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Uttarakhand News - उत्तराखंड समाचार

Started by मेरा पहाड़ / Mera Pahad, September 14, 2007, 03:31:08 PM

मेरा पहाड़ / Mera Pahad

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नोट- इस टोपिक के अन्तर्गत दिये जाने वाले समाचार प्रतिदिन विभिन्न समाचार पत्रो की साईटस से चयनित कर यहां पर प्रकाशित किये जाते हैं, इसलिये यह लाजमी है कि पहले पेज तथा अन्य पेजों में प्रकाशित समाचार अद्यतन नहीं होंगे। आप लोगों से अनुरोध है कि कृपया इस टोपिक के अन्तिम पेज को देखें, उसमें आपको उत्तराखण्ड से संबंधित ताजा समाचार मिलेंगें।
सादर,
मेरा पहाड़ टीम

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Regards,
Mera Pahad Team

Anil Arya / अनिल आर्य

जेनेवा फेस्टिवल
में दिखा उत्तराखंड
देहरादून। जेनेवा फेस्टिवल में उत्तराखंड पर्यटन की सुंदर तस्वीर के दर्शन हुए। उत्तराखंड पैवेलियम में लगे स्टाल और प्रदर्शनी में दर्शकों ने उत्तराखंड पर्यटन से जुडे़ विभिन्न पहलुओं को नजदीक से जाना और समझा।
इस फेस्टिवल के बाद उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने उम्मीद जताई है कि यूरोपियन मार्केट से बड़ी संख्या में पर्यटकों को प्रदेश में लाने में सफलता मिलेगी। जेनेवा में चार से 14 अगस्त तक यह फेस्टिवल चला। इसमें उत्तराखंड पर्यटन विभाग की ओर से भी भागीदारी की गई। उत्तराखंड में योग, आध्यात्म, खूबसूरत पर्वतीय लोकेशन को प्रकट करती प्रदर्शनी में दर्शकों ने दिलचस्पी दिखलाई। हस्तकला का भी इस मौके पर प्रदर्शन किया गया। समापन कार्यक्रम में भारत सरकार के पर्यटन सचिव आरएच ख्वाजा, काउंसलर जनरल अनिल शर्मा, जेनेवा टूरिज्म डिपार्टमेंट के सीएमडी फिलिप विगनोन, डायरेक्टर कम्युनिकेशन मितितजा बोडी, असम सरकार के मंत्री चंदन ब्रहमा ने भाग लिया। उन्होंने उत्तराखंड पेवेलियन का निरीक्षण किया। पर्यटन विभाग की रीजनल टूरिस्ट आफिसर दिल्ली, पूनम चंद्र के अनुसार, जेनेवा फेस्टिवल उत्तराखंड पर्यटन के व्यापक प्रसार प्रसार में सफल रहा।
•पर्यटन विभाग को भविष्य में लाभ की उम्मीद
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Anil Arya / अनिल आर्य

पर्वतीय गांधी को पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
देहरादून। पर्वतीय गांधी इंद्रमणि बड़ोनी की 12वीं पुण्यतिथि पर उत्तराखंड क्रांति दल (पी) ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। जबकि उत्तराखंड क्रांति दल (डी) के कार्यकर्ताओं ने घंटाघर स्थित बड़ोनी की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया।
बृहस्पतिवार को उत्तराखंड क्रांति दल की तरफ से कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर उत्तराखंड आंदोलन के प्रेरणास्रोत इंद्रमणि बड़ोनी की पुण्यतिथि पर उनको भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि स्व बड़ोनी ने अविभाजित उत्तर प्रदेश की विधानसभा में अलग राज्य की पुरजोर वकालत की थी। अलग राज्य उनकी प्राथमिकता में था। इसलिए उन्होंने उत्तराखंड की जनता को इसके लिए जागरुक किया। उन्होंने रंगमंच में सक्रिय रहते हुए जनता की आवाज को उठाया।
उन्होंने कहा कि स्व. बड़ोनी और राज्य आंदोलन के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि राज्य में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सशक्त आंदोलन खड़ा किया जाए। जिससे कि भ्रष्टाचारी सलाखों के पीछे पहुंचाए जा सके। इस अवसर पर केंद्रीय उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत, जिलाध्यक्ष एनके गुसाईं, बहादुर सिंह रावत, मोहन सिंह रावत, अमन चौहान, प्रशांत जखमोला, हरीश पाठक, सुलोचना बहगुणा आदि मौजूद थे। वहीं, उत्तराखंड क्रांति दल (डी) ने घंटाघर स्थित स्व. बड़ोनी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह चुफाल, डीएन टोडरिया, वीरेंद्र बडोला, सुनील ध्यानी, प्रमोद डोभाल, प्रकाश जोशी, सुनील पंत, विकास शर्मा आदि मौजूद थे।
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Devbhoomi,Uttarakhand

