• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Funny Story Of Lathu Kothari's Sons - लटू कोठारी के लड़को की अद्भुत कहानी

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, June 30, 2008, 03:17:18 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

कहा जाता है कि एक बार लाटू कोठारी के लड़को ने एक और गजब कि मूर्खता का उधाहरण दिया !

इन भाइयो ने मिलकर खेत मे नमक बो डाला, परन्तु नमक कि फसल कही नही देखी !!!

हा हा. हा.. हा

पंकज सिंह महर

Quote from: Rajen on June 30, 2008, 03:45:55 PM
मेरे ख्याल से सही नाम "लच्छू या लछुवा कोठरी" है   ??? ???

सही कहा दाज्यू आपने ये लछुवा कोठारी की ही संतान के किस्से हैं। हमारे यहां जब कोई उल्टा-सीधा काम करता है तो उसे भी इनकी ही उपमा दी जाती है "कि करनौ छे, लछुवाकोठारी की संताने की न्हयाते"

हलिया

"लछुआ कोठारी की संतान"

एक बार क्या हुआ कि लछुवा कोठारी की संतान रात को सोने के लिये गोठ में गये।  सब लेट गये ठैरे।  अब सबसे बड़े लड़्के ने अपने से छोटे से कहा कि दरवाजा बन्द कर दे। वह बोला मुझे डर लगती है मैं नही करता और उसने अपने से छोटे से बन्द करने को कहा फ़िर उसने अपने से छोटे को.. और इस तरह कोई भी दरवाजा बन्द करने को तैयार नहीं हुआ क्यौंकि वो रात को डरने वाले ठैरे।  तब सबसे छोटा बोला भाई लोगो अगर हमारे पार एक लम्बा डंडा होता तो हम यहीं से लेटे-२ दरवाजा बन्द कर लेते।  उसकी बात सबको अच्छी लगी।  और सबने इस बात पर खूब बिचार किया और महाराज फ़ैसला कर लिया कि जंगल से एक लम्बा डंडा काट कर लायेंगे और लेटे-लेटे ही दरबाजा बन्द कर देंगे।  फ़िर महाराज लछुवा कोठरी के वो संतान रात को जंगल गये और एक डंडा काट कर लाये।  फ़िर गोठ में आकर लेट गये और सबसे छोटे भाई ने उस लंबे डंडे से दरवाजा बंद कर दिया और सब चैन से सो गये।   ऐसी ठैरी हो महाराज लछुवा कोठारी की संतान।

हेम पन्त

main bhii isi kahaani par mehanat kar raha tha...ab type kar diya to daal hi deta hoon...

जाडों की रात थी... खा पी-कर लच्छू कोठारी की सातों सन्तान सोने के लिये रजाइयों में घुस गये...

रजाइयां तो गरम हो गयी लेकिन एक समस्या खडी हो गयी. दरवाजा बन्द करने के लिये रजाई से कौन निकलेगा? सबसे बडे भाई ने अपने से छोटे वाले को दरवाजा बन्द करने को कहा, उसने अपने से छोटे कॊ आदेश दिया, इस तरह बात सबसे छोटे भाई के सर पर आ गयी. वो रो पडा.
आब कि होलो?

सब अपनी जिद पर अडे थे. सबसे बडे वाले सबसे अधिक बुद्धिमान हुए...उन्होंने अपना निर्णय सुनाया उसके अनुसार रात को ही ठण्ड में ठिठुरते हुए सब लोग जंगल गये. एक १० हाथ लंबी लकडी लाये आराम से रजाई के अन्दर घुस कर लकडी से दरवाजा बन्द किया और आराम से सो गये....

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Ha ha ha ha..

What is brain man, what a brain ?????


Quote from: हलिया on June 30, 2008, 04:44:49 PM
"लछुआ कोठारी की संतान"

एक बार क्या हुआ कि लछुवा कोठारी की संतान रात को सोने के लिये गोठ में गये।  सब लेट गये ठैरे।  अब सबसे बड़े लड़्के ने अपने से छोटे से कहा कि दरवाजा बन्द कर दे। वह बोला मुझे डर लगती है मैं नही करता और उसने अपने से छोटे से बन्द करने को कहा फ़िर उसने अपने से छोटे को.. और इस तरह कोई भी दरवाजा बन्द करने को तैयार नहीं हुआ क्यौंकि वो रात को डरने वाले ठैरे।  तब सबसे छोटा बोला भाई लोगो अगर हमारे पार एक लम्बा डंडा होता तो हम यहीं से लेटे-२ दरवाजा बन्द कर लेते।  उसकी बात सबको अच्छी लगी।  और सबने इस बात पर खूब बिचार किया और महाराज फ़ैसला कर लिया कि जंगल से एक लम्बा डंडा काट कर लायेंगे और लेटे-लेटे ही दरबाजा बन्द कर देंगे।  फ़िर महाराज लछुवा कोठरी के वो संतान रात को जंगल गये और एक डंडा काट कर लाये।  फ़िर गोठ में आकर लेट गये और सबसे छोटे भाई ने उस लंबे डंडे से दरवाजा बंद कर दिया और सब चैन से सो गये।   ऐसी ठैरी हो महाराज लछुवा कोठारी की संतान।

हेम पन्त

वैसे दिमाग सही लगाया उन्होने... एक बार की मेहनत से रोज-२ का टंटा खतम हो गया... हा हा हा हा

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

एक बार लाटू कोठारी ने लड़को ने सोचा कि वे अपनी माँ के लिए घाघरा सिल्वायंगे .?

फिर क्या हुवा,  ये लोग घाघरा सिलवाने के लिए कपड़ा ले आए पर जब टेलर ने नाप पूछी तो ये लोग, पेड कि उचाई और मोटाई के हिसाब से नाप दे आए !

टेलर भी हैरान,... 


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


यह मूर्ख कथा उत्तराखंड के लोक कथाओ मे के बार पड़ने और सुनने को मिलता है ! कई बार लोग स्वयं कहते है जब उनका कोई काम ख़राब या मूर्खता किस्म का हो जाता है अरे ! यह तो लटू कोठारी के लड़को वाली कहानी हो गयी !

But the movie i watched on these seven brothers. It was nothing such in the movie and i was quite disappointed as i had purchased the film to see some funny incidents of Latu Kathori's sons.

So keep reading / posting foolish story of none other than " LATU KOTHARI'S SONS"

प्रहलाद तडियाल

"लछुआ कोठारी की संतान"
आज भल काम करो हो महराज तुम्लोगोल दिल खुश करदी "लछुआ कोठारी की संतान" किस सूने बे.................

हमारे पहाड़ में भौत प्रचलीत है ये.......................


मजा आ गया..............