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उत्तराखंड पर लिखी गयी विभन्न किताबे - VARIOUS BOOKS WRITTEN ON UTTARAKHAND !

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 10, 2007, 01:34:03 PM








हेम पन्त

श्री चन्दन डांगी जी द्वारा लिखित "उत्तराखण्ड की प्रतिभायें" एक बहुत ही सुन्दर पुस्तक है. इसमें डांगी जी ने उत्तराखण्ड के लगभग ३०० ऐसे लोगों का जीवन परिचय दिया है जिन्होने संघर्ष से गुजरते हुए देश और विदेशों में उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया है. युवाओं के लिये यह बहुत ही प्रेरणादायक पुस्तक है..


हेम पन्त

मोहन उप्रेती जी पर श्री दिवान सिंह बजेली जी ने बहुत सुन्दर किताब लिखी है. यह किताब National School of Drama में उपलब्ध है.




मोहन उप्रेती जी निसंदेह उत्तराखण्डी संगीत के युगपुरुष थे. युवा मोहन उप्रेती कम्यूनिज्म से प्रेरित थे और कुमाऊं के संगीत से ज्यादा प्रभावित नहीं थे. उनकी जिन्दगी में एक महत्वपूर्ण मोड तब आया जब वो महान कम्यूनिस्ट नेता पी.सी. जोशी के साथ अल्मोडा जनपद के दूरस्थ इलाकों के पैदल भ्रंमण पर निकले थे. उस दौरान उन्हें लोकसंगीत के महान नायक मोहन सिंह रीठागाडी को सुनने का मौका मिला.

इस घटना ने मोहन उप्रेती जी को कुमाऊंनी लोक संगीत से इस प्रकार जोडा कि मोहन दा ने इसे पूरी दुनिया में मशहूर कर दिया.


हेम पन्त

अल्मोङा से गर्दिश में बचपन बिताने वाला एक बच्चा घर से भाग जाता है..और संघर्ष करते हुए इस दुनिया में खुद अपने लिये एक मंजिल तलाशता हुआ भारतीय रंगमंच में अपना नाम अमर कर जाता है.
श्री बृज मोहन शाह भारतीय रंगमंच में एक जाना पहचाना नाम हैं. वह National School of Drama के निदेशक पर भी काम कर चुके थे.


उनके नाट्यशिल्प व उनसे सम्बन्धित संस्मरणों पर National School of Drama द्वारा यह पुस्तक प्रकाशित की गयी है..