पानी को तरस रहे पंद्रह हजार लोग
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रुद्रप्रयाग, : नगर क्षेत्र की 15 हजार से भी अधिक आबादी पांच दिनों से पानी को तरह रही है। पहले से ही बेहाल पड़ी पेयजल लाइनें अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, लेकिन जल संस्थान है कि पानी की लाइन को ठीक नहीं कर रहा।

रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। सोलह अगस्त को बारिश के चलते नगरीय पेयजल योजना सूजीबगड़ के समीप 60 मीटर से भी अधिक क्षतिग्रस्त हो गई थी। योजना के कई पाइप पुनाड़ गदेरे में बह गए। इस योजना से नगर आठ वार्डो की लगभग 15 हजार से भी अधिक आबादी जुड़ी हुई है। पांच दिन से लोग पानी के भटक रहे हैं।

हालांकि, विभाग की ओर से वैकल्पिक तौर से पुनाड़ गदेरे से पानी सप्लाई किया जा रहा है। पर यह पानी गंदा है और पीने लायक नहीं है।

वहीं, क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत का कार्य जल संस्थान ने शुरू तो कर दिया, लेकिन उसकी गति बहुत धीमी है। वहीं इन हालतों में नगर वासी हैंड पंपों व पुनाड़ गदेरे से बर्तनों में पानी ला रहे हैं।

क्या कहते हैं उपभोक्ता-

पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हुए पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था जल संस्थान द्वारा नहीं की गई है, जबकि इन हालातों में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर टैंकरों से पानी सप्लाई किया जाना चाहिए, परंतु अभी तक कोई सुविधा नहीं है।

-गणेश सेमवाल, प्रकाश कप्रवान, एसएस नेगी, गोविंद सिंह राणा, मेहरबान बुटोला स्थानीय निवासी रुद्रप्रयाग।

क्या कहते हैं अधिकारी-
सूजीबगड़ के समीप योजना के ईआरडब्लू एवं पैंसठ एमएम, अस्सी एमएम व चालीस एमएम के पाइप क्षतिग्रस्त है, जिनके मरम्मतीकरण का कार्य चल रहा है। इस स्थान पर पहाड़ी पर लगातार स्लाडिंग होने से कार्य करने में दिक्कतें आ रही है।

-आरसी खंडूड़ी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान रुद्रप्रयाग

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6306737.html

adhikari harish dhoura

 गणेश पाण्डेय, दन्यां: गत पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश से समूचे तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों में इस कदर भय और दहशत का आलम है कि दुर्गम पहाड़ी पर बसे गांवों के लोग रात भर जागरण कर रहे हैं। विकास खंड धौलादेवी के अन्तर्गत धार, अजा बस्ती मयोली, सेरी और सेलकनाला सहित दुर्गम पहाड़ी ढलान पर बसे तोकों का अस्तित्व खतरे में है। आसन्न खतरे को देखते हुए दर्जनों परिवार अन्यत्र शरण लेने को विवश हो गये हैं।

14 अगस्त से लगातार हो रही बारिश ने क्षेत्र में इस कदर तांडव मचाया कि अब तक तीन दर्जन से अधिक परिवारों को अन्यत्र बसाया जा चुका है। इनमें एक दर्जन से अधिक ऐसे परिवार हैं जिनका सर्वस्व आपदा का ग्रास बन चुका है। गोठ में बंधे मवेशियों सहित घर में रखा सारा सामान जमींदोज हो गया है। दन्यां के समीप धार गांव के दीप चंद्र और आनन्द बल्लभ के परिवार के पास तन के कपड़ों के सिवा कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि तेज बारिश में आवासीय मकान में इस कदर मलवा घुसा कि घर में रखे कीमती सामान और मवेशियों को बाहर निकालने का अवसर ही नहीं मिल पाया। पंचायत घर में शरण लिये रूआसे परिजनों की आंखों में तबाह हुए मकान को देख कर आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस तोक में रह रहे अन्य आधा दर्जन परिवारों के मकानों को भी खतरा बना हुआ है। कमोबेश यही हाल अजा बस्ती मयोली और सेलकनाला तोक में रह रहे लोगों का भी है। मारे डर के भले ही उन्होंने अन्यत्र शरण ली हो लेकिन ध्वस्त होने के कगार पर खड़े अपने अपने घरों को देख कर वे फफक रहे हैं।

