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Take Pledge 4 Zero Tolerance to Corruption-किसी भी भ्रष्टाचार को ना सहने की शपथ

Started by Uttarakhand Admin, August 27, 2009, 12:51:10 PM

Manoj Sharma

दोस्तों मुझे बड़ी ख़ुशी है की आप सब लोग भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ हो और उसके प्रति शपथ ले रहे हो, लेकिन मैं एक बात आप सब से जानना चाहता हूँ की आप भ्रष्टाचार का मतलब क्या मानते हैं, क्या भ्रष्टाचार का मतलब है की किसी को गलत काम करने से रोकना?
क्या आप तैयार हैं कि अपने किसी काम के लिए किसी को पैंसे देने से अपने आप को रोकेंगे?
क्या  आप अपने किसी खास आदमी को लाभ दिलाने या उसकी वजह से लाभ प्राप्त करने कि चेष्टा नहीं करेंगे?
अगर आप उच्च पदों पर है और आपका कोई जानकर आपसे कोई लाभ चाहता है, आप क्या करेंगे?
अगर आपको कोई पुलिस वाला पकड़ता है आप उसको १०० रुपये देकर अपना पीछा छोड़ना चाहेंगे या अपनी गलती न करने पर केस  लड़ने  को तैयार  रहेंगे?.

दोस्तों और भी बहुत सी बातें है जिनको हमें समझना होगा कि भ्रष्टाचार के अंगर्गत क्या चीज आती है, अगर आप अपने को इन चीजों अलगं है कर पाते है तो फिर शपथ लेना ठीक है अन्यथा ब्यर्थ है.

Devbhoomi,Uttarakhand

Quote from: Manoj Sharma on August 31, 2009, 03:10:25 PM
दोस्तों मुझे बड़ी ख़ुशी है की आप सब लोग भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ हो और उसके प्रति शपथ ले रहे हो, लेकिन मैं एक बात आप सब से जानना चाहता हूँ की आप भ्रष्टाचार का मतलब क्या मानते हैं, क्या भ्रष्टाचार का मतलब है की किसी को गलत काम करने से रोकना?
क्या आप तैयार हैं कि अपने किसी काम के लिए किसी को पैंसे देने से अपने आप को रोकेंगे?
क्या  आप अपने किसी खास आदमी को लाभ दिलाने या उसकी वजह से लाभ प्राप्त करने कि चेष्टा नहीं करेंगे?
अगर आप उच्च पदों पर है और आपका कोई जानकर आपसे कोई लाभ चाहता है, आप क्या करेंगे?
अगर आपको कोई पुलिस वाला पकड़ता है आप उसको १०० रुपये देकर अपना पीछा छोड़ना चाहेंगे या अपनी गलती न करने पर केस  लड़ने  को तैयार  रहेंगे?.

दोस्तों और भी बहुत सी बातें है जिनको हमें समझना होगा कि भ्रष्टाचार के अंगर्गत क्या चीज आती है, अगर आप अपने को इन चीजों अलगं है कर पाते है तो फिर शपथ लेना ठीक है अन्यथा ब्यर्थ है.




शर्मा जी पहले तो आपका फोरम स्वागत है,

मैं आपकी बात से सहमत हूँ ,लेकिन शर्माजी अगर आप या हम एक सच्चे नागरिक हैं तो हमें इन सब चीजों के बारे मैं मालूम होना चाहिए,
अगर हमको कोई पुलिस वाला पकड़ता है तो-आप सोचो पहले कि हम ऐसे काम ही क्यों करें कि कोई पुलिस वाला हमको पकडे
दूसरी बात आप का कहाँ बिकुल सही है कि कोई अपना जानपहचान वाला कोई उच् पद पर है और आप उसकी मदद लेना चाहते हैं तो ,आप उसे घूस (रिस्पत)दोगे तो फिर वो आपका या हमारा जान पहचान वाला कहाँ से हुवा ,वो तो फिर वही रिस्पत खोर है !

शर्माजी हम पूरी तरह से भ्रष्टाचार को खत्म नहीं कर सकते हैं लेकिन कोशिस तो कर सकतें हैं ,अगर कोई आपके सामने एके किसी गाँव वाले या दफ्तर वाले को परेशां कर रहा हो तो क्या आप उसकी मदद नहीं करोगे !
और शर्मा जी अगर आपको कभी मेरा मताभ है कि गाँव मैं आपको एक पत्र होता है जिसे मूलनिवास प्रमाण पत्र कहते हैं अगर आपको उसकी जरूरत पड़े ,तो आपको वो बनाना है तो गाँव मैं प्रधान जी के पास जावो तो वो भी एक दारु कि बोतल कि मांग करते हैं ,तो क्या आप प्रधान जी को दारु कि बोतल दे देंगे,

उसके बाद आपको छेत्र पंचायत मंत्री के पास जाना है, वो भी आपको कम से कम ५०० रूपये कि मांग करेगा तो क्या आप उसे दे दोगे नहीं,शर्माजी ,मेरे साथ भी यही हुआ है !
लेकिन मैंने उसे ५०० रुपये नहीं दिए और चार दिन के बाद उसने मेरा मूलनिवास प्रमाण पत्र प्रधानजी के पास भेज दिया था बस ये आपके ऊपर कि इन रिस्पत खोरों के साथ कैसा ब्यवहार करना है,

भ्रष्टाचार रोकने का मतलब ये नहीं कि आप बोदर पर जाकर आतंक्वादितों से लडो, भ्रष्टाचार का मतलब हमारे लिए यही कि प्रधान जी कि मांग थी दारू कि बोतल उसे रोको , ५०० रूपये कि मांग थी मंत्री जी कि उसे रोको जब हम इन छोटी छोटी घटनाओं को ध्यान मैं रखेंगे तभी हम भ्रस्ताचार कि खिलाफ कुछ कर सकतें हैं !

जय उत्तराखंड

Rajen

  मैं प्रतिज्ञा करता हूँ कि मैं किसी भी ऐसे कार्य में शामिल नहीं हूँगा जिससे भ्रष्टाचार को बढावा मिले.  मैं यह भी प्रतिज्ञा करता हूँ कि,  भ्रष्टाचार की जानकारी मिलने पर उसे सम्बंधित अधिकारी के संज्ञान में लाऊंगा.