• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Shri 1008 Mool Narayan Story - भगवान् मूल नारायण (नंदा देवी के भतीजे) की कथा

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, May 18, 2008, 03:43:02 PM


Risky Pathak

महंत बद्रीनारायण दास ने शिखर व संगाड मंदिर का जीणोधार कर (बन्जेन )भनार का मंदिर बनाने पहुंचे| ऐसा कहते है की एक रात उनको स्वप्न हुआ की वो भनार के मंदिर के साथ छेद्खान न करें| अगले दिन जब शक्तिपीठ के आसपास की खुदाई करने लगे तो वह एक सर्प मिला| उस सर्प को महंत जी ने एक नौले में डाल दिया और उसी रात महंत जी के मृत्यु हो गयी|

इसके बाद एक और व्यक्ति ने उस शक्तिपीठ की खुदाई का जिम्मा उठाया| और उसकी भी उसी रात मृत्यु हो गयी| इसके बाद महंत जी के कुछ भक्तो ने शक्ति पीठ को वैसा ही छोड़कर उसके चारो तरफ मंदिर बनाकर मंदिर बनाने के काम संपन्न किया|

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This is the photographs of Hill (tapu) called Sikhar where Mool Narayan ji temple is situated. This photograph i have taken this photographs from a my village.






एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Har Naag Devta Temple which is almost 5 km away from Loti Temple.



Hari Naag Devta Temple is in Papoli village top.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


इस नवरात्रियों में अष्टमी के दिन वर वर्ष सनगाड़ में मेला लगता है " नौलिंग देवता के मंदिर में "

Quote from: हिमांशु पाठक on July 05, 2009, 11:21:15 AM
Inside Nauling Temple(Sangaad)