मलबे में चार दिन बाद जिंदा मिली गाय

दन्यां: धार गांव में ध्वस्त हुए दो मकानों के मलबे को आज स्थानीय सामाजिक कार्यकत्र्ताओं ने साफ किया। मलबे में दबे भैंस, गाय, बकरियों की लाश को बाहर निकाला गया। जाको राखे साइंया..वाली कहावत तब चरितार्थ हुई जब चार दिनों से मलबे में दबी एक गाय जिंदा थी। लोगों ने बमुश्किल उसे बाहर निकाला। दो परिवारों के घरों में रखे जेवरात, बर्तन सहित अन्य सामग्री पूरी तरह से तहस-नहस हो चुकी थी।


Anil Arya / अनिल आर्य

पहले नए जिले, अब नई कमिश्नरी
विकास धूलिया, देहरादून
ऐन विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में चार नए जिलों के गठन की घोषणा कर अपने राजनैतिक प्रतिद्वंद्वियों पर मानसिक बढ़त लेने में कामयाब राज्य की भाजपा सरकार निकट भविष्य में दो नए मंडलों, यानि कमिश्नरी का भी गठन कर सकती है। सरकार में इसके लिए गंभीर मंथन चल रहा है। अगर ऐसा हुआ तो राज्य में दो की जगह चार कमिश्नरी हो जाएंगी।

चुनावी वर्ष में प्रदेश भाजपा सरकार स्वाभाविक रूप से लोक लुभावन घोषणाएं कर ज्यादा से ज्यादा जनमत का रुझान अपने पक्ष में करने की रणनीति पर चल रही है। हाल ही में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जिस तरह मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने गढ़वाल व कुमाऊं मंडलों में दो-दो, कुल चार नए जिलों के गठन की घोषणा की, उससे साफ है कि भाजपा चुनाव पूर्व ही अपनी मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस पर दबाव बनाने की रणनीति अमल में ला रही है। चार नए जिलों की घोषणा के बाद अब तैयारी है राज्य में मंडलों, यानि नई कमिश्नरी की घोषणा की। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक इस विषय पर गंभीरता से मंथन चल रहा है।

खासकर, नए जिलों की घोषणा के बाद राज्य सरकार को जो फीडबैक मिल रहा है, उससे नीति निर्धारक खासे उत्साहित बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक राज्य में दो नई कमिश्नरी के गठन पर गहन विचार विमर्श चल रहा है। अगर यह प्रस्ताव अमल में आता है तो मौजूदा गढ़वाल व कुमाऊं कमिश्नरी के दो-दो हिस्से कर दिए जाएंगे। एक प्रस्ताव यह भी है कि नई दो कमिश्नरी के गठन के साथ ही मौजूदा दोनों कमिश्नरी गढ़वाल व कुमाऊं का नाम भी बदल दिया जाए और इनका नाम भी जिलों के नाम पर ही रख दिए जाएं। हालांकि अभी इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

नई कमिश्नरी के गठन की संभावनाओं को इसलिए भी बल मिल रहा है क्योंकि इसके लिए भी नए जिलों के गठन की तरह राज्य सरकार स्वयं ही निर्णय लेने में सक्षम है।

इनसेट

अब भी दो नए जिले

देहरादून: हाल ही में राज्य में जिलों की संख्या 13 से बढ़कर 17 हुई है और हो सकता है इनमें दो और जिलों का इजाफा हो जाए।

