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Nick Names Of Places - उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों एव विशेष व्यकित्यो के उप नाम

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, July 31, 2009, 02:17:46 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dwarahaat - Mandiro Ki Nagari
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Dwarahaat - This place is in Almora Distt ahead of Ranikhet area. There are many things famous about this area. One is famous fair "Bikhoti", on which a poular song has also been made "Oh Bhina Kasi Ke jaano Dwarahaata, Hit Saai Kautik Janu Dwarahaat".

Secondly, there are many temples in this area which had been during the Katyuri empire that is why this place is also known as "MANDIRO KI NAGARI":[/b]

खीमसिंह रावत


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


RANGEELI, NAKURI
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The entire area of Reema area of Bageshwar Distt is also known as "Rangeeli Nakuri". This area village like Reema, Dyali, Bafila Gaav, Papoli, Pachar etc comes.

Nanda Devi fair held in Saneti every year and night fair in very three year. This has also great cultural heritage specially Jhoda. 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


PREETAM BHARATWAN KNOWN AS = JAGAR SAMRAT
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Famous Folk Singer Preetam Bharatwan who has released number of Albums on Jagar is also popularly known as "Jagar Samrat".

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


MOHAN SINGH BORA - PAPULARLY KNOWN AS MOHAN SINGH "REETHA-GADI"
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मोहन सिंह रीठागाड़ी का पूरा नाम मोहन सिंह बोरा था, "रीठागाड़ी"  उनका उपनाम था। मोहन रीठागाड़ी जी का जन्म 1905 में ग्राम-धपना, शेराघाट, पिथौरागढ़ में हुआ था, प्रसिद्ध संस्कृति कर्मी मोहन उप्रेती जी इन्हें अपना गुरु मानते थे।

Devbhoomi,Uttarakhand


Devbhoomi,Uttarakhand

पहाडों की रानी मसूरी (queen of hill)

कायर्टन स्थल मसूरी अन्य हिल स्टेशनों से भिन्न है क्योंकि यहां एक ओर बर्फ की सफेद चादर ओत्रढे भव्य हिमालय का्रहरी की तरह खत्रडा है तो दूसरी ओर मैदानों में शीतलता का संचार करती हुई गंगा मंथर गति से बह रही है। मसूरी समुद्र तल से लगभग 6,500 फुट ऊंचाई कार स्थित है। काहात्रडों की रानी मसूरी के नजारों में जरूर कुछ बात है तभी तो यहां हर साल लाखों की संख्या में कायर्टक आते हैं खासकर हनीमून मनाने जाने वाले लोगों के लिए तो यह कासंदीदा जगह है।
गनहिल मसूरी की दूसरे नंबर की सर्वाधिक ऊंची चोटी है। काुराने दिनों में समय का काता लगाने के लिए दोकाहर को ठीक बारह बजे इस काहात्रडी कार रखी तोका दागी जाती थी। कुछ समय के बाद तोका हटा ली जाती गई, तब से इसका नाम गनहिल कात्रड गया। रोकावे से गनहिल काहुंचने का मजा सचमुच रोमांचक है। गनहिल में जहां एक ओर विशाल हिमालय की दूर-दूर तक फैली सफेद झिलमिलाती चोटियां दिखाई कात्रडती हैं वहीं दूसरी ओर दून घाटी की बिखरी कात्रडी अद्भुत सुंदरता का नजारा देखने को मिलता है।
कैमल्स बैक रोत्रड भी देखने योग्य जगह है। यह सत्रडक घुत्रडसवारी व सैर करने के लिए बहुत अच्छी है। कैमल्स बैक का यह रास्ता कुलरी स्थित रिंक हाल से शुरू होकर लाइब्रेरी बाजार कार खत्म होता है। इस रास्ते कार काहात्रडी का आकार कुछ-कुछ ऊंट की काीठ की भांति दिखाई देता है। इसलिए इस सत्रडक का नाम कैमल्स रोत्रड कात्रड गया। यहां की खास बात यह है कि काूरे रास्ते में जगह-जगह कार थकान मिटाने तथा का्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने के लिए हवा घर बने हुए हैं।
लंढोर बाजार मसूरी के सर्वका्रथम निर्मित 'मुलिंगार भवन' से शुरू होकर लंढोर के घंटाघर कार खत्म होता है। एक मील लंबा यह बाजार काुराने समय की शान लिए हुए है। इस बाजार में कहीं तो आयातित सामान की दुकानें दिखाई देती हैं तो कहीं विशुध्द भारतीय सभ्यता की गाथा कहती साधारण दुकानें हैं।



Devbhoomi,Uttarakhand