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Apna Uttarakhand: Uttarakhand Encyclopedia - अपना उत्तराखण्ड

Started by पंकज सिंह महर, April 30, 2009, 05:25:55 PM

kdeep25


हेम पन्त

नेगी जी के दो और गाने www.apnauttarakhand.com पर

इखि ई पिरथिमा ए ही जलम मां, देखि त छै च कख देखि होलि
सुपिन्यु ह्वे होलु, कि बैम रे होलु

www.apnauttarakhand.com/ikhi-ee-prithima-ikhi-jalam-ma-love-song-n-s-negi
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साँस छिन आस-औलाद तुमारि, हमारि डाळि झम्म

www.apnauttarakhand.com/sans-chhan-aas-aulad-hamari-narendra-singh-negi/

पंकज सिंह महर

अपना उत्तराखंड में एक नया लेख पढ़ें
बोला भै-बन्धु तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेणुं च
उत्तराखण्ड राज्य प्राप्ति के लिये उत्तराखण्ड के लोगों ने लगभग 50 साल तक संघर्ष किया और एक बड़े अहिंसक आन्दोलन के फलस्वरूप अलग राज्य का निर्माण हुआ। पृथक राज्य निर्माण की मांग पीछे लोगों की यह अपेक्षाएं थी कि अपना राज्य और अपना शासन होगा तो दुश्वारियां कुछ कम होंगी और सामान्य जनता की इच्छानुसार एक आदर्श राज्य की स्थापना होगी। पृथक राज्य बनाने के उद्देश्य को लेकर लड़ रहे समाज में हर तबके की अपनी-अपनी प्राथमिकतायें और अपेक्षायें थीं। उसी दौर में नेगी जी ने यह गाना लिखा, इस गाने में नरेन्द्र सिंह नेगी जी ने उत्तराखण्ड की महिलाओं, बुजुर्गो और बच्चों, आदि समाज के हर तबके से यह सवाल पूछा है कि तुम्हें कैसा उत्तराखण्ड चाहिये?

सत्यदेव सिंह नेगी

दर्द नासूर बना दिया नेताओं ने पर्वतीय राज्य और राजधानी मैंदान में

Harish Rawat


Devbhoomi,Uttarakhand

अनिल जी बहुत ही महत्वपूरण जानकारी दी है आपने इसके लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद

हेम पन्त

तेरि पीड़ा मां दुई आंसू मेरा भी तोड़ि जाला पिड़ा ना लुकेई..

www.ApnaUttarakhand.com पर नेगी जी की आवाज में एक और जादुई गाना...

जरूर सुनें... शब्दार्थ और बोलों के साथ--

http://www.apnauttarakhand.com/teri-pida-ma-dui-aansu-mera-bhi-todi-jala-narendra-singh-negi-anuradha-nirala/

Anil Arya / अनिल आर्य

Quote from: Anil Arya on November 19, 2010, 10:30:48 PM
उत्तराखंड मै भारत का सबसे बढ़ा ओप्टिकल टेलिस्कोप

आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञानं शोध संस्थान द्वारा दो  ओप्टिकल टेलिस्कोप नैनीताल से 55 किलोमीटर दूर देवस्थल मैं स्थापित किये जा रहे हैं. देवस्थल ग्राम कुलौरी पोस्ट गुनियालेख जिला नैनीताल उत्तराखंड मै स्थित है.

एक टेलिस्कोप जिसका aperture 1.3 मीटर है, स्थापित किया जा चुका है. देवस्थल समुद्र सतह से 2450 मीटर ऊपर स्थित है. अपनी विशिष्ट भोगोलिक स्थिति के कारण देवस्थल और आधुनिक तकनीक से बने इस टेलिस्कोप से कुछ ऐसा संयोग  बना है कि इससे अंतरिक्ष की बहुत साफ़ तस्वीरें मिल रही है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अपनी भोगोलिक स्थिति के कारण चिली और स्पेन के बाद देवस्थल  बिष्व मै तीसरे नंबर की बढ़िया स्थान वाली वेधशाला बन गई है यहाँ से आकाश का एक बहुत बढ़ा भाग तो नजर आता ही है साथ ही यहाँ Sunny Days की संख्या भी अपेक्षा से अधिक है. इसके अलावा यहाँ हवा का बहाव तथा दबाव कुछ ऐसा है जो  अंतरिक्ष की  तस्वीरें लेने के लिए सहायक है इस प्रकार  देवस्थल बिष्व की तीसरे नंबर की बढ़िया स्थान वाली वेधशाला है.

दूसरे टेलिस्कोप का  aperture 3.6 मीटर है. यह  टेलिस्कोप आधुनिक रूप से निर्मित भवन मैं स्थापित किया जा रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह टेलिस्कोप सन 2012 तक कार्य करना शुरू कर देगा. इसके बाद यह भारत का सबसे बड़ा   टेलिस्कोप बन जायेगा. आकार के आधार पर लामोस्ट,  चीन के बाद यह एशिया का दूसरा सबसे बड़ा  ओप्टिकल टेलिस्कोप होगा.

My Village

हेम पन्त