• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Hill Jatra - हिल जात्रा

Started by पंकज सिंह महर, August 25, 2008, 10:26:35 AM

Rajen


पंकज सिंह महर

उत्तराखण्ड में विशेषकर पिथौरागढ़ जनपद में भाद्रपद मास की सप्तमी को गमरा (पार्वती) तथा अष्टमी को महेशर (महादेव शिव) के पुतलों को गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से गांव में लाया जाता है। ३-४ दिन प्रतिदिन शाम को ग्रामवासी खेल (झोड़े का एक रुप) लगाते हैं और गमरा और महेशर की आराधना करते हैं। उसके बाद इन पुतलों को स्थानीय मन्दिर में सिला (विसर्जित) दिया जाता है और उसके बाद गांव में हिलजात्रा का आयोजन होता है।

इस चित्र में महिलायें गमरा और महेशर को सिलाने मंदिर में ले जा रही हैं।





पंकज सिंह महर


यहां पर गमरा और महेशर को विसर्जित कर अगले वर्ष जल्दी आने और गांव की खुशहाली की कामना गाकर की जा रही है।

पंकज सिंह महर


यह दृश्य इस वर्ष की कुमौड़ गांव की हिलजात्रा के हैं। इसमें दो लोग बैल और एक हलिया का प्रतीक रुप हैं। इसे कृषि पर्व भी माना जा सकता है।

पंकज सिंह महर


यह बैल हिलजात्रा का मुख्य आकर्षण होता है, क्योंकि यह मरकव्वा (मारने वाला) बल्द है, यह कभी भी किसी को भी मारने चला जाता है, जिससे हास्य का भी पुट उत्पन्न होता है।

पंकज सिंह महर


हिलजात्रा देखने के लिये पूरा गांव उमड़ पड़ता है।

Devbhoomi,Uttarakhand

JAI HO HILL YAATRA, ITS REALY GRATE TO KNOW ABOUGHT HILL YATRA


THANKS MAHER JI

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Hill Jaat Photo by the Artiest of Navodya Parvateey Kala Kendra Artiest.