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Garhwali Dialect Words by Bhishma Kukreti -गढ़वाली शब्दकोष -भीष्म कुकरेती द्वारा

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, August 20, 2017, 12:37:05 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dosto

Our Senior Member Bhishma Kukreti ji has collected words of Garhwali Dialect to promote the language. We are sure that people want to learn Garhwali will be benefited.

गढ़वाली शब्दकोष -भीष्म कुकरेती द्वारा

गढ़वाली शब्दकोष (1)
कहां -कख
कैसे हो -कन च
कब से -कबरी बटिन
अभी -अबारी
आने वाला कल -भौल
बीता हुआ कल -ब्याली
परसों-परछे
सुबह-सुबेरे
दोपहर-दोपरू
शाम-बख्यानी
रात-रुमक

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M S Mehta

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

गढ़वाली शब्दकोष -भीष्म कुकरेती द्वारा
July 19 ·
गढ़वाली शब्दकोष (2)
गढ़वाली के कुछ आम शब्द
आज हम आप लोगों को गढ़वाली के कुछ आम बोलचाल के शब्द बताएँगे जो कि आप पहले बताये गए वाक्यों के साथ जुगलबंदी कर नए वाक्य बना सकते हैं. तो चलिए शुरू करते हैं आज की क्लास और सीखते हैं कुछ आम गढ़वाली शब्द :
घर : कूड़
कमरा : कमरा
खेत-खलिहान : पुंगड़ा /डोखरी
रसोई : रस्वड़
दीवार : दिवाल
चौक/आँगन : चौक
छन : छन्नी /गोठ्
खाना : खऽण
पानी : पाणि
कपड़े : लारा /कत्ता
चूल्हा : चुल्लू
पत्थर – ढुंगु
मिट्टी – मऽटु
लकड़ी- लकुड़
चादर – चदरी
तकिया – सिरणि
चश्मा – चशमा
बोतल – बोतल
लोटा – ल्वट्टा
अंधेरा – अन्ध्यर
उजाला – उज्यल
लाइट – लैट
थाली – थकुल
ठंड – ह्यून्द
गर्मी – रुड़ि
तौलिया – तौल्या
पाउडर – पौडर
शीशा – ऐनक
रंग – रँग
चटाई – चटै
चारपाई - खल्ला /खटुल
रजाई - खातिड़
कम्बल -कमुल

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गढ़वाली शब्दकोष -भीष्म कुकरेती द्वारा
 
गढ़वाली शब्दकोष (3)
यहाँ आप गढ़वाली पाठों के माध्यम से सीखेंगे ही साथ ही समय समय पर उत्तराखंड से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के विषय में भी जानेंगे .तो चलिए अपना बस्ता खोलिए और तैयार हो जाइए देवभूमि उत्तराखंड की भाषाएँ सीखने के लिए .हम प्रतिदिन के हिसाब से एक पाठ अपलोड करेंगे जिसके माध्यम से आप अपना गढ़वाली और कुमाऊँनी का ज्ञान बढ़ा सकते हैं .बिलकुल साधारण भाषा में आपको प्रतिदिन अनेक माध्यमों द्वारा ये भाषायें सिखाई जाएंगी .और हाँ यहाँ पर गढ़वाली और कुमाऊँनी में एक साथ पोस्ट की जाएंगी.
गढ़वाली में दिनों के नाम ( गड्वलि का बार)
एतवार(रविवार )
सोमवार (सोमवार )
मंगल्वार /म्वाटुवार(मंगलवार)
बुवार (बुधवार )
भिप्प्यार (ब्रहस्पतिवार)
सुक्वार (शुक्रवार)
छंचर (शनिवार)

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गढ़वाली शब्दकोष -भीष्म कुकरेती द्वारा

गढ़वाली शब्दकोष (4)
गढ़वाली में शरीर के भागों के नाम
शरीर के भाग
हिंदी : गढ़वाली
सर : बर्मंड
कंधा : कंधा
गर्दन :गर्दन
हाथ : हत्थ
पांव : खुटा
उंगली : अंगुला
घुटने : घुंडा
जांघ : जंघा
छाती : छाती
पेट : लद्वड़

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गढ़वाली शब्दकोष -भीष्म कुकरेती द्वारा

गढ़वाली शब्दकोष (5)
गढ़वाली में मुख के भागों का नाम
चेहरे के भाग
हिंदी : गढ़वाली
चेहरा : मुख
मुँह : गिच्च
दाँत : दांतुड़ी
कान : कन्दूड़
होठ : उठड़ी
बाल : ल्वटलि(बहु ल्वटला )
माथा : कपाल
गाल :गल्वड़ी(बहु गल्वड़ा )
गला : गौला

