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Holy Rivers Of Uttarakhand - उत्तराखंड की पवित्र नदिया

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 16, 2007, 04:49:22 PM

Devbhoomi,Uttarakhand


Devbhoomi,Uttarakhand

Kali River: The Kali River originates from the Greater Himalayas at Kalapaani at an altitude of 3600 m, in the Pithoragarh District of Uttarakhand, India. The river is named after the Goddess Kali whose temple is situated in Kalapaani near the Lipu-Lekh pass at the border between India and Tibet. On its upper course, this river forms India's continuous eastern boundary with Nepal.


Devbhoomi,Uttarakhand


Devbhoomi,Uttarakhand

सरयू तट पर लगा श्रद्धालुओं का तांता
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श्रावण माह के सोमवार को बागनाथ मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। इससे पूर्व उन्होंने सरयू तट में स्नान किया। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने घरों में भी शिवार्चन किया।

सोमवार को सुबह से ही बागनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। श्रद्धालुओं ने सरयू तट में स्नान कर बागनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया व पूजा अर्चना की। इसके अलावा कई श्रद्धालुओं ने घरों में शिवार्चन भी किया।

इसके अलावा नगर के नीलेश्वर मंदिर आदि मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। उधर गरुड़ के शिव पार्वती मंदिर समेत दिव्येश्वर, चक्रवृक्तेश्वर, प्रकटेश्वर मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कौसानी के पिनाकेश्वर मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही।

Dainik jagran

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

 उत्तराखंड की प्रमुख नदियाँ  भागीरथीभागीरथीहिमालय पर्वतमाला को विश्व का उत्तम जल स्तम्भ कहा जाता है। हिमालय से पिघलते बर्फ से कई निरन्तर बहती नदियों का जन्म हुआ है जिन पर मानव जीवन निर्भर है। हिमालय में बर्फवारी अक्टूबर से अप्रैल तक होती है, जबकि जनवरी- फरवरी में अधिकतम बर्फ गिरती है। चौखम्भा शिखर के उत्तरी-पश्चिमी भाग पर स्थित गंगोत्री हिमशिखर की 4000 मी0 ऊँचाई पर गौमुख से भगीरथी नदी का उद्गम हुआ है।
 
भगीरथी    नदी की एक सहायक नदी भिलंगना का उद्गम टिहरी गढ़वाल में घुत्तू के उत्तर में खत्लिंग हिमशिखर से हुआ है।
 
अलकनंदा    नदी का उद्गम एक छोटी नदी के रूप में बद्रीनाथ के उत्तर में हिमखण्ड से होता है जो चौखम्भा शिखर के आधार पर है।
 
विष्णुगंगा    नदी का समायोजन अलकनंदा नदी में विष्णुप्रयाग में हुआ है।
 
भ्युन्दर नदी    (ध्वल गंगा) जो अलकनंदा की सहायक नदी है, कामत हिमशिखर के पूर्व से निकली है।
 
पिंडर    नदी पिंडारी हिमखण्ड से निकलती है तथा कर्णप्रयाग में अलकनंदा नदी में मिलती है।
 
धौलीगंगा    नदी, जो अलकनंदा की सहायक नदी है, गढ़वाल और तिब्बत के बीच नीति दर्रे से निकली है। इसमें कई अन्य छोटी नदियॉं मिलती है जैसे - पर्ला, कामत, जैन्ती, अमृतगंगा तथा गिर्थी नदियॉ।
 
अमृतगंगा    नदी कागभुसंड शिखर के बनकुण्ड हिमखण्ड से निकली है।
 
दूधगंगा    नदी कालापानी हिमखण्ड से निकली है।
 
मंदाकिनी नदी केदारनाथ क्षेत्र में 3800 मी0 ऊँचाई पर सतोपंथ तथा खरक हिम खण्डों से निकली है, तथा बाद में रूद्रप्रयाग के पास अलकनंदा नदी में मिल जाती है।केदारनाथ में मंदाकिनीकेदारनाथ में मंदाकिनी भण्डाल    नदी एक वर्षा पर आधारित नदी है तथा देहरादून घाटी में सोंग नदी में मिल जाती है।
 
