आफ़ूंले भलो शुरू करौ.  झगडा का बारा में त मैं एल के नि कै सकुनू लेकिन मोबाइल पहाड में आईं बटी क्या परिवर्तन ऐगो देखो एक बानगी ये डायलोग बटी:

एक महिला (हमारे एक फ़ौजी भाई की स्त्री जो कि नितांत अनपढ है) अपने पुत्र से: अरे पप्पू जरा अपने पप्पा को एक "मिस हांड तो" ।  ;D  :P



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Raju Da,

Very correct.  I am sure you all must be receving must calls from your known people of UK.

Kisi ko phone karana hai to miss call de do.. ????

Lekin.. aaj kal k bawari shahu maa k waat laguni... 

अरे सुनो महराज.. इनर मैस फ़ोन आय न ... एन्ली शिकायत शुरू कर न.. .

बेचारी .. सासु को तो मोबाइल operate कारन न औन.



Quote from: राजु दा on January 07, 2008, 10:40:25 AM
महाराज मेहता ज्यू, टोपिक त आफ़ूंले भलो शुरू करौ.  झगडा का बारा में त मैं एल के नि कै सकुनू लेकिन मोबाइल पहाड में आईं बटी क्या परिवर्तन ऐगो देखो एक बानगी ये डायलोग बटी:

एक महिला (हमारे एक फ़ौजी भाई की स्त्री जो कि नितांत अनपढ है) अपने पुत्र से: अरे पप्पू जरा अपने पप्पा को एक "मिस हांड तो" ।  ;D  :P




पंकज सिंह महर

मेहता जी,
          मोबाइल आने से झगडे होना तो माइनस प्वाइंट है, लेकिन मोबाइल के आने से लोगों में किसी भी सूचना का प्रेषण सुगम हो गया है, पहले किसी के हाथ जबाब भेजे जाते थे, फिर सूचना होती थी, लेकिन अब यह काफी सुगम हो गया है, जैसे किसी की मृत्यु हो तो तुरन्त सूचना सभी रिश्तेदारों को तुरन्त हो पाती है, मोबाइल के बिना यह संभव भी नही था. मोबाइल के प्लस प्वाइंट मेरी दृष्टि में ज्यादा है, खासकर आपदाग्रस्त पहाड़ों के लिये......

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



मैंने कुछ ऐसी घटनाये देखी है जहाँ पर लोगो के संबंद टूट चुके है..

यह घटना कुछ समय पहले की है,  दो भाइयो के बीच मे झगडा हो.. दरअसल मे, छोटे भाई की दूसरे भाई की पत्नी से कुछ जमीन के बारे मे कहा सुनी हो गए.. गुस्से मे छोटे भाई ने कुछ गाली दे दी.. परुन्तु थोड़े देर मे इस गाली के लिए क्षमा भी माग  ली .. लेकिन उसकी भाभी ने तुरुंत दिल्ली फ़ोन किया मे तो मारी गयी .....

अब क्या इस भाई ने आव देखी ने ताव और सीधे भाई को फ़ोन लगाया और बचपन से आज तक के रिश्ते तोड़ दिए..

अगर मोबाइल न होता यह खबर दिल्ली तक गुस्से मे इतनी जल्दी तक नही पहुचती... जब की उसके भाई ने अपनी भाभी से कहा आप फ़ोन मत करो दिल्ली ..


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


महर जी इस पहलू मे कोई शक नही .. यह तो वरदान साबित हुवा है...

Quote from: पंकज सिंह महर on January 07, 2008, 10:52:11 AM
मेहता जी,
          मोबाइल आने से झगडे होना तो माइनस प्वाइंट है, लेकिन मोबाइल के आने से लोगों में किसी भी सूचना का प्रेषण सुगम हो गया है, पहले किसी के हाथ जबाब भेजे जाते थे, फिर सूचना होती थी, लेकिन अब यह काफी सुगम हो गया है, जैसे किसी की मृत्यु हो तो तुरन्त सूचना सभी रिश्तेदारों को तुरन्त हो पाती है, मोबाइल के बिना यह संभव भी नही था. मोबाइल के प्लस प्वाइंट मेरी दृष्टि में ज्यादा है, खासकर आपदाग्रस्त पहाड़ों के लिये......


पंकज सिंह महर

मेहता जी,
          उत्तराखण्ड जैसे आपदाग्रस्त एवं इसी दृष्टि से गंभीर रुप से संवेदनशील राज्य के लिये तो मोबाइल सेवा एक वरदान की ही तरह है। इस सेवा से लाभ यह हुआ है कि अब कहीं भी यदि आपदा आती है तो इसकी तुरन्त सूचना हो जाती है, जिससे फौरी राहत देना आसान हो जाता है, आस-पास भी खबर हो जाती है तो लोग राहत के लिये जुटने लग जाते हैं, व्यवहारिक रूप से देखा जाय तो मोबाइल सेवा के रह्ते आपदाओं में मृतकों की संख्या पूर्व के अपेक्षाकृत कम हुई है।
          जहां तक आपने झगड़े की बात की है तो यह तो अटल सत्य है कि विकास के साथ विनाश का भी चोली-दामन का साथ है, यदि दवा का इफेक्ट होता है तो साइड इफेक्ट भी होगा ही।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



और देखिये महर जी..

बहुवे तो मोबाइल होने से सुसुरल की हर बात मायके पास कर देती है. .. जिससे लोगो के मैत्र्कातापूर्ण सम्बंदो मे भी बदलाव आ रहे है..

मोबिल सेवा हम जैसे लोगो के लिए पहाड़ बहुत निहायत अच्छा है लेकिन लोगो थोड़ा सा इसे दुप्रयोग मे भी ला रहे है..

कहाँ वो दिन जब लोग चिट्टी का इन्तेजार करते थे अब.. जी भर बात कर सकते है.. बरसते ... मोबाइल मे पैसे होने चाहिए ... नही तो मिस कॉल..

हा हा..हा.

BC LOHUMI

Good Morning Sawant Saheb,
Maine Hindi ka software to log kar diya lekin is par kaise kam karein. Zara bataiye to.
Thanks,
BCL