• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Devprayag - देवप्रयाग: ३३ कोटि देवताओं का आवास

Started by पंकज सिंह महर, June 24, 2008, 03:24:34 PM

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Devprayag se hi Ganga sampurna hoti hai matlab Ganga ke naam se jaani jaati hai.

हेम पन्त

इस अति महत्वपूर्ण जानकारी के लिये पंकज दा को हार्दिक धन्यवाद! देवप्रयाग बहुत ही आध्यात्मिक नगर है. रुद्रप्रयाग की जानकारी देने का भी कष्ट करें ..... पुनश्च धन्यवाद....

Dinesh Bijalwan

स्थानो का नाम सिरक्न्डा नही बल्कि सुरकन्डा है वो भी एक महत्त्वपुर्ण देवी मन्दिर है /

Dinesh Bijalwan


सन्दीप काला

महर जी बहुत ही सुन्दर वर्णन किया है ।
धन्यवाद ।

Dinesh Bijalwan

लोक गाथाओ मै जिक्र है कि माधो भन्डारी का एक ही बेटा था किन्तु इतेहास मे उसके एक अन्य पुत्र गजे सिन्ह भन्डारी , क जिक्र  आत है जो कि मह्त्वपुर्ण  वजीर था जो  दर्बारी साजिशो मै कैठ्तो के हाथ मार गया / उसेके बाद उस्का बेटा मदन सिन्ह बजीर बना

Dinesh Bijalwan

लोक गीतो मे माधो को इस तरह याद किया जात है-
एक सिन्ग रण बण, एक सिन्ग गाय क ,
एक सिन्ग (सिन्ह) माधो सिन्ग, और सिन्ग काहे क आ

पंकज सिंह महर

Quote from: dinesh bijalwan on June 25, 2008, 12:08:02 PM
लोक गीतो मे माधो को इस तरह याद किया जात है-
एक सिन्ग रण बण, एक सिन्ग गाय क ,
एक सिन्ग (सिन्ह) माधो सिन्ग, और सिन्ग काहे क आ

दिनेश जी, मेरी आपसे अपेक्षा है कि आप माधो सिंह जी की जीवन गाथा से हमें परिचित करायेंगे। मैंने कहीं सुना है कि उनका एक मंदिर भी है, यदि आपको जानकारी हो तो.......इंतजार रहेगा।

Risky Pathak

इन सब मंदिरों के अतिरिक्त यहा भरत मन्दिर भी स्थित है| जिसके बारे में कहा जाता है की मुग़ल शासक औरंगजेब के हिंदू धर्म विरोध और आक्रमण के भय के कारण इस मन्दिर का निर्माण ऋषिकेश स्थित भरत मन्दिर के पुजारियों ने यहा करवाया|