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Mussoorie: Queen Of Hills - पहाड़ों की रानी मसूरी

Started by पंकज सिंह महर, July 17, 2008, 03:10:18 PM

Rajen


पंकज सिंह महर

मसूरी का मौसम बहुत ही सुहाना है और यहां के मनोरम वादियों में समय बिताकर हर व्यक्ति आनंदविभोर हो जाता है। अक्टूबर से अप्रैल तक यहां का मौसम कुछ ज्यादा ही ठंडा रहता है। मार्च से अक्टूबर तक मौसम हर दृष्टि से उपयुक्त होता है। जुलाई और अगस्त के महीने में यहां वर्षा होती है। अगर आप इस समय मसूरी जाएं, तो साथ में छाता एवं रेनकोट अवश्य लेलें।

यहां सबसे बेहतरीन मौसम अक्टूबर के महीने में रहता है। इस समय चोटियों के नीचे छाई हरियाली को देखकर ऐसा लगता है कि मानों पूरी पर्वत श्रेणियां हरे-भरे बगीचे के रूप में बदल गई हों। नवंबर की समाप्ति पर मसूरी में जाड़े का मौसम पूरी तरह से आ जाता है, और यह स्थल निर्जन होने लगता है।

दिसम्बर, जनवरी और फरवरी के महीने में मसूरी में हिमपात होता है। भारी हिमपात के समय यहां पर 2 फीट बर्फ की मोटी परत जम जाती है। मध्य मार्च तक मसूरी निर्जन स्थान ही बना रहता है।

ग्रीष्म काल में यहां का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम तापमान शीत ऋतु में -1 डिग्री सेल्यसियस रहता है। मसूरी में मानसून जुलाई से सितम्बर तक रहता है और यहां पर वार्षिक वर्षा 90 से 122 सेंटीमीटर तक होती है।

पंकज सिंह महर

     
मसूरी में ऐसे बहुत से स्थल हैं, जिनकी ओर पर्यटक अनायास ही खींचे चले आते हैं और उनके आकर्षण से बचना शायद किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत ही मुश्किल है।

दून घाटी का मनोरम दृश्य सबको लुभाता है। शिवालिक पर्वतमाला तक फैली इन हरी-भरी वादियों से साक्षात्कार करने का अहसास शायद शब्दों में बयां नहीं हो सकता। ऐसा लगता है कि यहां की मुख्य सड़क और द मॉल का निर्माण इस बात को ध्यान में रखकर किया गया है कि इस स्थान से लोग दून घाटी की पूरी सुंदरता से रू-ब-रू हो सकें।

यहां कुछ ऐसे पर्यटक स्थल हैं, जो सैलानियों के मनो-मस्तिष्क पर इस तरह से छा जाते हैं कि पर्यटकों का मन बार-बार मसूरी आने के लिए लालायित रहता है। कैम्प्टी जलप्रपात, धनोल्टी, लेक मिस्ट और मसूरी झील कुछ ऐसे ही स्थान हैं, जिनका आकर्षण यहां आनेवाले लोगों के मन में हमेशा रहता है।

मसूरी किशोरों और बच्चों में काफी लोकप्रिय है। साथ ही यहां के मंदिरों में आध्यात्मिक प्रवृति के लोगों को भी मानसिक शांति मिलती है।

प्रसिद्ध सुरखंडा देवी मंदिर, नाग देवता मंदिर और तिब्बतियन मंदिर आध्यात्मिक प्रवृति के लोगों में आकर्षण का केन्द्र है। इन मंदिरों में देवी-देवताओं के दर्शन के लिए श्रद्धालु काफी दूर-दूर से आते हैं।

रोमांचक खेलों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी मसूरी में बहुत कुछ है। दूर-दूर तक फैले सुंदर भू-भाग, बर्फ की चादर से ढकी पहाड़ी चोटियां एवं देवदार वृक्ष ट्रैकिंग और टहलने के लिए के लिए बेहतर विकल्प प्रस्तुत करते हैं।

यह कहना असंगत न होगा कि मसूरी पसंदीदा पर्यटक स्थल है और यहां वर्ष भर सैलानियों की भारी भीड़ रहती है। प्रकृति के गोद में स्थित इस स्थल पर लोग रोमांचकारी खेलों का आनंद तो लेते ही हैं, साथ ही यहां की प्राकृतिक छंटाओं की शीतलता में रम जाते हैं।

पंकज सिंह महर

मसूरी के नजदीक स्थित देहरादून रेल, सड़क और वायुमार्ग के जरिए देश के प्रमुख स्थानों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। इसलिए मसूरी पहुंचना बहुत ही आसान है।

सड़क मार्ग: 
मसूरी जाने के लिए यह परिवहन का सबसे सुविधा जनक विकल्प है। आप टैक्सी या बस के जरिए ही देहरादून से मसूरी जा सकते हैं। देहरादून से मसूरी की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है और यहां से मसूरी जाने में लगभग 1 घंटे का समय लगता है।
अंतर्राज्यीय बस अड्डा, देहरादून से मसूरी के लिए बसें मिलती है। निजी संचालकों द्वारा संचालित बसें भी चलती हैं।

देश की राजधानी दिल्ली से मसूरी 250 किलोमीटर दूर है और यहां से मसूरी जाने में लगभग सात घंटे का समय लगता है।

रेल मार्ग: 
 
मसूरी के पास में स्थित देहरादून दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ और वाराणसी जैसे सभी प्रमुख शहरों से रेलमार्ग के जरिए अच्छी तरह जुड़ा है।
देहरादून आनेवाली कुछ प्रमुख रेलगाड़ियां इस प्रकार हैं-
• शताब्दी एक्सप्रेस –यह दिल्ली-देहरादून के बीच चलती है। बीच की दूरी तय करने में इसे 5 घंटे का समय    लगता है। 
• मसूरी एक्सप्रेस –दिल्ली से देहरादून पहुंचने के लिए यह रात भर का समय लेती है। 
• दून एक्सप्रेस– दिल्ली से देहरादून जाने में इस रेलगाड़ी को रात भर का समय लगता है। 
• देहरादून-मुंबई एक्सप्रेस – मुंबई-देहरादून के बीच का सफर तय करने में यह रेलगाड़ी 21 घंटे से कुछ     अधिक समय लेती है। 

हवाई मार्ग: 
जॉली ग्रांट हवाई अड्डा मसूरी से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर देहरादून की बात करें, तो यहां से जॉली ग्रांट की दूरी सिर्फ 25 किलोमीटर है। यह हवाई अड्डा दिल्ली हवाई अड्डा से अच्छी जुड़ा है। दिल्ली से जॉलीग्रांट के लिए एयर डक्कन का प्रतिदिन उड़ान है।
(जॉली ग्रांट से मसूरी पहुंचने में लगभग 2 घंटे का समय लगता है।)


पंकज सिंह महर


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पंकज सिंह महर

लाल टिब्बा से इनर लाइन, बताया जाता है कि सूरज की रोशनी एक लाइन में यहां पर दिखाई देती है, ऎसा दृश्य दक्षिण अफ्रीका और मसूरी में ही दिखता है।