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Race For Chair - क्या ऐसे ही होगा उत्तराखंड राज्य का सपना साकार?

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, June 25, 2009, 04:14:34 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

From: "Devendra Singh Soun" <devendra@expressionspr.com>
To: A Community of Uttarakhand Lovers <members@apnauttarakhand.com>
Date: Fri, 26 Jun 2009 10:51:02 +0530 (IST)
Subject: Re: [Members-MeraPahad] WHERE THE DEVELOPMENT - ONLY RACE OF CHAIR
Dear M S Mehtaji,
I totally agree with you. stability is lacking in Uttarakhand Politics. The Brahmin-Thakur rivalry is taking us no where. Our politicians should think in a broader prospective.


Regards,
Devendra Singh

हुक्का बू

तुम सब ठैरे पागल,
    अरेऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ ऐसे ही होगा उत्तराखण्ड का भला....थ्वाड़ डीपली किला नी सोचते हो? हैं.....?
क्यों ऐल तलक पांच सी०एम० बन गये, उनका भला हुआ ही ठैरा।
३०-४० मंत्री बन गये, उनका भला हुआ ही ठैरा।
३०+७०+१+७०+१ विधायक बने ठैरे, उनका भला ही हुआ ठैरा।
५०+३५०+८५ दर्जाधारी बने, उनका विकास हुआ ठैरा।
इसी के बीच में ५००-६०० दलाल और १०००-१५०० चमचों का भला हुआ ही ठैरा।
आब गिणो तो कतुक हुये टोटल हो गये २७७८ मतलब लगभग ३००० लोग।

इतने लोगों का भला हुआ तो तुमारे आंखों में क्यों बुड़ रहा है रे.... हैं।
आब क्या चिताते हो? सबका भला हो जाय...क्यो हो जाय, किया क्या है इन्होंने...आन्दोलन...क्यों किया फिर? किसी ने घर आकर बुलाया थोड़े ही क्या था.....अपने आप चले थे उत्तराखण्ड बनेगा तो भला होगा करके.....अब सबका थोड़ी हो जायेगा पैं, इतने लोगों का हुआ कम है क्या, धीरे-धीरे सबका होगा, इतुक अताश, बौल्याट करने की क्या जरुरत है?

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Agree with you Bubu ji.

Has anybody ever tried know about the personal property of these Ministers. All of them have Hotels, Colleges and other business. Before coming to the politics, they were common man like us. Now thier personal property has increased manifold. How this mircle has taken, from where the money came. ????

Quote from: हुक्का बू on June 26, 2009, 11:18:39 AM
तुम सब ठैरे पागल,
    अरेऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ ऐसे ही होगा उत्तराखण्ड का भला....थ्वाड़ डीपली किला नी सोचते हो? हैं.....?
क्यों ऐल तलक पांच सी०एम० बन गये, उनका भला हुआ ही ठैरा।
३०-४० मंत्री बन गये, उनका भला हुआ ही ठैरा।
३०+७०+१+७०+१ विधायक बने ठैरे, उनका भला ही हुआ ठैरा।
५०+३५०+८५ दर्जाधारी बने, उनका विकास हुआ ठैरा।
इसी के बीच में ५००-६०० दलाल और १०००-१५०० चमचों का भला हुआ ही ठैरा।
आब गिणो तो कतुक हुये टोटल हो गये २७७८ मतलब लगभग ३००० लोग।

इतने लोगों का भला हुआ तो तुमारे आंखों में क्यों बुड़ रहा है रे.... हैं।
आब क्या चिताते हो? सबका भला हो जाय...क्यो हो जाय, किया क्या है इन्होंने...आन्दोलन...क्यों किया फिर? किसी ने घर आकर बुलाया थोड़े ही क्या था.....अपने आप चले थे उत्तराखण्ड बनेगा तो भला होगा करके.....अब सबका थोड़ी हो जायेगा पैं, इतने लोगों का हुआ कम है क्या, धीरे-धीरे सबका होगा, इतुक अताश, बौल्याट करने की क्या जरुरत है?

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


One of the most crucial issue of shifting of Capital could never be limelight during these 8 yrs. After submitting the report by the Commission, the Govt is still hesitating in making it public.

It seems that this issue has been sidelined and there is only race of chair of CM.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

fromk.k pande <pandekk@gmail.com>
reply-tokumaoni-garhwali@yahoogroups.com

tokumaoni-garhwali@yahoogroups.com

dateFri, Jun 26, 2009 at 9:19 AM
subjectRe: [Kumauni-Garhwali] Where is the Developement - Only race for the chair
mailing list<kumaoni-garhwali.yahoogroups.com> Filter messages from this mailing list
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I agree with Mr Mehta the state has only been after the chair and no benefit to the state till date.
We need to change track else this also becomes a problem state for the country
KKPANDE

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Forwarded message ----------
From: Sher singh Negi <ssnegichd@yahoo.in>
To: A Community of Uttarakhand Lovers <members@apnauttarakhand.com>
Date: Sat, 27 Jun 2009 14:12:05 +0530 (IST)
Subject: Re: [Members-MeraPahad] WHERE THE DEVELOPMENT - ONLY RACE OF CHAIR
Dear Mr.Mehta,
                       You are very much right that after lots sacrification we got the state,but nothing better has been done by Politicians.This time there was no need to change the C..M.We must thanks to Atalji and pray for his good health.Today We known as Uttanchali wordwide,people respect us as Uttanchali in hole of the world.