दरअसल, राज्य सरकार ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में बराबर दो-दो जिलों के गठन की घोषणा तो कर दी लेकिन इसके बावजूद बीस से ज्यादा जगहों से इस तरह की डिमांड उठ रही है। अब सरकार के लिए इन सबको पूरा करना तो संभव नहीं लेकिन इतना जरूर है कि जनभावनाओं को देखते हुए कम से कम दो नए जिले और गठित कर दिए जाएं। संतुलन के लिहाज से दोनों मंडलों में एक-एक नए जिले शामिल हो सकते हैं।
हैं।
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6321123.html


adhikari harish dhoura

झूलाघाट बाजार में तीन मंजिला मकान गिरा, मां-बेटा मलबे में दबे
Aug 25, 07:51 pm


निज प्रतिनिधि, झूलाघाट (पिथौरागढ़): झूलाघाट बाजार में गुरुवार अपराह्न एक तीन मंजिला मकान अचानक ध्वस्त हो गया। मकान के मलबे में मां और पुत्र दबे हुए हैं। इस घटना से झूलाघाट बाजार में अफरा-तफरी मच गई।

गुरुवार सायं करीब चार बजे झूलाघाट के भगीरथ चौक स्थित पवन भट्ट का तीन मंजिला मकान भरभराकर गिर गया। मकान में किराये पर रहने वाले नेपाल निवासी जयदेव बड़ू की पत्‍‌नी माहेश्वरी (55) और उसका पुत्र संजय बड़ू मलबे में दब गये। जबकि मकान में रहने वाले अन्य किरायेदार चम्पावत निवासी प्रयाग दत्त पंगरिया के परिवारजन हादसे के समय घर से बाहर चाय पी रहे थे। जिस कारण वे बच गये। मकान गिरते ही अफरा-तफरी मच गयी। सूचना मिलते ही पुलिस, एसएसबी और स्थानीय लोग पहुंच गए और मलबा हटाने का कार्य शुरू किया।

मलबा हटाने के दौरान मलबे में दबे मां और पुत्र हाथ हिलाते हुए दिख रहे थे। दोनों को निकालने का प्रयास किया गया। काफी मशक्कत के बाद भी समाचार लिखे जाने तक दोनों को नहीं निकाला जा सका था। एक अलमारी के नीचे दबे मां और पुत्र की हालत बेहद खराब बतायी जा रही है। जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ से तहसीलदार नरेश दुर्गापाल 108 चिकित्सा वाहन से मौके पर पहुंच गए हैं। मकान ध्वस्त होने से सबसे नीचे वाले कमरों में व्यापारियों के गोदाम हैं। गोदामों में रखा सारा सामान नष्ट हो गया है। आसपास के मकानों को भी खतरा बना हुआ है।

Devbhoomi,Uttarakhand

फ्रेंचाइजी का झांसा देकर 15 लाख की ठगी

हल्द्वानी: एयर लाइंस में नौकरी दिलाने वाली नामी प्लेसमेंट कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर 15 लाख से अधिक की ठगी कर ली गई। पीड़ित तीन लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की है। कालाढूंगी रोड निवासी गौरव हैडिया, रामपुर रोड निवासी सरदार देवेंद्र सिंह सेठी, महेश नगर निवासी शम्मी कपूर ने कोतवाली में तहरीर दी है। इसमें अमरावती कालोनी निवासी दो भाइयों, गुड़गांव निवासी एक व्यक्ति और देहरादून निवासी युवती को नामजद किया गया है। आरोप है कि अमरावती कालोनी निवासी दोनों भाइयों ने एयर लाइंस से जुड़ी प्लेसमेंट एजेंसी का पहले रामपुर रोड और फिर कालाढूंगी रोड पर एक कांपलेक्स में कार्यालय खोला था। ये इस कंपनी के माध्यम से बड़े होटलों और एयर लाइंस में नौकरी दिलाने का लालच देते थे। इसके लिए अखबारों में विज्ञापन भी दिए गए। आरोप है कि आवेदकों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली गई।
दोनों भाइयों ने गौरव हैडिया, देवेंद्र सिंह सेठी, शम्मी कपूर को कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर 1.75 लाख रुपये वसूल किए। बाद में उन्होंने इन तीनों को प्लेसमेंट कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा दिया। इनसे 13 लाख 60 हजार रुपये ऐंठ लिए। जून से उक्त लोग नदारद हैं। कोतवाली में तहरीर दी गई है। कोतवाल प्रमोद साह का कहना है कि जांच के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।