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गढ़वाली शब्दकोष -भीष्म कुकरेती द्वारा

गढ़वाली शब्दकोष (6)
काम चलाऊ गढ़वाली शब्दकोष
छन - अस्थायी आवास या पशुशाला जिसकी छत घासफूस की हो
तिवारी - खम्बे दार बरामदे वाला मकान
भूमडू- जमीन पर एक कमरा
कुड़ी- दो तल्ले का मकान जिसमे निचले तल को "ओबरा " उपरी तल को "बौंड" या "पांड " कहते है
देळee- देहरी
खुंटी- उपरी तल के दरवाजे के सामने सीढ़ी के ऊपर का समतल स्थान
फैडी- सीढ़ी
द्वार – दरवाजा
मोअर – दरवाजा
मोअरी - खिड़की
म्यलूट- फर्श
काकर - सामान रखने का लकड़ी का टांड
ढऐपुरु- दु छत्ती
गुल्न- दरवाजो के बीच कुण्डी की तरह इस्तेमाल किये जाने वाला लकड़ी का मजबूत डंडा इसे "थामण" भी कहते है.
बेसान्गडा- तिरछा करना (दरवाजो को )
चुल्खान्दा - चूल्हे के किनारा
खान्दा- खाना
चाल या चल – छोटा तालाब
खाल - चाल से बड़ा तालाब

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

गढ़वाली शब्दकोष -भीष्म कुकरेती द्वारा
July 19 ·
गढ़वाली शब्दकोष (6)
गढ़वाली बावन ब्यंजन {गढ़वलिम}
गढ़वाल का 52 ब्यंजन (ठेट गढ़वालीम):
.
1 खिचड़ी
2 गिंजड़ी
3 पल्यो
4 छछिन्डु
5 बाड़ी
.
6 रैलु
7 रैठु
8 ढुंगला
9 स्वाली
10 भूड़ी / पक्वड़ी
.
11 रोट
12 अरसा
13 गुलगुला
14 लगड़ी
15 पैतूड़
.
16 मरगल
17 बुखणा
18 पटुड़ी
19 परसाद
20 सूजी
.
21 सत्तू
22 पाइस
23 झंग्वरू
24 कौंणी
25 पिंजरी
.
26 भटगरू
27 चैंसु
28 फांणु
29 झ्वल्ली
30 गथ्वणि
.
31 थींच्वणी
32 झोल
33 दाल
34 भात
35 र्वट्टी (रोटी)
.
36 रोट (परसाद)
37 पीलू भात
38 खुसका
39 भुज्जी
40 कफली
.
41 धपड़ी
42 बोड़ी
43 भ्वरीं र्वट्टी
44 पिस्यूँ लूण
45 कचम्वली
.
46 मिठै
47 खटै (चटनी)
48 च्यूँ
49 सिकार
50 कुखड़
51 अंडरु
52 गड्याल / माछा
.
[[इन ब्यंजनौ में इनके प्रकार नही दिये गए हैं जैसे चूने की रोटी, डोठ रोटी, ढवाड़ी रोटी etc॰ या बिभिन्न दालें व सब्जियाँ etc॰ (that will follow)]] । आप भी किसी गढ़वाली ब्यंजन का नाम बताइए अच्छा लगेगा । (कृ०:* कृ०॰ॐ*)
.
.
कृष्ण कुमार ममगांई
ग्राम मोल्ठी, पट्टी पैडुल स्यूं, पौड़ी गढ़वाल
[फिलहाल दिल्लि म] :: {जै भैरव नाथ ठाकुर जी की}

