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Hero of 1st World war from Uttarakhand प्रथम विश्व युद्ध में उत्तराखंड के शूरवीर

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, March 11, 2015, 10:54:31 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dosto,

Here is the details of some of the Heros of 1st World War from Uttarakhand.

प्रथम विश्व युद्ध में उत्तराखंड के शूरवीरों ने दिलाई थी जीत

प्रथम विश्व युद्ध में उत्तराखंड के शूरवीरों ने मित्र राष्ट्रों को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

प्रथम विश्व युद्ध के शताब्दी समारोह में उत्तराखंड के शूरवीरों को याद किया गया। दिल्ली में 10 मार्च से 14 मार्च तक चलने वाले इस समारोह में अलंकृत सैनिकों को बुलाया गया है।

जिसमें प्रदेश से शौर्य चक्र से सम्मानित ब्रिगेडियर एएन बहुगुणा (रि) शामिल हुए। इस समारोह में विक्टोरिया क्रास से सम्मानित प्रदेश के ग बर सिंह नेगी और दरबान सिंह नेगी को भी याद किया गया।

प्रथम विश्व युद्ध में जिन भारतीय शूरवीरों ने मित्र राष्ट्रों को जीत दिलाई थी, उसमें उत्तराखंड के शूरवीरों भी शामिल थे। उत्तराखंड के शूरवीरों की बहादुरी का प्रमाण ब्रिटिश इंडियन आर्मी का सर्वोच्च सैन्य सम्मान विक्टोरिया क्रास है, जिससे ये नवाजे गए थे।

विश्व युद्ध में गढ़वाल राइफल्स के दो शूरवीरों राइफलमैन गबर सिंह नेगी और नायक दरबान सिंह नेगी को विक्टोरिया क्रास मिला था। सबसे बड़ी बात यह है कि अविभाजित भारत के 12 शूरवीरों को विक्टोरिया क्रास मिला था। इनमें दो उत्तराखंड के थे।

प्रथम विश्व युद्ध के शहीदों की याद में आयोजित समारोह में ब्रिगेडियर एएन बहुगुणा (रि) ने बताया कि उत्तराखंड के रणबांकुरों का हर युद्ध में अहम योगदान रहा है। सेना में शामिल होना प्रदेश की परंपरा है और ऐसे वीरों से प्रेरणा पाकर बड़ी संख्या में युवा सेना में शामिल हो रहे हैं। (Source amar ujala)

M S Mehta



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Gabhar Singh Negi

राइफलमैन गबर सिंह नेगी का जन्म मंजूड गांव (चंबा) में हुआ। 2/39 गढ़वाल राइफल में गबर 1913 में भर्ती हुए जबकि 21 सितंबर 1914 को फ्रांस के मार्सेल्स में युद्ध मोर्चे के लिए रवाना हुए। ठीक सौ बरस पहले 10 मार्च को न्यू स्पेशल का प्रसिद्ध युद्ध हुआ, जिसमें जर्मन सेना अभेदनीय मोर्चा बना रखी थी।

गबर ने अपने दम पर दुश्मन की मशीनगन हथियाकर युद्ध की दिशा बदल दी। दुश्मन से लोहा लेते हुए 21 वर्षीय गबर सिंह शहीद हो गए, जिसके लिए उन्हें विक्टोरिया क्रास से सम्मानित किया गया।

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विक्टोरिया क्रास नायक दरबान सिंह नेगी
नायक दरबान सिंह नेगी 39 गढ़वाल की पहली बटालियन में तैनात थे, जो प्रथम विश्वयुद्ध में फ्रांस में जर्मन सेना के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए था।

चमोली जनपद के कर्णप्रयाग के रहने वाले दरबान ने 23 नवंबर को 1914 को जर्मन सैनिक की अधिक सैन्य संख्या के बावजूद दरबान और उनके साथियों ने दुश्मन को आगे नहीं बढ़ने दिया।

इस युद्ध में नायक दरबान में गंभीर रूप से घायल हुए। उनकी शूरवीरता के लिए 5 दिसंबर 1914 को विक्टोरिया क्रास दिया गया। 34 वर्ष सेना में सेवाएं देने के बाद सूबेदार रैंक से रिटायर हुए।
(Source Amar Ujala)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

प्रथम विश्वयुद्ध में उत्तराखंड के वीरता पदक

विक्टोरिया क्रास - 2
इंडियन आर्डर आफ मेरिट - 35
मिलिट्री क्रास - 12
मिलिट्री मेडल - 20