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Movie "Yaad Teri Aige" - "याद तेरी ऐगे" फिल्म

Started by Anubhav / अनुभव उपाध्याय, July 24, 2008, 02:27:20 PM








एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Quote from: Anubhav / अनुभव उपाध्याय on July 24, 2008, 02:27:20 PM
राजेंदर बिष्ट द्वारा लिखित एव निर्देशित फीचर फ़िल्म " याद तेरी एगे" शीघ्र ही रीलीज़ के लिए तैयार है !

श्री ब्रह्म नन्द छिमवाल , गोपाल उप्रेती एव बदरी प्रसाद अन्थवाल जी इस फ़िल्म के निर्माता है !

फ़िल्म की कहानी अन्य फिल्मो के तरह साधारण न होकर, पहाडी लोगो की पहचान एव अस्थिस्तव की कहानी है! उत्तराखंडवासियो ने देश के कितना बलिदान दिया है और इसके विकास मे हम लोगो का क्या योगदान रहा है, यह फ़िल्म इसका परिचय देती है !  इस फ़िल्म का थीम इतना जबरदस्त है और कहानी इनती दुम्दार है की विभन्न महान हस्तिया स्वतः इसके साथ जुड़ने के लिए लालायित हुए है ! उनमे के प्रमुख है !

  1)   फ़िल्म के निर्माता ब्रह्म नन्द छिमवाल
  २)   प0 राजेंद्र प्रसन्ना
  ३)   प्रेम मटियानी

फ़िल्म के निर्माता

निर्माता  ब्रह्म नन्द छिमवाल पेशे से एक नामी ( अर्चितेक्ट)   एव बिल्डर है जिनका नाम हिन्दुस्तान के बड़े - २ Architect  मे शामिल है लेकिन ख़ास यह है की उन्हें अपने जमीन एव संस्कृति से बहुत प्यार है ! यही कारण है कि उन्होंने ने निस्वार्थ इस फ़िल्म के लिया २० लाख रुपया खर्च किया है !

फ़िल्म के संगीतकार

प0 राजेंद्र प्रसन्ना एक विश्व स्तर के ख्याति प्राप्ति music director  है! जिन्हें कई प्रुस्कारो के नवाजा गया है ! जिनमे से सन् २००४ मे संगीत कि दुनिया का सर्वश्रेष्ट अवार्ड " ग्राम्ही अवार्ड " से भी प्रुस्कृत किया जा चुका है ! इसके अलावा प्रसन्ना जी को यू0 एन0 ओ0  हेड  quater  ( US) मे भारत के आजादी के ५० वी वर्षगाठ के अवसर पर वासुरी के रंग बिखेरने के लिए आमंत्रित किया गया ! इस समारोह मे मुख्य अतिथि थे अमेरिका के तट कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन एव भारत के तत्कालीन  राष्ट्रपति श्री शंखर दयाल शर्मा !

प्रेम मटियानी जी संगीत एव नाटक प्रभाग ( सूचना एव प्रसारण मंत्रालय ) के भूतपूर्व निर्देशक है जो एक समय पूना फ़िल्म institute के निर्देशक भी रह चुके है ! इस फ़िल्म का शीर्षक गीत . .उत्तराखंड महान ..... उन्ही के द्वारा गया है !

फ़िल्म से माध्यम से यह सिद्ध करने का प्रयास किया गया है कि पहाड़ के लोगो अपनी ईमानदारी, कर्तवनिष्ठा एव स्वाभिमान के लिए ही जाने ही जाने जाते है ! और यही कारण है कि गैर पहाडी समाज जाना गया ! यही कारण है उन्हें आदर कि दृष्टि के देखेते है !



इस फ़िल्म का संगीत अत्यन्त सुरीला है और फिल्माकन हिन्दी फिल्मो के मुकाबले का है ! लोक कला एव आधुनिकता का सामंजस्य देखते है बनता है !

लेकिन हमे और क्या करना है और कैसे उत्तराखंड को हिंदुस्तान के मानचित्र पर highlight  किया जा सकता है ! यह जानने के लिया इस फ़िल्म को देखना चाहिए !

There are several reputed people are connected with this film. Movie must be watached.