बिन्दाल    नदी प्राकृतिक स्रोतों से बनी है तथा मसूरी के आधार से निकलती है।
 
देवप्रयाग में भगीरथी तथा अलकनन्दा के संगम से गंगा    नदी बनती है।
 
यमुना     नदी हिमालय की बन्दरपूछॅ चोटी के आधार पर यमुनोत्री हिमखण्ड से निकली है।
 
टोंस    नदी हर-की-दून घाटी से निकलती है तथा कालसी में यमुना नदी में मिलती है।
 
सोंग    नदी दून घाटी के मध्यपूर्वी भाग के पानी को लेकर बनी है तथा ऋषिकेश व हरिद्वार के बीच गंगा में मिलती है।
 
काली    नदी या कालीगंगा का जलागम पूर्वी कुमाऊँ व पश्चिमी नेपाल क्षेत्र है। इसकी सहायक नदियॉं है धोलीगंगा (पूर्वोत्तर कुमाऊँ गोरी गंगा (उत्तर-मध्य कुमाऊँ), सरजू तथा लधिया नदियॉं है।
 
धौलीगंगा नदी पिथौरागढ़ में काली नदी की सहायक नदी है।
 
गोला    नदी प्राकृतिक स्रोतों द्वारा बनी कुमाऊँ की तलहटी में एक छोटी नदी है, जिसका जलागम शिवालिक पर्वतों पर हल्द्वानी शहर का पूर्वी भाग है।
 
रामगंगा    नदी का जलागम क्षेत्र दक्षिण-पश्चिमी कुमाऊँ है। यह नदी मैदानी क्षेत्र में कालागढ़ पहुँचती है तथा बाद में कन्नौज के पास गंगा नदी में मिलती है।
 
कोसी    नदी प्राकृतिक जल स्रोतों से बनी है तथा अल्मोड़ा के पास से निकलती है।
 
जाह्नवी    नदी उत्तरकाशी के पास भगीरथी नदी में मिलती है।
 
नन्दाकिनी     नदी नन्द प्रयाग के पास अलकनन्दा नदी में मिलती है।
 
रामगंगा    (सरजू) नदी सरजू नदी की एक सहायक नदी है जो काली नदी में मिल जाती है। यह नदी गढ़वाल व कुमाऊँ के मध्य दक्षिण-पूर्वी ढाल पर छोटे से हिमखण्ड से निकली है।
 
भगीरथी   , अलकनन्दा    एवं गंगा    की मुख्य सहायक नदियॉं
 
भगीरथी --- जाह्नवी (उत्तरकाशी) + भिलंगना (टिहरी) अलकनन्दा --- मंदाकिनी (केदारनाथ) + पिंडर (कर्णप्रयाग) + नन्दाकिनी (नन्दप्रयाग) + धौलीगंगा गंगा --- भगीरथी + अलकनन्दा (देवप्रयाग)
 
भागीरथी, अलकनन्दा एवं गंगा का संगम

भागीरथी, अलकनन्दा एवं गंगा का संगम

 
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Devbhoomi,Uttarakhand


Devbhoomi,Uttarakhand

गंगा भागीरथी का आंचल मलबे से मैला हो रहा है। विभिन्न निर्माण कार्यो में मानकों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने में मलबा भागीरथी में उड़ेला जा रहा है। इसके चलते वन संपदा को नुकसान पहुंचने के साथ ही नदी के तट खतरे के मुहाने बन गये हैं।

गंगोत्री धाम से ही गंगा भागीरथी के तटों पर मलबा उड़ेला जा रहा है। सड़क, पुल या भवन हर तरह के निर्माण में जमीन खोदकर मलबे को सुरक्षित स्थान पर डंप करने के नियमों की इस अनदेखी से नदी तट बुरी तरह मलबे की चपेट में हैं। सबसे ज्यादा समस्या सड़कों के बेतरतीब निर्माण से हो रही है। हर निर्माण कार्य के लिये कागजों में डंपिंग जोन तो बनाए गये हैं, लेकिन सड़कों को हर वक्त खुला रखने की आड़ में धरातल पर इनका उपयोग नहीं किया जा रहा है।

