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What You Like/Dislike In Albulms - उत्तराखंडी एल्बम जो आपको अच्छी लगी/नहीं लगी

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, March 25, 2009, 04:06:07 PM

Devbhoomi,Uttarakhand

नेगी जी ने इस गीत में प्यार का वर्णन किया है की किसकी माया ज्यादा है नेगी जी के  इन बोलों मैं ओ मिठास है जिसको सुनकर ,दो दिलों की तार झनझनाते है , यही है दो दिलों की दास्तान ,इन बोलों को अपने सुरीली आवाज दी है नरेंद्र सिंह नेगी और रेखा धस्माना ने


हे गंगा जी की औन्त हे गंगा जी की औन्त ,
कैकी माया घनाघौर ,तराजू  न तौली लेण
कैकी माया भौत तराजू न तौली लेण हो

हे झंगौरा की घाण, जैकी माया घनघोर ,
अंखियों मा पछाण, जैकी माया घनाघौर हो


हे सड़कों का घूमा ,हे सड़कों का घूमा
सदानी नि रेंदू सुवा ,सदानी नि रेंदू सुवा

जवानी की धुमा , सदानी नि रेंदुं सुवा हो
भैरा रींगी भैराक भैरा रींगी भैराक
तरूणी उमर सुवा ,बथोंसी  हराक, तरूणी उमर सुवा हो



हे घुघूती कु घुला , घुघूती कु घोला
मनखी माटु हेवे जांदू रही जांदा बोल , मनखी माटु हेवे जांदू हो

हे गौडी कु मखानम हे गौडी कु मखान
दुनिया न मरी जाण दुनिया न मरी जाण
क्या लिजाण यखान दुनिया न मरी जाण हो


हे गंगाजी की औन्त , कैकी माया घनाघौर तराजू न तौली लेन कैकी माया भौत
तराजू न तौली लेन



यम यस जाखी

Devbhoomi,Uttarakhand

बारह साल के बाद जब बीरू लौटा तो उसने एक जोगी का वेष धारण किया और गांव में प्रवेश किया. उसका इरादा अपनी स्त्री के पतिव्रत की परीक्षा लेने का था. खेतों में काम करती हुई अपनी पत्नी को देख कर जोगी रूपी बीरु बोला-

http://www.youtube.com/watch?v=N5ICwMjeG8U&feature=channel_page

बाटा गौङाइ कख तेरो गौं च?
बोल बौराणि क्या तेरो नौं च?
घाम दुपरि अब होइ ऐगे, एकुलि नारि तू खेतों मां रैगे....

जोगी- खेत गोङने वाली हे रूपमती! तुम्हारा नाम क्या है? तुम्हारा गांव कौन सा है? ऐसी भरी दुपहरी में तुम अकेले खेतों में काम कर रही हो.

रामी- हे बटोही जोगी! तू यह जानकर क्या करेगा? लम्बे समय से परदेश में रह रहे मेरे पतिदेव की कोई खबर नहीं है, तू अगर सच्चा जोगी है तो यह बता कि वो कब वापस आयेंगे?

जोगी- मैं एक सिद्ध जोगी हूँ, तुम्हारे सभी प्रश्नों का उत्तर दूंगा. पहले तुम अपना पता बताओ.

रामी- मैं रावतों की बेटी हूँ. मेरा नाम रामी है. पाली के सेठों की बहू हूँ , मेरे श्वसुर जी का देहान्त हो गया है सास घर पर हैं. मेरे पति मेरी कम उम्र में ही मुझे छोङ कर परदेश काम करने गये थे.12 साल से उनकी कोई कुशल-क्षेम नहीं मिली.

जोगी रूपी बीरु ने रामी की परीक्षा लेनी चाही.

जोगी- अरे ऐसे पति का क्या मोह करना जिसने इतने लम्बे समय तक तुम्हारी कोई खोज-खबर नहीं ली. आओ तुम और मैं खेत के किनारे बुँरांश के पेङ की छांव में बैठ कर बातें करेंगे.