Thanks & Regards
S.S.Negi.                 

hem

उत्तरांचल में भी वही सब हो रहा है जो अन्य राज्यों में हो रहा है. उतरांचल के राजनैतिक कर्णधार भी अन्य राजनेताओं की तरह भ्रष्ट हैं. केवल  मुख्य मंत्री बदलने से समस्या का हल नहीं निकलता. हाँ उत्ताराखंड आन्दोलन की तरह का  कोई जन  आन्दोलन  कुछ सीमा तक प्रभावी हो सकता है.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


I belive Uttarakhand made progress only on changing CM during these 8 1/2 yrs ?


हेम पन्त

क्या बुबू इतने सयाने आदमी होकर ऐसी बात कर दी आपने.. अरे इन 3000 लोगों की तो उप्र के जमाने में भी ऐश ही थी. हमारा दर्द तो उन लोगों के लिये है जो चमोली, उत्तरकाशी के दूरस्थ इलाकों में रहते हैं. धारचूला, मुन्स्यारी, दानपुर की ऊंचाइयों पर रहते हैं और चम्पावत जिले में काली गंगा के किनारे नेपाल बोर्डर में रहते हैं. उनकी जिन्दगी तो अब भी वैसी ही है जैसी उप्र के जमाने में थी. उत्तराखण्ड की हालत और भी बदतर हो गई है कहो.

बिजली "कठ्याङ" आती नही है, सुनने वाला कोई नहीं. राशन और सिलेण्डरों की कालाबाजारी हो रही है देखने वाला कोई नहीं. कर्मचारी हङताल में मस्त हैं, जंगलों में लगी आग बारिश से बुझ रही है. उद्योग-धन्धे वाले अपनी जेब भरकर भागने के चक्कर में हैं कोई खबर नहीं ले रहा है. पहाङों में हृदय विदारक अपराध हो रहे हैं, उन्हें कौन रोकेगा? आज भी सीमान्त जिले बारिश के समय 3-4 दिन तक Road Block  के कारण disconnected रहते हैं, ऐसे कैसे चलेगा?

अब तो भाजपा के नेताओं को विकास की तरफ़ ध्यान देना चाहिये, गुटबाजी पर नहीं.       
Quote from: हुक्का बू on June 26, 2009, 11:18:39 AM
तुम सब ठैरे पागल,
    अरेऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ ऐसे ही होगा उत्तराखण्ड का भला....थ्वाड़ डीपली किला नी सोचते हो? हैं.....?
क्यों ऐल तलक पांच सी०एम० बन गये, उनका भला हुआ ही ठैरा।
३०-४० मंत्री बन गये, उनका भला हुआ ही ठैरा।
३०+७०+१+७०+१ विधायक बने ठैरे, उनका भला ही हुआ ठैरा।
५०+३५०+८५ दर्जाधारी बने, उनका विकास हुआ ठैरा।
इसी के बीच में ५००-६०० दलाल और १०००-१५०० चमचों का भला हुआ ही ठैरा।
आब गिणो तो कतुक हुये टोटल हो गये २७७८ मतलब लगभग ३००० लोग।

इतने लोगों का भला हुआ तो तुमारे आंखों में क्यों बुड़ रहा है रे.... हैं।

Rajen

यार बुबू, बात तो आप ठीक ही कह रहे हो फिर.  अब सोचो तो हमारे  गौं - घर में भी एक लौर में बैठ कर जब डेड़-दो सौ लोग दाल भात खाते हैं तो किसी को दाल कम मिली, किसी को सब्जी और किसी बिचारे को तो  रैत - खटाई भी नहीं मिलती और देखो जो सबसे आगे बैठा और जो बांटने वाले का ख़ास है उसे तो महाराज खूब माल मिलेगा ही मिलेगा. उसकी तकदीर ठैरी हो. ऐसा ही ठैरा यहाँ भी.  अब ये लोग आपकी बात कहाँ समझाने वाले ठैरे फिर बस रट लगा देने वाले ठैरे कि सब का ध्यान रखो, सबका ध्यान रखो.    ;D :D ;D


Quote from: हुक्का बू on June 26, 2009, 11:18:39 AM
तुम सब ठैरे पागल,
    अरेऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ ऐसे ही होगा उत्तराखण्ड का भला....थ्वाड़ डीपली किला नी सोचते हो? हैं.....?
क्यों ऐल तलक पांच सी०एम० बन गये, उनका भला हुआ ही ठैरा।
३०-४० मंत्री बन गये, उनका भला हुआ ही ठैरा।
३०+७०+१+७०+१ विधायक बने ठैरे, उनका भला ही हुआ ठैरा।
५०+३५०+८५ दर्जाधारी बने, उनका विकास हुआ ठैरा।
इसी के बीच में ५००-६०० दलाल और १०००-१५०० चमचों का भला हुआ ही ठैरा।
आब गिणो तो कतुक हुये टोटल हो गये २७७८ मतलब लगभग ३००० लोग।

इतने लोगों का भला हुआ तो तुमारे आंखों में क्यों बुड़ रहा है रे.... हैं।
आब क्या चिताते हो? सबका भला हो जाय...क्यो हो जाय, किया क्या है इन्होंने...आन्दोलन...क्यों किया फिर? किसी ने घर आकर बुलाया थोड़े ही क्या था.....अपने आप चले थे उत्तराखण्ड बनेगा तो भला होगा करके.....अब सबका थोड़ी हो जायेगा पैं, इतने लोगों का हुआ कम है क्या, धीरे-धीरे सबका होगा, इतुक अताश, बौल्याट करने की क्या जरुरत है?