http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6346379.html

Anil Arya / अनिल आर्य


उत्तराखंड की उर्वशी बनी सुपर मॉडल
देहरादून। कल तक भले ही न सोचा जाता हो कि कस्बेनुमा नगर कोटद्वार की लड़की सौंदर्य के क्षेत्र में अपना परचम लहरा सकती है लेकिन आज यह ख्वाब सच है। इस छोटे से नगर की उर्वशी रौतेला ने एशियन सुपर मॉडल इंडिया का खिताब हासिल कर नई ऊंचाइयां छुई हैं। अब वह एशियन सुपर मॉडल कान्टेस्ट में शामिल होने के लिए चाइना जाएगी। इससे पहले वह मुंबई में दो साल पहले मिस टीन का ताज पहन चुकी है।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में उर्वशी ने बताया कि कोटद्वार में देवी रोड पर उसका बचपन बीता। उसकी मम्मी मीरा रौतेला मेकअप एंड हेयर एक्सपर्ट हैं और कथक डांसर भी। उसकी मम्मी ने ही उसे मॉडलिंग के लिए प्रेरित किया। उसकेपिता मानव सिंह रौतेला का लैंसडाउन में बिजनेस है। कोटद्वार के डीएवी पब्लिक स्कूल से उसने इंटर किया। इस दौरान स्कूल में होने वाले डांस कंपीटिशन में वह लगातार हिस्सा लेती रही। कथक और भरतनाट्यम के साथ ही उर्वशी को बॉस्केटबॉल का शौक है। वह नेशनल लेबल पर खेल चुकी है।
उर्वशी पंद्रह साल की उम्र से मॉडलिंग करती है। स्कूलिंग पूरी होने के बाद वह अपनी मम्मी के साथ दिल्ली चली गई और वहां दिल्ली यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन में एडमिशन ले लिया। दिल्ली के वसंत कुंज में आयोजित एशियन सुपर मॉडल इंडिया कांटेस्ट 2011 में उर्वशी विनर रही। फिनाले में 16 प्रतिभागी थे। इस शो में जब स्टेज पर नील रंग के जगमगाते परिधानों में उर्वशी रैंप पर उतरी तो उसने सभी का दिल जीत लिया। इससे पहले उसने मुंबई में मिस टीन का खिताब जीता था। सितंबर में चाइना में होने वाले मिस ब्यूटी कांटेस्ट में उर्वशी एशिया की सभी सुंदरियों को टक्कर देगी। इस कांटेस्ट में सिंगापुर, थाइलैंड, जापान, चाइना की सुंदरियां भाग लेंगी। amarujala

Devbhoomi,Uttarakhand

60 करोड़ से अधिक की अघोषित आय पकड़ी

मुरादाबाद व बिजनौर के उद्योगपतियों के ठिकानों से आयकर विभाग को 60 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित आय के प्रमाण हाथ लगे हैं। करीब 36 घंटे तक चली कार्यवाही में आयकर टीम ने उद्योगपतियों के देहरादून, मसूरी समेत देशभर के प्रतिष्ठानों से लाखों का कैश, एक दर्जन बैंक लॉकर व बड़ी तादाद में बेनामी संपत्तियों के कागजात कब्जे में लिए हैं। आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग के संयुक्त निदेशक चितरंजन दास के नेतृत्व में अधिकारियों ने गुरुवार सुबह मुरादाबाद, बिजनौर के तीन उद्योगपतियों व उनके साथ काम करने वाले लोगों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। टीम ने एक साथ उद्योगपतियों के देहरादून, मसूरी, हरिद्वार, मुरादाबाद, बिजनौर, लखनऊ, गाजियाबाद व दिल्ली समेत अन्य ठिकानों पर दबिश दी थी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के 100 से अधिक अधिकारियों की यह कार्यवाही शुक्रवार रात आठ बजे तक चली।
आयकर सूत्रों को मुताबिक उद्योगपतियों के ठिकानों से बरामद दस्तावेजों के मुताबिक उद्योगपतियों के पास 60 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित आय है। टीम को कई बेनामी संपत्तियों के रेकॉर्ड व बैंक लॉकरों के ऐसे कागजात मिले, जो कभी आयकर में दर्शाए ही नहीं गए। विभिन्न प्रतिष्ठानों से बरामद लाखों रुपए के कैश का हिसाब न मिलने पर विभाग ने उसे भी कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार सबसे अधिक अघोषित आय के सुबूत मुरादाबाद के उद्योगपति प्रमोद अग्रवाल के ठिकानों से मिले।



http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8260263.html