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Padam Shri Award to Prasoon Joshi, Dr Valdiya पदम श्री विजताओं का सम्मान समारोह

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, March 31, 2015, 08:58:29 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dosto,

Pahar organization organized an Award Ceremony in India International Centre, New Delhi on 29 March 2015 to felicitate Padam Shri Award Winners of Uttarakhand.

उत्तराखंड के पद्मश्री विजेताओं को मिला सम्मान

पहाड़ संस्था की ओर से दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्र में नाम कमाने वाले और पद्मश्री विजेताओं के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पहली बार किसी सम्मान समारोह में प्रसून जोशी का पूरा परिवार मौजूद रहा।

कार्यक्रम में पद्म भूषण से सम्मानित भूगर्भशास्त्री और पर्यावरण वैज्ञानिक प्रो. केएस वल्दिया, गीतकार प्रसून जोशी, एम्स के नेत्र रोग विभाग के प्रो. डॉ. जीवन एस टिटियाल, पांच बार हिमालय की चढ़ाई करने वाले लवराज सिंह धर्मशक्तु, पुरातत्व के विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट और प्रो. एसके जोशी को उत्तराखंड की परंपरागत टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर शेखर तिवारी समेत कई अन्य उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रसून जोशी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग बहुत सीधे और मासूम होते हैं। मैं भावनात्मक तौर पर यहां से जुड़ा हुआ हूं इसी वजह से पहली बार मेरा पूरा परिवार मेरे किसी सम्मान समारोह में पहुंचा है।

मैं उत्तराखंड से बाहर अपने तरीके से उत्तराखंड की संस्कृति और वहां के लोगों के लिए कार्य कर रहा हूं। डॉ. प्रो. जेएस टिटियाल ने कहा कि जरूरत पड़ने पर उत्तराखंड के लोगों की सेवा और उनमें स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए वहां जाकर काम करने को तैयार हूं।

पांच बार हिमालय की चोटी पर पहुंच चुके लवराज सिंह धर्मशक्तु ने कहा कि हिमालय को गंदा किया जा रहा है और वहां जगह-जगह मानव शव पड़े हैं। उन शवों को नीचे लाने और हिमालय को गंदगी से बचाने के लिए बहुत काम करने की आवश्यकता है।

अपने गांव की बदहाली के बारे में कहा कि आज भी उनके गांव में सड़क नहीं है फिर भी साल में एक बार पूरे परिवार के साथ जरूर जाता हूं।

उन्होंने सभी से अपील की जो अपने-अपने क्षेत्र में नाम कमा चुके हैं उन्हें एक या दो साल में गांव जरूर जाना चाहिए। उत्तराखंड के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि वहां की प्राकृतिक सौंदर्यता का सही तरीके से प्रचार-प्रसार किया जाए। (amar ujala)

M S Mehta