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Madho Singh Bhandari - A Warrior Hero - माधो सिंह भंडारी - एक बीर योद्धा

Started by Mukesh Joshi, September 06, 2008, 04:13:07 PM

Devbhoomi,Uttarakhand

  माधोसिंह के पद चिह्नों पर चलें


   

कीर्तिनगर, जागरण कार्यालय: विकासखंड के ऐतिहासिक गांव मलेथा में 16वीं सदी के वीर  शिरोमणी माधो सिंह भंडारी स्मृति में आयोजित मेला बुधवार को शुरू हो गया। गांव व आस-पास के क्षेत्र के लोगों के द्वारा मंगलवार की रात्रि को माधो सिंह भंडारी की त्याग व बलिदान की याद तरोताजा करने वाली सुरंग के ऊपर बना उनके स्मारक पर रात्रि जागरण व नौबत कार्यक्रम आयोजित किया गया।

बुधबार को स्मारक स्थल से माधोसिंह व उनके पुत्र वीर सिंह तथा इष्ट देवता गुरू माणिकनाथ घुड़ सवार होकर विशेष पोशाक में अपने सैनिकों के साथ झाकी के रूप में मेला स्थल पर पहुंचे। मेला स्थल पर पहुंचने के बाद मेले के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष ई.रतन सिंह गुनसोला ने दीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया।

इस मौके पर अध्यक्ष गुनसोला ने कहा कि माधोसिंह भंडारी के जैसे त्याग व बलिदान की भावना अगर हर व्यक्ति के अन्दर हो तो देश व राज्य  संपन्न व विकसित देश बन सकता है। उन्होंने कहा कि हमें शिरोमणी माधोसिंह भडारी के पद चिन्हों पर चलकर राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए। गुनसोला ने कहा कि माधोसिंह ने अपने क्षेत्र की उन्नति के लिए अपने पुत्र तक का बलिदान दे दिया था उनकी इस त्याग व बलिदान की भावना का आज भी उनकी बनाई सुरंग प्रत्यक्ष गवाह है।

गुनसोला ने इस मौके पर गुनसोला हाइड्रो पॉवर जनरेशन प्रा.लि. की ओर से मेला समिति को मंच बनाने के लिए पांच लाख व जिला पंचायत की ओर से फलदार वृक्षों के रोपण के लिए एक लाख देने की घोषणा की।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों के लिए यह फल पट्टी भी एक मार्गदर्शन बनेगी। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य अतर सिंह असवाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल बुटोला, नगर पंचायत अध्यक्ष विजयराम गोदियाल, जिपं सदस्य अनिता देवी, क्षेपं शशीकला रतकली,ग्राम प्रधान सीता देवी,मेला समिति के बीर सिंह नेगी, सोनू राणा,रणबीर राणा, भूपति सिंह व सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने आये प्राथमिक विद्यालय व कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय मलेथा की छात्राएं मौजूद थे।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7135420.html
   


Ajay Rawat

जाखी जी और मेहता जी आपका विचार और जानकारी जो आपने माधोसिंह भंडारी जी के बारे मैं दी बहुत अछी लगी,माधोसिंह तो थे ही वीर पुरुष पर धन्य है वो माता उदीना जो  अपने बेटे की बलि देने के लिए राजी हो गई थी ..सत सत नमन उस वीर माता को   

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Himalayan Warrior /पहाड़ी योद्धा


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त्याग और बलिदान का दिया संदेश


त्याग व बलिदान की प्रतिमूर्ति वीर शिरोमणि माधो सिंह भडारी स्मृति मेले के दूसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में माधो सिंह के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका आकर्षण का केंद्र रही।
हर साल की भांति इस साल भी प्रखंड मुख्यालय के ग्राम सभा मलेथा में वीर शिरोमणी माधोसिंह भंडारी की स्मृति में आयोजित तीन दिवसीय मेले के दूसरे दिन मंगलवार को लिए माधो सिंह भंडारी के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका लोगों को त्याग व बलिदान का संदेश दे गई।

इस मौके पर कलाकारों ने माधो सिंह भंडारी के जीवन पर आधारित नाटिका के माध्यम से भंडारी की वीरता के कारनामों की जानकारी दी। माधो सिंह भंडारी की कर्म स्थली मलेथा गांव मे आयोजित होने वाले इस मेले में दूर-दराज गांवों से सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने उनकी प्रतिमा के दर्शन किए।

इस मौके पर शीशपाल राणा, प्रधान सीता देवी, शशी रतकली, रघुबीर सिंह नेगी, सत्यनारायण सेमवाल, दुर्गा देवी, यशोदा देवी, मीना, शूरवीर बिष्ट, सोहन सिंह रतकली, हरी सिह, कमल रावत, मुकेश राणा, बीर सिंह रावत व कलाकारों में प्रताप बैजवाड़ी, सीमा, अर्जुन, शिवानी, बीर सिंह, मुकेश, धनबीर, राहुल आदि मौजूद थे।