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Hindi: Our Identity - हिन्दी : हमारी पहचान: आओ बढाये इसका मान

Started by Veer Vijay Singh Butola, May 16, 2008, 07:47:05 PM

Abhinav

प्रसून लतांत हिंदी के महान पत्रकार हैं जो कि लगातार उत्तराखंड से जुड़े मुद्दों पर लगातार लिखते आ रहे हैं. मैती आंदोलन, गंगा बचाने की मुहिम पर उन्होंने लिखा है.

उनके उत्तराखंड से जुड़े कुछ प्रमुख लेख हैं -

नदी बचाने की जंग - http://raviwar.com/news/38_save-river-uttarakhand-prasunlatant.shtml

नेग में मिली हरियाली - http://raviwar.com/news/58_maiti-uttarakhand-prasunlatant.shtml

प्रेम का पेड़ - http://www.raviwar.com/news/57_premkaped-maiti-prasunlatant.shtml

नीयत का कमाल - कल्याण सिंह से बातचीत - http://www.raviwar.com/news/56_kalyansinghravat-maiti-prasunlatant.shtml

hem

उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का प्रतिष्ठित साहित्य भूषण सम्मान मध्य प्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति के मंत्री संचालक श्री कैलाश चन्द्र पन्त को दिया गया है. 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Congrats to pant ji.

Quote from: hem on January 08, 2009, 02:41:58 PM
उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का प्रतिष्ठित साहित्य भूषण सम्मान मध्य प्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति के मंत्री संचालक श्री कैलाश चन्द्र पन्त को दिया गया है. 

खीमसिंह रावत

mehta jyu badhaai diyo pant ji kai/ hindi liji sammaan mil rahach ho maharaj

mai hindi primiyo ki taraf se pant ji badhaai deta hun/

Khim Singh Rawat

Tanuj Joshi

यह बात बिल्कुल सही है और आज के दौर में उचित बैठती है की हमें अपनी मात्र भाषा का सम्मान करना चाहिए. इस देश में 17 राष्ट्रीयक्रत भाषाएं बोली जाती हैं और कई साई शेत्रिया भाषाएं. जो बात अनुचित लगती है वो यह नहीं है की हम हिन्दी बिल्कुल शुद्ध बोलते हैं या खड़ी बोली बोलते हैं बल्कि यह की  देश के कई हिस्सों में हिन्दी बोली ही नहीं जाती है अपितु इसका विरोध किया जाता है. दक्षिण भारत में हिन्दी का एक विदेशी भाषा की तरह ही आंकलन होता है. अगर हमें हिन्दी का वाकई में सम्मान रखना है तो इन शेत्रों में हिन्दी का के प्रयोग को बड़ावा देना ज़रूरी होगा. अगर कोई हिन्दी का प्रचार करने वाली संस्था सच्चे दिल से यह काम करना चाहती है तो उसे इस दिशा में कदम उठाने होंगे. देश के सीमित हिस्सों में शूध हिन्दी बोलने से बेहतर होगा की पूरे  देश में इस भाषा को बोला जाए. वही हमारी राष्ट्रा भाषा का वास्तव में सम्मान होगा.
ज़ई हिंद.
ज़ई उत्तराखंड!!!!

hem

  वरिष्ठ साहित्यकार श्री कैलाश चन्द्र पन्त को भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ नई दिल्ली ने वर्ष २००९ का नेहरू लिटरेसी एवार्ड प्रदान करने का निर्णय लिया है. अलंकरण समारोह  ३१ जुलाई  को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. पूर्व राष्ट्रपति श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम श्री पन्त को अलंकृत करेंगे.