रामी- हे जोगी तू कपटी है तेरे मन में खोट है. तू कैसी बातें कर रहा है? अब ऐसी बात मत दुहराना.

जोगी- मैं सही कह रहा हूँ, तुमने अपनी यौवनावस्था के महत्वपूर्ण दिन तो उसके इन्तजार में व्यर्थ गुजार दिये, साथ बैठ कर बातें करने में क्या बुराई है?

देवतों को चौरों, माया को मैं भूखों छौं
परदेSSशि भौंरों, रंगिलो जोगि छों
सिन्दूर कि डब्बि, सिन्दूर कि डब्बि,
ग्यान ध्यान भुलि जौंलो, त्वै ने भूलो कब्बि
परदेSSशि भौंरों, रंगिलो जोगि छों

रामी- धूर्त! तू अपनी बहनों को अपने साथ बैठा. मैं पतिव्रता नारी हूँ, मुझे कमजोर समझने की भूल मत कर. अब चुपचाप अपना रास्ता देख वरना मेरे मुँह से बहुत गन्दी गालियां सुनने को मिलेंगी.

ऐसी बातें सुन कर जोगी आगे बढ कर गांव में पहुँचा. उसने दूर से ही अपना घर देखा तो उसकी आंखें भर आयी. उसकी माँ आंगन की सफाई कर रही थी. इस लम्बे अन्तराल में वैधव्य व बेटे के शोक से माँ के चेहरे पर वृद्धावस्था हावी हो गयी थी. जोगी रूप में ही बीरु माँ के पास पहुँचा और भिक्षा के लिये पुकार लगायी."अलख-निरंजन"

बाटा गोड़ाई, कख तेरु गौं च,
बोल बौराणी क्य तेरू नौ च ।

रौतों की नौनी च , पाली गौं च -रौतों की नौनी च , पाली गौं च,
सेठों की ब्वारी छौं रामी नौं च -सेठों की ब्वारी छौं रामी नौं च।

http://www.youtube.com/watch?v=iTpeLDJXjqU&feature=channel_page


Devbhoomi,Uttarakhand

ऐसी बातें सुन कर जोगी आगे बढ कर गांव में पहुँचा. उसने दूर से ही अपना घर देखा तो उसकी आंखें भर आयी. उसकी माँ आंगन की सफाई कर रही थी. इस लम्बे अन्तराल में वैधव्य व बेटे के शोक से माँ के चेहरे पर वृद्धावस्था हावी हो गयी थी. जोगी रूप में ही बीरु माँ के पास पहुँचा और भिक्षा के लिये पुकार लगायी."अलख-निरंजन"

http://www.youtube.com/watch?v=KXfims_reko&feature=channel_page

कागज पत्री सबनां बांचे, करम नां बांचे कै ना
धर्म का सच्चा जग वाला ते, अमर जगत में ह्वै ना.
हो माता जोगि तै भिक्षा दे दे, तेरो सवाल बतालो....

वृद्ध आंखें अपने पुत्र को पहचान नहीं पाई. माँ घर के अन्दर से कुछ अनाज निकाल कर जोगी को देने के लिये लाई.

जोगी- हे माता! ये अन्न-धन मेरे किस काम का है? मैं दो दिन से भूखा हूँ,मुझे खाना बना कर खिलाओ. यही मेरी भिक्षा होगी.

तब तक रामी भी खेतों का काम खतम करके घर वापस आयी. उस जोगी को अपने घर के आंगन में बैठा देख कर रामी को गुस्सा आ गया.

रामी- अरे कपटी जोगी! तू मेरे घर तक भी पहुँच गया. चल यहाँ से भाग जा वरना.....

आंगन में शोर सुन कर रामी की सास बाहर आयी. रामी अब भी जोगी पर बरस रही थी.

सास- बहू! तू ये क्या कर रही है? घर पर आये अतिथि से क्या ऐसे बात की जाती है? चल तू अन्दर जा.
रामी- आप इस कपटी का असली रूप नहीं पहचानती. यह साधू के वेश में एक कुटिल आदमी है.

