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Manila: Simply Heaven - मानिला: यथार्थ से परिचय

Started by savitanegi06, June 25, 2008, 02:25:52 PM

savitanegi06

वास्तव में जो सुन्दरता मैंने अपने मानिला में देखी है वो कही और देखने को नही मिलती, पहाडी के बीचों बीच होकर गुजरने वाली सड़क से दिखने वाले नज़ारे - एक तरफ़ शिवालिक हिमालय की पहाडियां और दूसरी तरफ़ उच्च हिमालय , और साथ में मानिला देवी के मन्दिर का आँगन रूपी पहाडी ढलान पर्यटकों को अपनी तरफ़ बरबस ही आकर्षित करते हैं,  


Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Dautiyal se Tulla Manila jaate hue aapko yeh ahsaas hoga jaise Ghana jungle aapke saath chal raha hai road ke dono taraf dhalaan aur uspar Hare Bhare Ped. Agar aapko Himalay Darshan ka subhagya praapt hua to kya kahne. Manila se bahut hi khoobsoorat Himalay Darshan hota hai.

पंकज सिंह महर


पंकज सिंह महर

मानिला देवी का मंदिर

मंदिर माता का मंदिर है ये मंदिर दो जगह स्थित है एक पहाङी के ऊपर जिसे "मल्ल मानिला" कहा जाता है और दूसरा "तल्ल मानिला" जो पहाङी के नीचे है मानिला मंदिर के दो जगह होने के पीछे कि कहानी कुछ ऐसी है, कि कई सालों पहले नीचे वाले मंदिर में कुछ चोर आये जो माता कि (सोने) मूर्ति चुराकर ले जाना चाहते थे लेकिन मूर्ति भारी होने के कारण वो सिर्फ माता का हाथ ही काट कर ले जा पाये, पर वो जितना ऊपर बढते गये हाथ भारी होता गया वे चोर जब थक गये तब उन्होंने हाथ (सोने का) नीचे रखा और जब उठाने लगे तब उनसे उठा नहीं तब तक कुछ गाँव वाले वहाँ आ चुके थे तभी से वो हाथ ऊपर स्थित मंदिर मे रखा गया है और वहाँ भी मंदिर कि स्थापना कि गई एक और खास बात है इस मंदिर की, मंदिर के परिसर मे एक विशाल पेङ है जो हमेशा हर मौसम मे हरा रहता है उसमे कोई फल नहीं लगते अभी तक ये एक रहस्य है कि वो पेङ किस चीज़ का है, जो आज तक कई रिर्सचों के बाद भी रहस्य बना हुआ है।


साभार- http://sangeetamanral.blogspot.com/

savitanegi06

Quote from: पंकज सिंह महर on June 25, 2008, 02:36:14 PM
मानिला के धुर जंगल




महर जी ये फोटो डोटियाल से ली गई हैं, क्योंकि वही से इस प्रकार का घना जंगल दिखता है,

पंकज सिंह महर

सुप्रसिद्ध लोक गायक हीरा सिंह राणा जी भी मानिला के रहने वाले हैं। और अपने गीतों में भी मानिला का वर्णन करते हैं-
                  मेरी मानिला डाणी, तेरी बलाई ल्यूंहलो

पंकज सिंह महर


पंकज सिंह महर

मानिला देवी मंदिर के प्रांगण में यह वृक्ष लगा है, जो साल में हमेशा हरा-भरा रहता है और फल लगे होते हैं, इस पर काफी रिसर्च हुई, लेकिन इसके तथ्यों का कोई पता नहीं लगा पाया। स्थानीय लोग इसे मां का प्रताप मानते हैं।

savitanegi06

विभिन्न स्थानों से दुरी :
रामनगर से ८० किमी,
रानीखेत से ८५ किमी,
काठगोदाम से १४० किमी,
अल्मोडा से १२८ किमी,

नजदीकी रेलवे स्टेशन : काठगोदाम
नजदीकी एयर पोर्ट : पंतनगर

वैसे यहाँ घुमने के लिए १ ही दिन काफी है, यदि फ़िर भी दिल न माने तो यहाँ आप रुक भी सकते हैं,
यहाँ पर kmvn का गेस्ट हाउस और वन विभाग का भी गेस्ट हाउस है,  जहाँ पर आप रात्रि में विश्राम कर सकते हैं,