मलबा उड़ेलने की प्रक्रिया में वन संपदा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है। वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई न होने से यह चलन बीते दो साल में बढ़ गया है। इस स्थिति के कारण नदी तटों से लगी सड़कें भूस्खलन की चपेट में आ रही हैं। वहीं मलबे के ढेर तटवर्ती इलाकों में भूकटाव के साथ ही खतरे का सबब भी बने हुए हैं।


source dainik jagran



Devbhoomi,Uttarakhand

स्पर्श गंगा के तहत नदी तटों की सफाई

एनएसएस स्वयंसेवियों ने चलाया सफाई अभियान, कूूड़ा निकाला

श्रीनगर। स्पर्श गंगा अभियान के तहत हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि के बिड़ला परिसर, राजकीय इंटर कालेज श्रीनगर और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की एनएसएस इकाई के स्वंयसेवियों ने अलकनंदा नदी किनारे सघन सफाई अभियान चलाया। इस मौके पर स्वयंसेवियों ने नगर क्षेत्र में रैली निकालकर लोगों को पॉलीथिन उन्मूलन को लेकर जागरूक भी किया। आयोजन में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डा. एससी सती, डा. आरएस फर्त्याल, डा. नितिन सती, सुमन लता पंवार, कमली बिष्ट, डा. मनीष उनियाल, डा. प्रभा तिवारी, डा. अनीता सती, डा. सरला सकलानी, मुकेश काला आदि ने सहयोग दिया।
राजकीय महाविद्यालय
नई टिहरी में राष्ट्रीय सेवा योजना के एक दिवसीय शिविर में स्वयं सेवियों को स्पर्श गंगा अभियान की जानकारी दी गई। इसके बाद स्वयं सेवियों ने सफाई अभियान चलाया। उधर, राजकीय प्रताप इंटर कालेज मोलधार के एनएसएस स्वयं सेवियों ने स्पर्श गंगा अभियान के तहत मोलधार से बौराड़ी तक जागरूकता रैली निकालकर सफाई अभियान चलाया। बालगंगा महाविद्यालय, केमरा और लाटा चमियाला के छात्र-छात्राओं ने स्पर्श गंगा अभियान के तहत रैली निकालकर लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया। साथ ही बेलेश्वर में स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। इस मौके पर डा.रेखा बहुुगुणा, उत्तम सिंह कोहली, राममिलन और कमलेश्वर पैन्यूली ने विचार रखे। संस्कृत महाविद्यालय


जोशीमठ के राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के दौरान शिविरार्थियों ने नगर के मनोहर बाग वार्ड एवं तहसील क्षेत्र मे स्वच्छता अभियान चलाया।श्री बदरीनाथ वेदंाग संस्कृत महाविद्यालय के शिविर के दौरान जहां पहले सत्र में नगर के विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई और सायंकालीन दूसरे सत्र मे स्वयंसेवियों को योग एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं।

बौद्धिक सत्र में राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.केकेएस नेगी ने आग से बचाव की जानकारी दी। राजकीय महाविद्यालय लंबगांव एनएसएस इकाई का नौघर गांव में सात दिवसीय विशेष शिविर रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हो गया। मुख्य अतिथि एसबीआई के शाखा प्रबंधक मेद सिंह मौजूद थे। कार्यक्रम अधिकारी डा.एबी दुबे ने सात दिनों तक चले शिविर की प्रगति आख्या पढ़कर सुनाई।


राइंका कीर्तिनगर के एनएसएस स्वंयसेवियों ने अलकनंदा नदी किनारे स्वच्छता अभियान चलाया। प्रधानाचार्य पीएस पुंडीर, एचएम रतूड़ी, डीएस नेगी आदि ने गंगा की स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई। राजकीय इंटर कालेज हिसरियाखाल के स्वंयसेवियों ने प्रधानाचार्य पीआर भट्ट, हरेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में सफाई अभियान चलाया गया।

भागीरथी तटों से कचरा नष्ट किया



उत्तरकाशी। राजकीय पॉलिटेक्निक के एनएसएस स्वयंसेवी छात्रों ने स्पर्श गंगा अभियान के तहत नगर क्षेत्र में गंगा, भागीरथी के तटों पर सफाई अभियान चलाकर बड़े पैमाने पर कचरा नष्ट किया।
जल स्रोतों की सफाई की

कर्णप्रयाग/नारायणबगड़/थराली/देवाल। स्पर्श गंगा अभियान के तहत शनिवार को जीजीआईसी की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवियों ने स्वच्छता कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिसर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक रैली निकाली।
श्रीगर में स्पर्श गंगा अभियान के तहत सफाई अभियान चलातीं एनएसएस की छात्राएं।



Source amarujala