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गढ़वाली शब्दकोष -भीष्म कुकरेती द्वारा
July 19 ·
गढ़वाली शब्दकोष (7)
गढ़वाली बावन डाला {गढ़वलिम}
गढ़वाल का 52 डाला ( ठेट गढ़वालीम )
.
1 कुलैं
2 बांज
3 खड़िक
4 ककड़सिंग
5 तूंण
.
6 औंला
7 बेडू
8 तिमला
9 भ्यूल
10 काफल
.
11 पीपल
12 पय्यां
13 दल्म्या
14 अनार
15 लुकाट
.
16 माल्टा
17 दक्क
18 च्वाला
19 आरू
20 बुरान्स
.
21 रौंसल
22 ग्वीराल
23 लींची
24 आम
25 लिसोड़ा
.
26 सेब
27 नाशपाती
28 मेलु
29 मौसमी
30 पुलम
.
31 खैर
32 सांधण
33 साल
34 शीसम
35 बांस
.
36 ईसकोस
37 हैड़ा
38 निम्म्बु
39 डैंगण
40 सेमल
.
41 द्वोदार
42 अखोड़
43 ब्यलपत्री
44 नारंगी
45 संतरा
.
46 चबूतरा / चकोतरा
47 गलगल
48 सेउ
49 हल्दु
50 खिन्ना
51 खुमानी
52 अमरूद
.
इसमें झाड़ियाँ जैसे किनगोड़, घिंगरू, हिंसर आदि के नाम नहीं हैं । (that will follow) ।
आप भी किसी गढ़वाली पेड़ का नाम गढ़वाली में बताइए अच्छा लगेगा ।
.
"बावन गढ़ का गढ़वाल है" इसी को केंद्रित कर पहले गढ़वाल के आम बावन ब्यंजन बताए गए अब आप आम बावन पेड़ों (डालों) के ठेट गढ़वाली में नामावलि का आनंद लीजिए। (कृ०:* कृ०॰ॐ*2)
.
(अगले अंक में आपकी सेवा में कुछ और 52 ...................................
.
.
Of and By : : कृष्ण कुमार ममगांई
ग्राम मोल्ठी, पट्टी पैडुल स्यूं, पौड़ी गढ़वाल
फिलहाल दिल्लि म - जै भैरव नाथ ठाकुर जी की.

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गढ़वाली शब्दकोष -भीष्म कुकरेती द्वारा
July 20 ·
गढ़वाली शब्दकोष (8)
गड्वलि मा सम्बन्ध
नाना जी - नना
नानी जी- - ननि
परनाना - - बुढ़ा नना
परनानी - -बुढ़ि ननि
दादाजी - - ददा
दादी जी - - ददि
परदादा - - बुढ़ा ददा
परदादी - - बुढ़ि ददि
पिताजी - बुबाजि / बाबाजी
माता जी -- ब्वे /बोई / माँजि/ माँ /माजी
भाई - - भुल्ला
बडा भाई - - भाजी /भैजी /दिदा
बहिन - - भुल्ली
बडी बहिन - - दिदि
साला- श्यालऽ

साली - – श्याली
मौसी - - कण्सी ब्वे /मौशी
मौसी(बडी) - - जेठी ब्वे/ जिड़ब्वे
मौसा - मौसाजि
मौसा(बडे)- बड़ा मौसाजी
मामा जी - ममा
मामी जी- मै
चाचा जी - चचा/काका
चाची जी - चचि/काकि
ताऊ जी - बोडा/ब्वाडा
ताई जी - बोडि
देवर - --द्यूर
देवरानी - द्यूराण
फूफू जी - पूफु
फूफा जी - ममाजी
पुत्र- नौनु / लाड़ीक/ गैठ्वा / लौड़
पुत्री-नौनि / गैठुड़ि / लौड़ि / ब्येटि
[छोटी--काण्सी , बड़ी--जेठी/ठुल्ली ]
जीजा- भेना/जिजा
जेठ-जिठाणु
जेठानी-जिठाण
सौतेली माँ-मौस्याण ब्वे
सौतेला पिता- कठ बुबा
माँ/पिताजी के मामाजी/पुफाजी - बुढ़ाजि
माँ/पिताजी की मामी/पुफु- बुढ़िजी
पति--कजैं / खसम / मालीक / मन्यारु / मैंस/ आदिम
पत्नी--कज्याणि / जनानि

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

गढ़वाली शब्दकोष -भीष्म कुकरेती द्वारा
July 22 at 10:56am ·
गढ़वाली शब्दकोष (9)
गड़वालिम माह
चैत (चैत्र)-मध्य मार्च -मध्य अप्रैल
बैसाख (बैशाख )-मध्य अप्रैल - मध्य मई
जेठ ( ज्येष्ठ)-मध्य मई -मध्य जून
असाढ़ (अषाढ़)-मध्य जून -मध्य जुलाई
सौंण (श्रावण/ सावन )-मध्य जुलाई -मध्य अगस्त
भादौ (भाद्रपद/भादौ )-मध्य अगस्त -मध्य सितंबर
असूज (अश्विन )-मध्य सितंबर-मध्य अक्टूबर
कातिक (कार्तिक)-मध्य अक्टूबर-मध्य नवंबर
मंगसीर (मार्गशीर्ष )-मध्य नवंबर -मध्य दिसंबर
पूस (पौष )-मध्य दिसंबर -मध्य जनवरी
माघ (माघ)--मध्य जनवरी-मध्य फरवरी
फागुण(फाल्गुन)-मध्य फरवरी-मध्य मार्च