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श्री पूरन चंद कांडपाल, उत्तराखंड मूल के प्रसिद्ध साहित्यकार एव कवि : PC Kandpal

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, June 09, 2008, 11:24:29 AM

Meena Pandey


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Kandpal Ji.

वर्तमान मे उत्तरांचल पत्रिका, हिल संदेश, उत्तराखंड जागरण, प्यारा उत्तराखंड, गढ़ रैबार, उत्तरांचल धे आदि पत्र पत्रिकाओ मे अपने लेख से जन जागृति कर रहे है !


Pooran Chandra Kandpal

Meri Kitabe Ya To Mere Pass Se hi Mil Sakti Hai...Ya  Niche Diye address Se:

Anil Prakashan
2619, New Market, Nai sadak, Delhi-110006
Ph. No: 23286781

Quote from: Meena pandey on June 09, 2008, 05:06:26 PM
thanks mehta g
Kandpal g k bare mai jankar accha laga. Nam to suna tha inka par padne ka moka nahi mil paya. ab jarur padungi

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Saamanya,

Sir MeraPahad ki taraf se main aapka forum main swagat karta hun aur aasha karta hun ki aap humara sadaiv maargadarshan karte rahenge.

Anubhav Upadhyay

Quote from: Pooran Chandra Kandpal on July 04, 2008, 06:41:05 PM
Meri Kitabe Ya To Mere Pass Se hi Mil Sakti Hai...Ya  Niche Diye address Se:

Anil Prakashan
2619, New Market, Nai sadak, Delhi-110006
Ph. No: 23286781

Quote from: Meena pandey on June 09, 2008, 05:06:26 PM
thanks mehta g
Kandpal g k bare mai jankar accha laga. Nam to suna tha inka par padne ka moka nahi mil paya. ab jarur padungi

Risky Pathak


कांडपाल  जी की "इंडिया गेट के शहीद"  एक इसे आलेखों का संग्रह है, जिनका मनुष्य जीवन से  अटूट सम्बन्ध है| इस पुस्तक की कोई भी ऐसी रचना नही है जो यथार्थ से परे है|

इस पुस्तक हास्य, भय, अद्भुत, करुण, श्रृंगार का मिश्रण है|

इस पुस्तक की विषय वस्तु इस प्रकार है:

१. इंडिया गेट का शहीद: इस रचना में लेखक शहीदों की व्यथा बता रहा है कि वो लोगो कि स्मृति से गायब हो गये है| लोग भूल गये है कि जिस आजादी को वो ये इतनी शान से जी रहे है, उसके पीछे कई लोगो ने अपनी घर परिवार की परवाह न करते हुए अपने प्राण सिर्फ़ इसलिए न्योछावर कर दिए ताकि आने वाली पीड़ी खुली हवा में साँस ले सके|

२. हम स्वतंत्र है: यहा लेखक ने स्वतंत्रता का असली प्रारूप दिखाया है| आज लोगो के बीच स्वंत्रता का मतलब है कही भी कूड़ा डाल देने के स्वतंत्रता, मल-मूत्र की स्वंत्रता,यातायात के नियम तोड़ने की स्वतंत्रता आदि आदि|

३. दुल्हे का बाप: १ कथा के मध्यम से लेखक ने समाज की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत की है|

४. अनभिज्ञ: एक ऐसे विवाहित जोड़े की कहानी है, जिनके जीवन में सब कुछ होते हुए भी सुख की कमी है| और वो कमी है पति पत्नी के मध्य एक दूसरे को समझने की क्षमता|

५. नींबू-मिर्च: अन्धविश्वास मानने वाले शिक्षित समाज पर लेखक का बाण|

६. बंद पलक: एक पति को अपनी पत्नी का महत्व का पता तब चलता है, जब वो उसके पास नही है|

७. प्रोपर्टी डीलर: महानगरो में प्रोपर्टी डीलर का आतंक

८. किसका दोष: पलायन से पीड़ित उस युवक की कहानी जिसकी पत्नी गाँव में है और अपने स्वास्थय की चिंता किए बगेर   उस युवक के परिवार की सेवा कर रही है| ये कहानी पहाड़ से  पलायन करने वाले हर युवक की है, जो अपने परिवार और अपनी नौकरी के बीच फसा हुआ है| जिसकी स्थिथि इतनी दयनीय है की उसे अपनी पत्नी को गाँव छोड़ के आना पड़ता है ताकि वो उसके परिवार का ख्याल रख सके|

९. नेकदडा: आप इस वर्ड से अनभिज्ञ होंगे| पर रचना पदने के उपरांत आप को समझ आ जाएगा की ये नेकदडा क्या है|

१०. सूर्पन्खाये  और रावण: त्रेता युग में तो १ सूर्पनखा थी और १ रावण था, पर आज तो हर जगह सुर्प्नाखाये और रावण भरे पड़े है| त्रेता का रावण उस कलयुग के रावण से कई गुना अच्छा था|

११. लाडले दुर्योधन के बीच:  आज के  धृतराष्ट्र और उनके पुत्रो की कहानी है| आज का धृतराष्ट्र आँख होते हुए भी अपने पुत्रो के कर्मो  की अनदेखी करता है| 

१२. जन्म पत्री: कुंडली को शीर्ष पर रखकर अन्य सभी बातो को नजर अंदाज करते हुए रिश्ता जोड़ना बेमेल विवाह को प्रोत्साहित करना है|

१३. क्यूंकि में लड़का हू: समाज में लड़कियों की दयनीय व्यथा का  लेख

Risky Pathak

शराब धुम्रपान और आप:

इसमें लेखक ने शराब और धुम्रपान के बारे में अलग-अलग प्रकाश डाला है| लोगो इन दोनों ही व्यसनों के शिकार कैसे बनते है, उन पर पदने वाले  इनके हानिकारक प्रभावों तथा इन उत्पादों से ग्रसित परिवारों की दयनीय दशा-व्यथा को इंगित किया है| शराब और धुम्रपान के बारे में प्रचिलित अनेक भ्रांतियो का भी संका-समापन लेखक ने किया है|  शराब और धुम्रपान के बारे में कई उनछुये तथ्यों को भी उजागर किया है| नशे में महिलाओ के योगदान को अति महत्वपूर्ण बताया है| लेखक  का मानना है की उच् मनोबल से कोई भी व्यक्ति शराब और धुम्रपान के चंगुल से छुट सकता है|  कुल मिलाकर शराब और धुम्रपान जैसे विषय पर विभिन्न जानकारी लिए हुए यह एक रोचक पुस्तक बन गयी|   

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


NAME OF BOOK : JINDGI UKAV JINGI HORAV.

सासु ब्वारी खीचा तानी पर पूरन चंद कांडपाल जी की यह कविता ..

           रू धुनु दुनिया भागी - रू धुनु दुनिया भागी
      सासु ब्वारी की नोंक झौक जब बटी दुनिया

सासु :  पानी क घराट ब्वारी, पानी क घराट ब्वारी
       उठी जा ब्वारी, गोठ पड़ी पड़ीगयो भैस क औराट

ब्वारी :  झुलिया चिचन हो सासु - झुलिया चिचन हो सासु
       अलबैर मे दिल्ली जान रयो, तुमि रिया निशचन

बाकी बाद. मे..

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


कांडपाल जी कविता सासु एव ब्वारी पर

सासू : पाकी गी मेहल ब्वारी - पाकी गी मेहल
      तू दिल्ली जानी रेछे, भैस की होल :

ब्वारी : रातिया बाण (जंगल) जायी, घर औनी बियाव
      जो घटकाल दूध सासू, घा ले वी लियाल