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REMARKABLE ACHIEVEMENTS BY UTTARAKHANDI - उत्तराखंड के लोगों की उपलब्धियाँ

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 09, 2007, 10:38:24 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Rajneesh Ji,

Sure we will collect some information on this book.

Quote from: Rajneesh on October 11, 2007, 12:42:21 PM
mehta bhai Chandan Dangi ki eak book hai uttarakhand ki Pratibhayen plz kuch us kitab ki jankari bhi de

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Following awards to shre Prasun Joshi Ji...

He has won the Golden Lion at the Cannes Film Festival.
He has won the 2002 ABBY for the Best Copywriter and the Best Ad Campaign
He has won more then 200 advertising awards.
He has received the Screen Best Lyricst Award for the song Sason ko Sason from the film Hum Tum.
He has received FilmFare Best Lyricst Award 2006 for the song Chand Sifarish from the film Fanaa

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Sure Rajneesh bhai Daangi ji is our patron we will definitely post information about it.

Quote from: M S Mehta on October 11, 2007, 12:46:08 PM

Rajneesh Ji,

Sure we will collect some information on this book.

Quote from: Rajneesh on October 11, 2007, 12:42:21 PM
mehta bhai Chandan Dangi ki eak book hai uttarakhand ki Pratibhayen plz kuch us kitab ki jankari bhi de

पंकज सिंह महर

शंघाई से स्वर्ण पदक लेकर लौटी रक्षिता, अल्मोड़ा निहाल    

अल्मोड़ा। चीन के शंघाई प्रांत में स्पेशल ओलंपिक व‌र्ल्ड समर गैम-2007 में स्वर्ण व रजत पदक लेकर यहां लौटी रक्षिता पंत ने अल्मोड़ा को ही नहीं पूरे भारत को गौरवान्वित किया है। मंगलवार को रक्षिता के अल्मोड़ा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया।

उल्लेखनीय है कि रक्षिता पंत मानसिक रूप से अक्षम बच्चों को प्रशिक्षण देने वाली संस्था मंगलदीप विद्या मंदिर खत्याड़ी की छात्रा है। रक्षिता ने 2 से 9 अक्टूबर तक चीन के शंघाई प्रांत में आयोजित किये गये स्पेशल ओलंपिक व‌र्ल्ड समर गैम-2007 में शॉफ्ट बॉल में स्वर्ण तथा 100 मीटर की दौड़ में रजत पदक हासिल कर अक्षमता के बावजूद अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पांडेखोला के पीतांबर दत्त पंत व हंसा पंत की तीन लड़कियों में से एक रक्षिता ने शंघाई में दो सौ देशों से आए प्रतिभागियों में अपने को श्रेष्ठ साबित कर बौद्धिक विकलांगता को पछाड़ दिया।

विद्यालय स्तर पर चयनित होकर रक्षिता ने अपनी कोच शशि राना की देखरेख में गोवा, बैंगलोर व दिल्ली में दस-दस दिनों का प्रशिक्षण लिया। उसके बाद वह 27 सितंबर को दिल्ली से शंघाई के लिए रवाना हुई। 2 अक्टूबर से शुरू हुए स्पेशल ओलंपिक व‌र्ल्ड समर गैम-2007 में अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए भारत का परचम लहराया। उत्तराखण्ड से केवल दो ऐसे बच्चों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस ओलंपिक में भारत के 21 प्रांतों के बौद्धिक व शारीरिक रूप से अक्षम खिलाड़ियों ने भाग लिया।


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Really a big achivement...!!!

Congrats to रक्षिता,

Quote from: हुक्का बू on October 17, 2007, 10:39:02 AM
शंघाई से स्वर्ण पदक लेकर लौटी रक्षिता, अल्मोड़ा निहाल   

अल्मोड़ा। चीन के शंघाई प्रांत में स्पेशल ओलंपिक व‌र्ल्ड समर गैम-2007 में स्वर्ण व रजत पदक लेकर यहां लौटी रक्षिता पंत ने अल्मोड़ा को ही नहीं पूरे भारत को गौरवान्वित किया है। मंगलवार को रक्षिता के अल्मोड़ा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया।

उल्लेखनीय है कि रक्षिता पंत मानसिक रूप से अक्षम बच्चों को प्रशिक्षण देने वाली संस्था मंगलदीप विद्या मंदिर खत्याड़ी की छात्रा है। रक्षिता ने 2 से 9 अक्टूबर तक चीन के शंघाई प्रांत में आयोजित किये गये स्पेशल ओलंपिक व‌र्ल्ड समर गैम-2007 में शॉफ्ट बॉल में स्वर्ण तथा 100 मीटर की दौड़ में रजत पदक हासिल कर अक्षमता के बावजूद अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पांडेखोला के पीतांबर दत्त पंत व हंसा पंत की तीन लड़कियों में से एक रक्षिता ने शंघाई में दो सौ देशों से आए प्रतिभागियों में अपने को श्रेष्ठ साबित कर बौद्धिक विकलांगता को पछाड़ दिया।

