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Shri 1008 Mool Narayan Story - भगवान् मूल नारायण (नंदा देवी के भतीजे) की कथा

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, May 18, 2008, 03:43:02 PM


विनोद सिंह गढ़िया






विनोद सिंह गढ़िया

'कुमाऊं के तीन नरैण' उत्कृष्ट पुस्तक चयिनत

उत्तराखंड हिंदी अकादमी की उत्कृष्ट पुस्तक प्रकाशन अनुदान योजना वर्ष 2011-12 चयन समिति ने 'कुमाऊं के तीन नरैण' पुस्तक चयन किया गया है।
उत्तराखंड हिंदी अकादमी देहरादून ऐराड़ी के उमेश राठौर की पुस्तक 'कुमाऊं के तीन नरैण, नौलिंग, बंजेण मुवैण' को उत्कृष्ट पुस्तक के रूप में चयनित किया है। समिति के सचिव डा. एमआर सकलानी ने बताया कि पुस्तक चयन के लिए 15 हजार रुपये लेखक को दिया जाएगा। प्रकाशन वह स्वयं करेगा। प्रकाशन कार्य मार्च 2012 तक संपादित किया जाना है। स्वीकृति धनराशि के बराबर की पुस्तकें हिंदी अकादमी में जमा करनी होगी। बांकी पुस्तकें लेखक की संपत्ति होगी।
उन्होंने बताया कि शीघ्र स्वीकृत धनराशि शीघ्र भेजी जाएगी। श्री राठौर ने बताया कि किताब में कुमाऊं के सर्वत्र पूजे जाने जाने वाले प्रमुख देवता सनगाड़ नौलिंग, भनार बंजेण तथा शिखर के मुवैड़ समेत मूल नारायण की कथा है।


• अमर उजाला ब्यूरो
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Quote from: एम.एस. मेहता /M S Mehta on February 27, 2012, 10:02:20 PM

A book has also been released on Baijan, Nauling and Moool Narayan Devta Ji.



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विनोद सिंह गढ़िया



भनार (कपकोट) में बंजेंण देवता के मन्दिर का प्रवेश द्वार।