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Identify Songs From Its Mid Lines - गाने की बीच की लाइन से गाने को पहचानो

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, September 23, 2008, 01:21:14 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


अब इस गाने की लाइन को पूरा करे

बीडी को बंडल हो भानु बीडी को बंडल
पौडी बाटी छूती जाछो गरवाल मंडल .

हेम पन्त

ये अनिल बिष्ट जी का सुपरहिट गाने का अन्तरा है

ऐजा है भानुमती पाबौ बजार
सचि त्वै हुणि मैं ल्युलो हे कुर्ता सुलार...

Quote from: एम् एस मेहता /M S Mehta on September 25, 2008, 12:43:52 PM

अब इस गाने की लाइन को पूरा करे

बीडी को बंडल हो भानु बीडी को बंडल
पौडी बाटी छूती जाछो गरवाल मंडल .

Mukesh Joshi

Quote from: H.Pant on September 24, 2008, 05:10:05 PM
शायद उपरोक्त गीत का मुखङा यह है...

फ्योली ज्वान ह्वैगे...



सर
ये घरजवै फ़िल्म का गाना है
रूम झुमा -रूम -झुमा हुवे-2
बरखा झुकी ऐगे ,डांडीयू कुयडी छै गे हाई रूम झुमा
रूम झुमा -रूम -झुमा हुवे-2

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Quote from: mukesh joshi on September 24, 2008, 05:05:33 PM
मन भिजी गे तन भिजी गे
हय गोरु बदन भिजिगे
जवानी की झक- झोरी म छोरी फ्योली जन तू खिलिगे
मन मगन हवे  तन   अगन लेगे हवे ....




जोशी जी ठीक कह रहे है....

यह घर जवाई फ़िल्म का गाना है :

बरखा झुकी येगे दंदु कुरेदी छाये गे
रूम झुमा ..२ ... २
रुमा झुमा .झुमा ..

मन भिजी गे तन भिजी गे
हय गोरु बदन भिजिगे
जवानी की झक- झोरी म छोरी फ्योली जन तू खिलिगे
मन मगन हवे  तन   अगन लेगे हवे ....

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


इस लाइन को देखिये !

ऋतू वा की भांगी भानी
गरमी चैत की
याद मैके बहुत आगे अपुन
मैत की


हेम पन्त

अरे आप मजाक कर रहे हो क्या... ये तो सब लोगो को पता होगा

घुघुति नि बास
आम की डाई मां, घुघुति नि बास

Quote from: एम् एस मेहता /M S Mehta on September 26, 2008, 10:33:56 AM

इस लाइन को देखिये !

ऋतू वा की भांगी भानी
गरमी चैत की
याद मैके बहुत आगे अपुन
मैत की



हेम पन्त

अब इन पंक्तियों का मुखङा बतायें...

घुघुति की घूर-घूर, कोयल की बोलि दाज्यू
दुश्मन लङै में आलो, मारि दिया गोलि दाज्यू..


Mukesh Joshi

Quote from: H.Pant on September 26, 2008, 10:40:44 AM
अब इन पंक्तियों का मुखङा बतायें...

घुघुति की घूर-घूर, कोयल की बोलि दाज्यू
दुश्मन लङै में आलो, मारि दिया गोलि दाज्यू..


i think lalit mohan joshi
door badi door brfilo dana  leh ldakh

हेम पन्त

मुकेश भाई बिल्कुल सही जवाब!

Quote from: mukesh joshi on September 26, 2008, 10:49:59 AM
Quote from: H.Pant on September 26, 2008, 10:40:44 AM
अब इन पंक्तियों का मुखङा बतायें...

घुघुति की घूर-घूर, कोयल की बोलि दाज्यू
दुश्मन लङै में आलो, मारि दिया गोलि दाज्यू..


  i think lalit mohan joshi
door badi door brfilo dana  leh ldakh

Mukesh Joshi

अब इन पंक्तियों का मुखङा बतायें...

रांका बाली-बाली काली रात निभियाणी, मेरी रात निभियाणी
उसी का बुन्दुल छूछी तीस नी जाणी, मेरी तीस नी जाणी
15 -25 दिन सदनी नी रो दा ........................