विद्यालय स्तर पर चयनित होकर रक्षिता ने अपनी कोच शशि राना की देखरेख में गोवा, बैंगलोर व दिल्ली में दस-दस दिनों का प्रशिक्षण लिया। उसके बाद वह 27 सितंबर को दिल्ली से शंघाई के लिए रवाना हुई। 2 अक्टूबर से शुरू हुए स्पेशल ओलंपिक व‌र्ल्ड समर गैम-2007 में अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए भारत का परचम लहराया। उत्तराखण्ड से केवल दो ऐसे बच्चों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस ओलंपिक में भारत के 21 प्रांतों के बौद्धिक व शारीरिक रूप से अक्षम खिलाड़ियों ने भाग लिया।



हेम पन्त

रक्षिता की सफलता से यह स्पष्ट है कि पहाडों में प्रतिभाओं की कमी नही है....जरूरत है तो सिर्फ उन्हें ढूंढ कर उनका उत्साहवर्धन करने की.....रक्षिता को ढेरों बधाइयां

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

She should get some kind of recognization from State Govt as well.


Quote from: हुक्का बू on October 17, 2007, 10:39:02 AM
शंघाई से स्वर्ण पदक लेकर लौटी रक्षिता, अल्मोड़ा निहाल   

अल्मोड़ा। चीन के शंघाई प्रांत में स्पेशल ओलंपिक व‌र्ल्ड समर गैम-2007 में स्वर्ण व रजत पदक लेकर यहां लौटी रक्षिता पंत ने अल्मोड़ा को ही नहीं पूरे भारत को गौरवान्वित किया है। मंगलवार को रक्षिता के अल्मोड़ा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया।

उल्लेखनीय है कि रक्षिता पंत मानसिक रूप से अक्षम बच्चों को प्रशिक्षण देने वाली संस्था मंगलदीप विद्या मंदिर खत्याड़ी की छात्रा है। रक्षिता ने 2 से 9 अक्टूबर तक चीन के शंघाई प्रांत में आयोजित किये गये स्पेशल ओलंपिक व‌र्ल्ड समर गैम-2007 में शॉफ्ट बॉल में स्वर्ण तथा 100 मीटर की दौड़ में रजत पदक हासिल कर अक्षमता के बावजूद अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पांडेखोला के पीतांबर दत्त पंत व हंसा पंत की तीन लड़कियों में से एक रक्षिता ने शंघाई में दो सौ देशों से आए प्रतिभागियों में अपने को श्रेष्ठ साबित कर बौद्धिक विकलांगता को पछाड़ दिया।

विद्यालय स्तर पर चयनित होकर रक्षिता ने अपनी कोच शशि राना की देखरेख में गोवा, बैंगलोर व दिल्ली में दस-दस दिनों का प्रशिक्षण लिया। उसके बाद वह 27 सितंबर को दिल्ली से शंघाई के लिए रवाना हुई। 2 अक्टूबर से शुरू हुए स्पेशल ओलंपिक व‌र्ल्ड समर गैम-2007 में अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए भारत का परचम लहराया। उत्तराखण्ड से केवल दो ऐसे बच्चों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस ओलंपिक में भारत के 21 प्रांतों के बौद्धिक व शारीरिक रूप से अक्षम खिलाड़ियों ने भाग लिया।


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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

डा. कप्रवाण ने बढ़ाया राज्य का गौरवOct 21, 02:17 am

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग के डा. हुकम सिंह कप्रवाण ने अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में भी सूबे का नाम रोशन किया है। इस वर्ष शांति के लिए नोबेल पुरस्कार को चुनी गई संयुक्त राष्ट्र संघ के इंटर-गवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) में डा. कप्रवाण बतौर वैज्ञानिक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी ने डाक्टर कप्रवाण की उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है।

