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Famous Shiv Temples In Uttarakhand - उत्तराखंड मे महादेव के प्रसिद्ध मन्दिर

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, July 27, 2008, 08:37:15 PM

Gourav Pandey

नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश

कहा जाता है कि भगवान शिव ने इसी स्थान पर समुद्र मंथन से निकला विष ग्रहण किया गया था।
उसी समय उनकी पत्नी, पार्वती ने उनका गला दबाया जिससे कि विष उनके पेट तक नहीं पहुंचे।
इस तरह, विष उनके गले में बनारहा। विषपान के बाद विष के प्रभाव से उनका गला नीला पड़ गया था।

गला नीला पड़ने के कारण ही उन्हें नीलकंठ नाम से जाना गया था।
अत्यन्त प्रभावशाली यह मंदिर भगवान शिव कोसमर्पित है।
मंदिर परिसर में पानी का एक झरना है जहाँ भक्तगण मंदिर के दर्शन करने से पहले स्नान करते हैं।

नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश से लगभग 5500 फीट की ऊँचाई पर स्वर्ग आश्रम की पहाड़ी की चोटी पर स्थित है।
मुनी की रेती से नीलकंठ महादेव मंदिर सड़क मार्ग से 50 किलोमिटर और नाव द्वारा गंगा पार करने पर
25 किलोमिटर की दूरी पर स्थित है।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


यहां हैं भगवान शिव के लाखों शिवलिंग

शिव भक्तों के आस्था का केंद्र लाखामंडल (Uttarkashi) मंदिर
पूरे वर्ष शिव भक्तों से गुलजार रहता है.
दरअसल, यहां पांडव कालीन समय के लाखों
शिवलिंग आज भी मौजूद हैं. देहरादून से 120 किमी
की दूरी पर स्थित इस मंदिर में श्रावण मास के शुरू होते
ही बड़ी संख्या में शिव भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू
  हो जाता है. यहां पांडवकालीन प्राचीन शिव मंदिर में स्थापित
विशेष शिवलिंग सभी की आस्था का केन्द्र बना रहता है.

विनोद सिंह गढ़िया

भगवान बागनाथ जी का पौराणिक मन्दिर।



Bagnath Temple -Bageshwar

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Chandrashekhar Chauhan 
Pandav Temples near Rudranath temple.......

Rudranath.......Panch Kedar me se ek........jaha Shiv ke Mukh ki pooja hoti hai......darshan hote hain.......jal nahi chadaya jata hai.....!!!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं, वन्दे जगत्कारणम् l
वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं, वन्दे पशूनां पतिम् ll
वन्दे सूर्य शशांक वह्नि नयनं, वन्दे मुकुन्दप्रियम् l
वन्दे भक्त जनाश्रयं च वरदं, वन्दे शिवंशंकरम् ll
ॐ नम: शिवाय: ॐ नम: शिवाय:
<> भोलेनाथ हर-हर महादे

Quote from: विनोद सिंह गढ़िया on August 01, 2013, 02:17:18 PM
भगवान बागनाथ जी का पौराणिक मन्दिर।



Bagnath Temple -Bageshwar

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Uttarakhand Tourism नीलकंठ महादेव मंदिर
ऋषिकेश के सबसे पूज्य
मंदिरों में से एक है।

कहा जाता है कि भगवान
शिव
ने इसी स्थान पर समुद्र मंथन
से निकला विष ग्रहण
किया गया था। उसी समय
उनकी पत्नी,
पार्वती ने
उनका गला दबाया जिससे
कि विष उनके पेट तक
नहीं पहुंचे। इस तरह,
विष उनके गले में बना रहा।

विषपान के बाद विष के
प्रभाव से
उनका गला नीला पड़
गया था।
गला नीला पड़ने के कारण
ही उन्हें नीलकंठ नाम से
जाना गया था।
अत्यन्त प्रभावशाली यह
मंदिर भगवान शिव
को समर्पित है।

मंदिर परिसर में
पानी का एक झरना है
जहाँ भक्तगण मंदिर के दर्शन
करने से पहले स्नान करते हैं......नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश के सबसे पूज्य मंदिरों में से एक है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने इसी स्थान पर समुद्र मंथन से निकला विष ग्रहण किया गया था। उसी समय उनकी पत्नी, पार्वती ने उनका गला दबाया जिससे कि विष उनके पेट तक नहीं पहुंचे। इस तरह, विष उनके गले में बना रहा। विषपान के बाद विष के प्रभाव से उनका गला नीला पड़ गया था। गला नीला पड़ने के कारण ही उन्हें नीलकंठ नाम से जाना गया था। अत्यन्त प्रभावशाली यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर परिसर में पानी का एक झरना है जहाँ भक्तगण मंदिर के दर्शन करने से पहले स्नान करते हैं......

MANOJ BANGARI RAWAT

मटेला महादेव मंदिर
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रामनगर नैनीताल  से  १३७ किलोमीटर की दुरी पर बैजराव के निकट स्थित है हमारा  मटेला महादेव मंदिर
यहाँ पर दूधातोली नायर और पसोल नदी का अदभुद संगम है 

MANOJ BANGARI RAWAT

ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
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मटेलेस्वर महादेव मटेला (मल्ला)
पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड)
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ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ

MANOJ BANGARI RAWAT

हॅंसेस्वर महादेव
ग्राम    : पोखरी
ब्लाक : थैलीसैण
पौड़ी गढ़वाल

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Sidhi Vinayekswar Mahadev Temple

Village Jarti District Bageshwar Uttarakhand. There is temple dedicated to Lord Shiva is situated in the village jarti.