सास- तू अन्दर जा कर खाना बना. हे जोगी जी! आप इसकी बात का बुरा न माने, पति के वियोग में इसका दिमाग खराब हो गया है.

रामी ने अन्दर जा कर खाना बनाया और उसकी सास ने मालू के पत्ते में रख कर खाना साधु को परोसा.

मालू का पात मां धरि भात, इन खाणा मां नि लौन्दु हाथ...
रामि का स्वामि की थालि मांज, ल्याला भात में तब खोलों भात..

जोगी- ये क्या? मुझे क्या तुमने ऐरा-गैरा समझ रखा है? मैं पत्ते में दिये गये खाने को तो हाथ भी नहीं लगाउंगा. मुझे रामी के पति बीरु की थाली में खाना परोसो.

Kamalmehta

Hi,
MS Mehta I really surprised that our culture has been improving  through your website you promoted in good time of peace. This is also a milestone of our Kumaoni film

I also produced a  film Cheli(Kumaoni Feature film) & this Kumoni film is the first one when i produced as Uttarakhand begins his part alone from UP.  In my future i hope to make such kind of Kumaoni film to promote our culture to show the world our strength.

Thanks & Regards

Kamal Mehta
Producer, Director & Cinematographer
Mumbai
Mob: 09892128910
 

Quote from: एम.एस. मेहता /M S Mehta on March 25, 2009, 04:06:07 PM

Dosto,

Time to time, we recieve feedback on Uttarkahandi Music  Album / Film which peopleliked or disliked. In some cases, people also give suggestion on improvements areas of any film / album.

Such feedbacks will definetely give a chance to the film makers to look into the improvements areas for next project.

Members can give feedback on any Uttarakhandi Music Album / Film so that we so this thread to who are into the music field.

Please feel free to give genuine feedback on your liking / disliking of any Movie / Album.

Regards,

M S Mehta   


Devbhoomi,Uttarakhand


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



Thanks a lot Daju for appreciating us.

With co-operation from all of you, we will continue to do this work even in future. 



Quote from: Kamalmehta on April 28, 2009, 07:07:09 PM
Hi,
MS Mehta I really surprised that our culture has been improving  through your website you promoted in good time of peace. This is also a milestone of our Kumaoni film

I also produced a  film Cheli(Kumaoni Feature film) & this Kumoni film is the first one when i produced as Uttarakhand begins his part alone from UP.  In my future i hope to make such kind of Kumaoni film to promote our culture to show the world our strength.

Thanks & Regards

Kamal Mehta
Producer, Director & Cinematographer
Mumbai
Mob: 09892128910
 

Quote from: एम.एस. मेहता /M S Mehta on March 25, 2009, 04:06:07 PM

Dosto,

Time to time, we recieve feedback on Uttarkahandi Music  Album / Film which peopleliked or disliked. In some cases, people also give suggestion on improvements areas of any film / album.

Such feedbacks will definetely give a chance to the film makers to look into the improvements areas for next project.

Members can give feedback on any Uttarakhandi Music Album / Film so that we so this thread to who are into the music field.

Please feel free to give genuine feedback on your liking / disliking of any Movie / Album.

Regards,

M S Mehta   


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Risky Pathak

I saw 'Kumauni Sholay' movie 3 yrs back.
Well it was a good movie attacking different development issues in Uttarakhand in humorous way.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

 
फौजी जगमोहन दिगारी का यह गाना, बहुत लोक प्रिय है,

भावना तेरी याद याद एगे
तयार बिना प्राण दुखी गे
मी दिल्ली शहर रेगियो
तू पिथोरागढ़ रे गे !

कोरस
भावना पिथोरागढ़ की
प्रीत तवील जहाँ दुखाये


[youtube]http://www.youtube.com/watch?v=M6gPT9YFPSo

This song has full combination of folk as well as new experiment