संयुक्त राष्ट्र संघ से संबद्ध संस्था आईपीसीसी व अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति अलगोरे को नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। आईपीसीसी वैश्विक ताप वृद्धि और उसके प्रभाव पर कार्य करने वाले दुनिया की शीर्ष वैज्ञानिक संस्था है। संस्था को मानव जनित जलवायु के बारे में व्यापक ज्ञान संग्रहित करने, उसके प्रसार और ऐसे परिवर्तनों के प्रतिकूल काम करने वाले तरीकों को आधार बनाने के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है। जनपद रुद्रप्रयाग के रहने वाले डा. हुकम सिंह कप्रवाण वर्ष 1993 से आईपीसीसी के लिए कार्य कर रहे है। डा. कप्रवाण ने आईपीसीसी के तीसरे व चौथे कार्यकारी समूह के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने भारत व विश्व में ओजोन परत संरक्षण, ग्लोबल वार्मिंग विषयों पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 1944 में रुद्रप्रयाग जिले के बौंठा गांव में जन्मे डा. कप्रवाण ने माध्यमिक शिक्षा रुद्रप्रयाग में हासिल की। जिसके बाद डीएवी कालेज देहरादून से उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद डीआरडीओ में वैज्ञानिक नियुक्त हुए। अपर निदेशक के पद से सेवानिवृत्त के बाद वह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण के सदस्य नियुक्त हुए। इसके बाद आईपीसीसी से जुड़कर ओजोन परत संरक्षण में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए यूएनईपी सम्मान से नवाजे गए। डा. कप्रवाण की इस उपलब्धि पर प्रदेश के मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने उन्हे बधाई दी।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

शाबाश अखिल, सीसीआरटी परीक्षा जीतीOct 23, 02:24 am

हल्द्वानी(नैनीताल)। दस वर्षीय वायलिन वादक मास्टर अखिल पंत ने दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा में देशभर के प्रतिभागियों के बीच अपने हुनर का लोहा मनवाया है। वायलिन पर अखिल की नन्ही अंगुलियों के शानदार जादू ने उन्हें दस वर्षो के लिए राष्ट्रीय प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति का हकदार बनाया है।

अखिल यहां स्वर संगम संगीत संस्थान में विरेंद्र कुमार गैड़ा के सानिध्य में दो साल से वायलिन सीख रहे हैं। इस दौरान अखिल ने शरदोत्सव नैनीताल संगीत प्रतियोगिता व निधि उप्रेती स्मृति संगीत समेत तमाम प्रतियोगिताएं जीती हैं। मगर उनकी असली परीक्षा सांस्कृतिक स्त्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र की राष्ट्रीय प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति परीक्षा में हुई। देशभर के प्रतिभागियों के बीच इस बेहद कठिन परीक्षा में अखिल ने शानदार प्रदर्शन से छात्रवृत्ति हासिल की। अखिल के पिता त्रिलोचन पंत भौतिकशास्त्र प्रवक्ता व माता हेमा पंत सहायक अध्यापिका खुद संगीत प्रेमी हैं। स्वर संगम के निदेशक हरीश चंद्र पंत, चंद्रशेखर तिवारी, मुकेश चंद्र पंत, विनीता पांडे, मीरा पंत, संरक्षक नीरज शारदा, संगीत संकल्प के अध्यक्ष नवीन चंद्र वर्मा ने कहा है कि इससे अखिल के भविष्य को नयी राह मिलेगी। यहां उल्लेखनीय है कि कि स्वर संगम के ही दस वर्षीय तबला वादक मास्टर रिषभ धामी ने वर्ष 2005 में यह परीक्षा जीती थी।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

राजेंद्र धस्माना को नौटियाल स्मृति सम्मानOct 28, 03:06 am

उत्तरकाशी। प्रख्यात रंगकर्मी व समाज सेवी लक्ष्मी प्रसाद नौटियाल स्मृति सम्मान 2007 इस वर्ष वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार राजेंद्र प्रसाद धस्माना को दिया गया।

इस मौके पर धस्माना ने कहा कि लक्ष्मी प्रसाद नौटियाल जैसे प्रमुख समाज सेवी व रंगकर्मी की स्मृति में उन्हें दिया गया पुरस्कार उनके लिए सर्वोच्च रहेगा। उन्होंने कहा कि रंगकर्मियों को नौटियाल के कृतित्व से प्रेरणा लेनी चाहिए। बतौर मुख्य अतिथि पूर्व बदरीनाथ-केदाननाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष नंद किशोर नौटियाल ने कहा कि अंधेरे रास्तों में चिराग जलाने का कार्य हर व्यक्ति नहीं कर सकता। जो रोशनी बिखेर गए उनके अनुसरण से ही आज दुनियां में रोशनी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम पीढि़यों को सिखाते हैं। लक्ष्मी प्रसाद नौटियाल स्मृति समिति के अध्यक्ष पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी ने कहा कि लक्ष्मी प्रसाद नौटियाल न सिर्फ रंगकर्मी थे बल्कि उनकी पैनी लेखनी सामाजिक मुद्दों को लेकर लड़ती रही। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के साथ संवाद स्थापित करने की दिशा में स्मृति सम्मान समारोह सबसे बड़ा कारण बन रहा है।