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VOCABULARY OF KUMAONI-GARHWALI WORDS-कुमाऊंनी-गढ़वाली शब्द भण्डार

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, August 11, 2009, 10:40:53 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Prakash Chandra Upadhyay
April 27 at 6:42pm
नमस्कार,
हमरि बोलि में एक शब्द छु "पट्ट"। य शब्दक हमर वां अर्थ छु *बंद या बिलकुल खत्म* लेकिन येई शब्द क्वे और शब्दुक आघिल या पिछिल लागि जाओ तो य कसिक आपुण् अर्थ बदलों जरा देखो हाँ:-
1. आघिल लगाण पर- अर्थ है जां *जल्दी*
क्वे काम है कौय जब् पट्ट ना।
म्यर जात्ते ही पट्ट द्वार ढक दी।
2. पिछिल लागण पर - अर्थ है जां* भोत्ते*
लालपट्ट, अंह्यारपट्ट, मिठपट्ट,
अरड़पट्ट
3. पिछिल लागण पर - अर्थ है जां
*भौत कम*
बिमारी में सुकिलपट्ट
चिंता में कावपट्ट
4. हिंदी में - जिमि जो काम करी जाँ
सूचना-पट्ट, रंग-पट्ट
य अलावा और कत्तुक जगां के येक उल्ट अर्थ ले हुनी :-
ख़ुशी में रात में - उनर घर उज्यावपट्ट ह गो।
गम में दिन में - उनर घर अंह्यारपट्ट ह गो।
भूल चूक माफ़ करिया। भौत बढ़िया कुमैं नि लिख सकन। धन्यवाद।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Chhaya Ghildiyal
April 26 at 1:16pm
कुमाऊंनी में कूदने के लिए दो शब्दों का प्रयोग किया जाता है ........
फटक मारन/फाव मारन
जब हम कम ऊंचाई से कूदते हैं तो कहते हैं .....फटक मारन और
जब अधिक ऊंचाई से कूदते हैं तो कहते हैं ....फाव मारन
........................................................
अपण अपण वाक्य बणैबैर अंतर स्पष्ट करो धैं☺

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Chhaya Ghildiyal

शब्द युग्म .....कुछ शब्द जोड़ों में प्रयोग किए जाते हैं उन्हे शब्द युग्म कहते हैं।कभी कभी उनमें से एक शब्द सार्थक होता है और दूसरा निरर्थक लेकिन वह भी शब्द युग्म को पूर्णता प्रदान करता है ......
1....अंखर-पंखर......अंग -प्रत्यंग
2...अगड़ा-अगाड़....भाग -दौड़
3...उत्तै-बित्तै........आपत्ति -विपत्ति
4...उटंग-विटंग....तरह-तरह के
5....कटाक-भटाक...चोट
6....कनै-मनै....समझा बुझा कर
7...कत्तर-मत्तर....छोटे छोटे टुकड़े
8....खंड-मंड....पूरी तरह नष्ट करना
9....खुचुर-पुचुर...लगातार कुछ न कुछ करते रहना
10....खुदर-बुदर.....इधर -उधर करना........
आप भी जोड़िए☺
10...

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Pratibha Bisht Adhikari

आओ रे ! नान्तिनों
रोचक विधिल शब्द सीखनु-
जब तुम घुमावदार मोड़ों पना आपु कार या बस / गाडी में भैटछा और गाड़ी ' उकाव ' हूँ जै तो उ बखत कैक-कैक कें उखाव ऊनि ? :) :)
[ उकाव , उखाव ]

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

"गिज्या"   - दाँत दिखाकर चिढ़ाना ।
गिज्याये  - चिढ़ाना

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

जड़-कन्जड़--मुख्य बात दगै और लै असम्बन्धित बात पुछण।
छेद भेद--बातूं कें घुमै फिरै बै क्वे मुख्य बातक राज निकावण।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

झुल्यौर - लौकी कद्दू आदि सब्जियो के अन्दर का कोमल भाग ।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

कुमाऊनी शब्दकोष ~
कुछ कुमाऊँनी क्रिया शब्द
( एक प्रयास न्यूनताओं पर सुधार आपेक्षित )
१. अलबलाट :- जल्दीबाजी
२. इतराट      :- ओछापन
३. कचकचाट :- व्यर्थ बोलना
४. कुकाट      :- बहुत ज्यादा बोलना
५. खितखिताट :- जोर से हँसना
६. चिचाट         :- डर कर चिल्लाना
७. चिङचिङाट  :- व्यर्थ का क्रोध
८. छलबलाट    :- इतराना
९. टिटाट।        :- जोर-जोर से रोना
१०. टपटपाट    :- लगातार टपकना/कुछ खाने की लगातार इच्छा होना
११. तरतराट     :- लगातार एक धारा के रूप में बहना
१२. थरथराट     :- डर/कमजोरी के कारण पाँव काँपना
१३. दल्दिराट     :- दरिद्रता प्रकट करना
१४. धकधकाट   :- डरना
१५. नौराट         :- कराहना
१६. बलबलाट    :- उच्छृखलता
१७. बिलबिलाट  :- दर्द के कारण रोना
१८. भिभाट        :- जोर-जोर से रोना
१९. भुभाट         :- जोर की आवाज
२०. मचमचाट     :- मन्द स्वर में लगातार बोलना
२१. मणमणाट    :- लगातार बोलना
२२. सकपकाट    :- घबराजाना
२३. सकसकाट    :- अधिक रोने के कारण साँस लेने में दिक्कत होना
२४. सुसाट          :- हवा चलने की आवाज
२५. लटपटाट       :- समय बर्बाद करना
२६. लरबराट।      :- हङबङी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Vinod Pant

जब हम आग जलूनू तो आग क आसपास काल रंग दीवार में . छत में . और रोट पकूण में तौय ( तवा ) में लागि जां . हिन्दी में जछैं कूनी - कालिख
पर पहाड़ी में तैक लिजी अलग अलग शब्द छन -
मोस
झाव
ध्वांस
के और के कूनी तुमार तरफ तो बताओ धें ..

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Mridula Joshi

पहाड़ि में मस्त विशेषण शब्दन् कैं पट्ट लगै बेर इस्तेमाल करी जां। जैक मतलब भौत् ज्यादा,सब,बिलकुल ल्ही जां। जसि....
अरड़पट्ट...बहुत ठन्डा
खरड़पट्ट...,खड़पट्ट.......सब खतम
..खन्यार पट्ट.,..बिलकुल खन्डहर
कालपट्ट.....भौत काल(एसिकै सबै रंग)
अन्यार पट्ट....बिलकुल अन्धेरा
गिलपट्ट.....एकदम गीला.
चुपड़पट्ट..... एकदम चिकना
मुख में एतुकै ऊणईं.,आघिल् हूँ लेखनै रौ पै!